{"_id":"627c119797f15a7ab7390928","slug":"health-badaun-news-bly4845232118","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज में हो सकेगा आंखों में भैंगेपन का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज में हो सकेगा आंखों में भैंगेपन का इलाज
विज्ञापन
राजकीय मेडिकल कॉलेज में आंख के भैंगेपन का किया गया इलाज। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब तक मोतियाबिंद का इलाज होता था। अब कॉलेज में आंखों के भैंगेपन समेत अन्य बीमारियों का भी इलाज संभव हो गया है। बुधवार को बरेली निवासी एक युवती की आखों में भैंगापन का ऑपरेशन यहां किया गया।
जिले के लोगों को अब आंखों से संबंधित होने वाली बीमारियों के इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि यहां नेत्र रोग विभाग में मोतियाबिंद ऑपरेशन के साथ-साथ आंखों में भैंगापन, गिरी पलक, कालापानी (ग्लूकोमा), आंखों के कैंसर संबंधित गंभीर बीमारियों का इलाज भी संभव है।
नेत्र रोग सर्जन विभागाध्यक्ष डॉ. अमृता बाजपेयी व डॉ. राजेश ने अपनी टीम के साथ बुधवार को बरेली निवासी तृषा के आंखों में भैंगेपन का इलाज किया। इससे पहले सहसवान निवासी मनीष की गिरी पलकों का इलाज भी किया गया है। इस संबंध में प्राचार्य ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में लोगों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। अब जिले के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अन्य जनपद जाने की जरूरत नहीं होगी। आगे भी कई रोगों का इलाज यहां संभव हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के लोगों को अब आंखों से संबंधित होने वाली बीमारियों के इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि यहां नेत्र रोग विभाग में मोतियाबिंद ऑपरेशन के साथ-साथ आंखों में भैंगापन, गिरी पलक, कालापानी (ग्लूकोमा), आंखों के कैंसर संबंधित गंभीर बीमारियों का इलाज भी संभव है।
विज्ञापन
नेत्र रोग सर्जन विभागाध्यक्ष डॉ. अमृता बाजपेयी व डॉ. राजेश ने अपनी टीम के साथ बुधवार को बरेली निवासी तृषा के आंखों में भैंगेपन का इलाज किया। इससे पहले सहसवान निवासी मनीष की गिरी पलकों का इलाज भी किया गया है। इस संबंध में प्राचार्य ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में लोगों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। अब जिले के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अन्य जनपद जाने की जरूरत नहीं होगी। आगे भी कई रोगों का इलाज यहां संभव हो सकेगा।
विज्ञापन