{"_id":"626fea368a1dc0614d615356","slug":"health-badaun-news-bly483461332","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य अधिकारियों का एप पर उपस्थिति दर्ज कराने से इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य अधिकारियों का एप पर उपस्थिति दर्ज कराने से इनकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने एप पर उपस्थिति दर्ज करने का विरोध शुरू कर दिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ ) संघ के पदाधिकारियों ने मिशन के निदेशक की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। बोले- एप से उपस्थिति पर अफसर अगर इतने ही गंभीर हैं तो अन्य की उपस्थिति भी ऐसे ही दर्ज कराई जाए।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ की बैठक जिलाध्यक्ष उमेश यादव और जिला महामंत्री हिमालय कुमार की मौजूदगी में हुई। महामंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पूरे प्रदेश में सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं। अधिकारियों का सीएचओ के प्रति रवैया ठीक नहीं है। उन्हें किसी भी प्रकार को कोई भुगतान कई महीनों से नहीं किया गया। नए सिरे से परेशान करने के लिए एप से उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश कर दिया गया है। जबकि योजना से जुड़े अन्य कर्मियों और अस्पतालों के कर्मचारियों को अभी तक इस दायरे में नहीं लाया गया है। अफसरों को एप अगर लाभकारी दिख रहा है तो अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति भी उसी से दर्ज करानी चाहिए।
महामंत्री के मुताबिक- सीएचओ संघ की ओर से प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव और मिशन के निदेशक को भी अवगत करा दिया गया है। उच्च स्तर से कोई निर्णय होने तक सीएचओ कहीं पर एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे। इधर, चिकित्साधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि उझानी क्षेत्र में 10 सीएचओ हैं। मिशन के तहत काम करते हैं। एप पर उपस्थिति का मतलब है कि इन्हें लोकेशन पर ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इस मामले में किसी सीएचओ की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ की बैठक जिलाध्यक्ष उमेश यादव और जिला महामंत्री हिमालय कुमार की मौजूदगी में हुई। महामंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पूरे प्रदेश में सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं। अधिकारियों का सीएचओ के प्रति रवैया ठीक नहीं है। उन्हें किसी भी प्रकार को कोई भुगतान कई महीनों से नहीं किया गया। नए सिरे से परेशान करने के लिए एप से उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश कर दिया गया है। जबकि योजना से जुड़े अन्य कर्मियों और अस्पतालों के कर्मचारियों को अभी तक इस दायरे में नहीं लाया गया है। अफसरों को एप अगर लाभकारी दिख रहा है तो अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति भी उसी से दर्ज करानी चाहिए।
विज्ञापन
महामंत्री के मुताबिक- सीएचओ संघ की ओर से प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव और मिशन के निदेशक को भी अवगत करा दिया गया है। उच्च स्तर से कोई निर्णय होने तक सीएचओ कहीं पर एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे। इधर, चिकित्साधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि उझानी क्षेत्र में 10 सीएचओ हैं। मिशन के तहत काम करते हैं। एप पर उपस्थिति का मतलब है कि इन्हें लोकेशन पर ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इस मामले में किसी सीएचओ की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है।
विज्ञापन