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बसोमा और वरामालदेव में बुखार को प्रकोप, एक सप्ताह में चार की मौत
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उझानी (बदायूं)। ग्रामीण इलाकों में बुखार भयावह रूप लेने लगा है। बसोमा और वरामालदेव गांव में 25 से अधिक महिलाओं और बच्चों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सरकारी स्तर पर हालांकि दोनों गांव में मरीजों की संख्या कोई खास नहीं बताई गई है लेकिन निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को डेंगू बताकर इलाज चल रहा है। एक हफ्ते मेें यहां चार लोगों की मौत भी हो चुकी है।
बुखार के मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या बसोमा गांव में है। इस सप्ताह यहां उस्मान (48) पुत्र गुलशेर, सोमेश (24) पुत्र शिवकुमार, गंगा सिंह (40) पुत्र नत्थूलाल, आशीष (32) पुत्र प्रमोद शर्मा, अजीत (29) पुत्र तेजपाल सिंह, सत्यदेव (30 ) पुत्र नेत्रपाल सिंह, उसकी बेटी राधा (15), मां राजदेवी (65), काजल (14) पुत्री जीत किशोर, सुग्रीव (35) पुत्र चंद्रपाल, पत्नी प्रियंका (32), गिरीश (45) पुत्र चंद्रपाल, अशोक कुमार (48) पुत्र अमर सिंह, बेटी सानिया (15), निर्दोष (20), अनमोल (16) पुत्र दिलीप, दिलीप की बेटी अंजली (21), आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेनू (45) पत्नी राजेश कुमार, संजू सिंह (42) पुत्र अमर सिंह, कुंता (50) पत्नी नवल साहू, बेटा विकास (24), सचिन (22) को बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें उस्मान की सात दिन पहले तो दो दिन के अंदर सोमेश और गंगा सिंह की मौत हो गई। यहां के पांच-छह लोग राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती हैं।
इसके अलावा वरामालदेव गांव में भी बुखार के पांच-छह मरीज बताए गए हैं। शुक्रवार देर रात गांव के ही रोहन मौर्य (60) की मौत हो गई। रोहन का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गिरीशपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि रोहन को पांच दिन पहले बुखार आया था।
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इधर, सिरसौली, अब्दुल्लागंज, अल्लापुर भोगी और सिरसौली में आठ-नौ ग्रामीण बीमार हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि वरामालदेव और बसोमा में बुखार के कुछ मरीज मिले तो दो दिन पहले कैंप भी लगवाया गया। उन्होंने एक मौत होना स्वीकार किया है। संवाद
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बुखार के मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या बसोमा गांव में है। इस सप्ताह यहां उस्मान (48) पुत्र गुलशेर, सोमेश (24) पुत्र शिवकुमार, गंगा सिंह (40) पुत्र नत्थूलाल, आशीष (32) पुत्र प्रमोद शर्मा, अजीत (29) पुत्र तेजपाल सिंह, सत्यदेव (30 ) पुत्र नेत्रपाल सिंह, उसकी बेटी राधा (15), मां राजदेवी (65), काजल (14) पुत्री जीत किशोर, सुग्रीव (35) पुत्र चंद्रपाल, पत्नी प्रियंका (32), गिरीश (45) पुत्र चंद्रपाल, अशोक कुमार (48) पुत्र अमर सिंह, बेटी सानिया (15), निर्दोष (20), अनमोल (16) पुत्र दिलीप, दिलीप की बेटी अंजली (21), आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेनू (45) पत्नी राजेश कुमार, संजू सिंह (42) पुत्र अमर सिंह, कुंता (50) पत्नी नवल साहू, बेटा विकास (24), सचिन (22) को बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें उस्मान की सात दिन पहले तो दो दिन के अंदर सोमेश और गंगा सिंह की मौत हो गई। यहां के पांच-छह लोग राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती हैं।
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इसके अलावा वरामालदेव गांव में भी बुखार के पांच-छह मरीज बताए गए हैं। शुक्रवार देर रात गांव के ही रोहन मौर्य (60) की मौत हो गई। रोहन का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गिरीशपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि रोहन को पांच दिन पहले बुखार आया था।
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इधर, सिरसौली, अब्दुल्लागंज, अल्लापुर भोगी और सिरसौली में आठ-नौ ग्रामीण बीमार हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि वरामालदेव और बसोमा में बुखार के कुछ मरीज मिले तो दो दिन पहले कैंप भी लगवाया गया। उन्होंने एक मौत होना स्वीकार किया है। संवाद