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तीन सीएचसी पर नहीं मिलेगी डिजिटल एक्सरे की सुविधा
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बदायूं/उझानी। करीब ढाई साल से तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) उझानी, सहसवान और ककराला पर मरीजों को मिल रही डिजिटल एक्सरे की सुविधा पर अब ग्रहण लग गया है। अब यहां यह सुविधा नहीं मिलेगी। स्वास्थ्य महानिदेशालय से करार के बाद निजी कंपनी कृष्णा डाइग्नोस्ट ने तीनों केंद्रों पर कंप्यूटर रेडियोग्राफ (सीआर) सिस्टम लगाए थे। अब इसे वापस ले लिया है। ऐसा क्यों हुआ इसकी जानकारी अभी यहां नहीं है।
यहां बता दें अब तक इस सुविधा के चलते उझानी, सहसवान, ककराला के लोगों को जरूरत पड़ने पर जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही थी। टीबी, हड्डी समेत अन्य बीमारियों के मरीजों के डिजिटल एक्सरे सीएचसी पर ही नि:शुल्क होने लगे थे। एक अनुमान के मुताबिक उझानी केंद्र पर ही प्रति माह 50-60 डिजिटल एक्सरे होते थे लेकिन कृष्णा डाइग्नोस्ट के अधिकारी पिछले दिनों तीनों केंद्रों से सीआर सिस्टम ले गए। ऐसा क्यों हुआ इसकी जानकारी तो यहां नहीं है पर समझा जा रहा है कि कंपनी को बकाया भुगतान चुकता नहीं किया गया, जिसके चलते कंपनी ने यह कदम उठाया।
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बंद हुईं निशुल्क जांचें भी अब तक शुरू नहीं
कृष्णा डाइग्नोस्ट से वर्ष-2017 में स्वास्थ्य विभाग का एक और करार हुआ था। इसके तहत पूरे प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उन सभी बीमारियों की जांचें कराने की मुफ्त में सुविधा मुहैया कराई गई थी, जो निजी लैब में काफी महंगीं हैं। एक दर्जन गंभीर बीमारियों की जांच को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सैंपल लेकर निजी कंपनी की लैब में भेजा जाने लगा था। सप्ताह भर में रिपोर्ट भी आ जाती थी लेकिन अगले साल ही कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग पर जांचों के रुपयों का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए सुविधा बंद कर दी। तब से यह जांचें अब तक शुरू नहीं हो र्पाइं हैं।
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कृष्णा डाइग्नोस्ट ने डिजिटल एक्सरे की सुविधा से जुड़े सीआर सिस्टम को पिछले सप्ताह उठवा लिया था। उस वक्त मैं यहां चिकित्साधीक्षक पद पर नहीं था, इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं है। निजी कंपनी का महानिदेशालय के स्तर से करार हुआ था। फिलहाल सादा एक्सरे कराए जा रहे हैं।
- डॉ. निरंजन सिंह, चिकित्साधीक्षक, उझानी सीएचसी
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यहां बता दें अब तक इस सुविधा के चलते उझानी, सहसवान, ककराला के लोगों को जरूरत पड़ने पर जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही थी। टीबी, हड्डी समेत अन्य बीमारियों के मरीजों के डिजिटल एक्सरे सीएचसी पर ही नि:शुल्क होने लगे थे। एक अनुमान के मुताबिक उझानी केंद्र पर ही प्रति माह 50-60 डिजिटल एक्सरे होते थे लेकिन कृष्णा डाइग्नोस्ट के अधिकारी पिछले दिनों तीनों केंद्रों से सीआर सिस्टम ले गए। ऐसा क्यों हुआ इसकी जानकारी तो यहां नहीं है पर समझा जा रहा है कि कंपनी को बकाया भुगतान चुकता नहीं किया गया, जिसके चलते कंपनी ने यह कदम उठाया।
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बंद हुईं निशुल्क जांचें भी अब तक शुरू नहीं
कृष्णा डाइग्नोस्ट से वर्ष-2017 में स्वास्थ्य विभाग का एक और करार हुआ था। इसके तहत पूरे प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उन सभी बीमारियों की जांचें कराने की मुफ्त में सुविधा मुहैया कराई गई थी, जो निजी लैब में काफी महंगीं हैं। एक दर्जन गंभीर बीमारियों की जांच को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सैंपल लेकर निजी कंपनी की लैब में भेजा जाने लगा था। सप्ताह भर में रिपोर्ट भी आ जाती थी लेकिन अगले साल ही कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग पर जांचों के रुपयों का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए सुविधा बंद कर दी। तब से यह जांचें अब तक शुरू नहीं हो र्पाइं हैं।
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कृष्णा डाइग्नोस्ट ने डिजिटल एक्सरे की सुविधा से जुड़े सीआर सिस्टम को पिछले सप्ताह उठवा लिया था। उस वक्त मैं यहां चिकित्साधीक्षक पद पर नहीं था, इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं है। निजी कंपनी का महानिदेशालय के स्तर से करार हुआ था। फिलहाल सादा एक्सरे कराए जा रहे हैं।
- डॉ. निरंजन सिंह, चिकित्साधीक्षक, उझानी सीएचसी