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बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में 56 घंटे गायब रही बिजली
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बदायूं का राजकीय मेडिकल कॉलेज जहां 56 घंटे गायब रही बिजली। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब 56 घंटे से बिजली सप्लाई ठप रही। बिजली विभाग कर्मियों ने रविवार दोपहर फाल्ट ठीक करने के बाद सप्लाई चालू की। मेडिकल कॉलेज में बिजली गायब रहने के दौरान मरीजों को खासी दिक्कत हुई।
उझानी स्थित उपकेंद्र से राजकीय मेडिकल कॉलेज को बिजली सप्लाई की जाती है। 17 सितंबर को सुबह सात बजे अचानक मेडिकल कॉलेज में बिजली सप्लाई ठप हो गई। दो दिन तक मेडिकल कॉलेज के इलेक्ट्रिक टेक्नीशियन फालट तलाशते रहे, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। आखिर में मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता ने बिजली विभाग के अफसरों से संपर्क किया। शनिवार को बिजली कर्मियों की टीम ने उझानी से लेकर मेडिकल कॉलेज तक मेन लाइन चेक की, लेकिन सब कुछ ठीक मिला।
रविवार सुबह बजली विभाग की टीम ने कॉलेज में लगा वीसीबी सिस्टम चेक किया तो फॉल्ट मिल गया। बताते हैं कि वीसीबी सिस्टम के ब्रेकर में फॉल्ट था, जिसे रविवार दोपहर करीब ढाई बजे तक ठीक करके बिजली सप्लाई चालू कर दी गई।
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बिजली सप्लाई बंद रहने के दौरान मेडिकल कॉलेज में जेनरेटर का इस्तेमाल किया गया। फिर भी मरीजों और कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं खासी दिक्कतें हुईं। जेई सुनील कुमार ने बताया कि कॉलेज के टेक्नीशियन अगर पहले दिन ही वीसीबी सिस्टम चेक कर लेते तो बिजली सप्लाई को लेकर इतनी दिक्कत नहीं होती।
गर्मी से बेहाल हुए मरीज, 45 घंटे चला जनरेटर
बरेली। राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलेक्ट्रिक टेक्नीशियन फॉल्ट होने के बाद बृहस्पतिवार रात अंतिम पहर से बिजली गुल हो गई थी। हालांकि इन्वर्टर व अन्य संसाधनों की वजह से शुरू में फाल्ट व बिजली गुल होने का अहसास ही नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार सुबह जब ओपीडी शुरू हुई तो इस बात का अहसास हुआ कि बिजली गायब है। इन्वर्टर का बैटरी बैकअप भी प्रभावित हुआ और पंखे बंद होने लगे। एसी पहले बंद हो चुके थे। पंखे भी बंद हुए तो स्टाफ से लेकर मरीजों तक को परेशानी होने लगी।
इसकी जानकारी जब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार गुप्ता को हुई तो उन्होंने पावर कॉरपोरेशन से संपर्क किया। इस बीच फाल्ट का पता लगने पर प्राचार्य ने तत्काल ही जेनरेटर चालू करा दिए। इसके बाद एसी से लेकर सभी मशीनें व संसाधन चालू हो गए और व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर आ गई। प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने बताया कि भर्ती मरीजों को परेशानी न हो और बिजली से चलने वाले उपकरण की वजह से मरीजों और डॉक्टरों को परेशानी न हो। इसके लिए कॉलेज में पूरे वक्त जनरेटर चलाया गया जो करीब 45 घंटे तक चला।
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार सुबह अचानक बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। काफी कोशिश कराने के बाद भी फाल्ट नहीं मिला तो बिजली विभाग के अफसरों को बताया गया। रविवार दोपहर बिजली कर्मियों ने सप्लाई ठीक कर दी है। - डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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उझानी स्थित उपकेंद्र से राजकीय मेडिकल कॉलेज को बिजली सप्लाई की जाती है। 17 सितंबर को सुबह सात बजे अचानक मेडिकल कॉलेज में बिजली सप्लाई ठप हो गई। दो दिन तक मेडिकल कॉलेज के इलेक्ट्रिक टेक्नीशियन फालट तलाशते रहे, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। आखिर में मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता ने बिजली विभाग के अफसरों से संपर्क किया। शनिवार को बिजली कर्मियों की टीम ने उझानी से लेकर मेडिकल कॉलेज तक मेन लाइन चेक की, लेकिन सब कुछ ठीक मिला।
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रविवार सुबह बजली विभाग की टीम ने कॉलेज में लगा वीसीबी सिस्टम चेक किया तो फॉल्ट मिल गया। बताते हैं कि वीसीबी सिस्टम के ब्रेकर में फॉल्ट था, जिसे रविवार दोपहर करीब ढाई बजे तक ठीक करके बिजली सप्लाई चालू कर दी गई।
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बिजली सप्लाई बंद रहने के दौरान मेडिकल कॉलेज में जेनरेटर का इस्तेमाल किया गया। फिर भी मरीजों और कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं खासी दिक्कतें हुईं। जेई सुनील कुमार ने बताया कि कॉलेज के टेक्नीशियन अगर पहले दिन ही वीसीबी सिस्टम चेक कर लेते तो बिजली सप्लाई को लेकर इतनी दिक्कत नहीं होती।
गर्मी से बेहाल हुए मरीज, 45 घंटे चला जनरेटर
बरेली। राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलेक्ट्रिक टेक्नीशियन फॉल्ट होने के बाद बृहस्पतिवार रात अंतिम पहर से बिजली गुल हो गई थी। हालांकि इन्वर्टर व अन्य संसाधनों की वजह से शुरू में फाल्ट व बिजली गुल होने का अहसास ही नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार सुबह जब ओपीडी शुरू हुई तो इस बात का अहसास हुआ कि बिजली गायब है। इन्वर्टर का बैटरी बैकअप भी प्रभावित हुआ और पंखे बंद होने लगे। एसी पहले बंद हो चुके थे। पंखे भी बंद हुए तो स्टाफ से लेकर मरीजों तक को परेशानी होने लगी।
इसकी जानकारी जब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार गुप्ता को हुई तो उन्होंने पावर कॉरपोरेशन से संपर्क किया। इस बीच फाल्ट का पता लगने पर प्राचार्य ने तत्काल ही जेनरेटर चालू करा दिए। इसके बाद एसी से लेकर सभी मशीनें व संसाधन चालू हो गए और व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर आ गई। प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने बताया कि भर्ती मरीजों को परेशानी न हो और बिजली से चलने वाले उपकरण की वजह से मरीजों और डॉक्टरों को परेशानी न हो। इसके लिए कॉलेज में पूरे वक्त जनरेटर चलाया गया जो करीब 45 घंटे तक चला।
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार सुबह अचानक बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। काफी कोशिश कराने के बाद भी फाल्ट नहीं मिला तो बिजली विभाग के अफसरों को बताया गया। रविवार दोपहर बिजली कर्मियों ने सप्लाई ठीक कर दी है। - डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज