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चार ब्लॉकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की तैनाती
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बदायूं। संक्रामक रोगों और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में लिए जिले के हाईरिस्क श्रेणी में शामिल समरेर, जगत, सालारपुर और दाजागंज ब्लॉक में स्वास्थ्य विभाग ने नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट (एनएमएमयू) की तैनाती की है। मोबाइल वैन अस्पताल में जरूरी जांच से लेकर वेंटीलेटर तक की आधुनिक सुविधाएं हैं। इसके अच्छे परिणाम भी मिल रहे हैं। इससे पहले कोरोना की दूसरी लहर के दौरान एनएमएमयू अपनी उपयोगिता साबित कर चुकी है।
जिले में चार एनएमएमयू हैं। चलते फिरते इस आधुनिक अस्पताल में डॉक्टर, नर्स, टेक्नीशियन की भी तैनाती है। गंभीर रोगियों के लिए वेंटीलेटर की सुविधा के साथ ऑक्सीजन, खून की जांच की भी सुविधा है। पिछले वर्ष जिले में मलेरिया, डेंगू का व्यापक प्रकोप रहा था। इस बार भी मलेरिया का सीजन शुरू होने के बाद जिले में लगातार मलेरिया और जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं। चार ब्लॉकों में हालात ज्यादा खराब हैं। संक्रामक या मच्छरजनित रोगों से किसी की मौत न हो और गंभीर बीमारों को समय से इलाज मिल सके, इसके लिए इन दिनों चार ब्लॉकों में एक-एक एनएमएमयू की तैनाती की गई है। हालांकि, जरूरत के हिसाब से एनएमएमयू को जिला मुख्यालय भी बुलाया जा रहा है।
इस चलते-फिरते आधुनिक अस्पताल का ग्रामीणों का लाभ भी मिल रहा है। कई बार एनएमएमयू का हेल्थ कैंप के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। एक गांव में रोगियों की जांच और दवाओं के वितरण के बाद यूनिट को दूसरे प्रभावित गांव में भेज दिया जाता है। एक दिन में एक ही एनएमएमयू कई स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर का काम कर रही है।
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कोरोना की दूसरी लहर में ही साबित कर दी उपयोगिता
एनएमएमयू ने कोरोना की दूसरी लहर में ही अपनी उपयोगिता साबित कर दी थी। गंभीर रोगियों को मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाने। मेडिकल कॉलेज में बेड न मिलने के दौरान रोगियों को एनएमएमयू में ही भर्ती रखकर ऑक्सीजन और वेंटीलेटर की सुविधा तक दी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में उपयोगिता साबित करने के बाद अब इन दिनों संक्रामक रोगों के साथ मलेरिया, फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगियों की जांच और इलाज में भी एनएमएमयू अहम भूमिका निभा रही है।
मलेरिया, फैल्सीपेरम और डेंगू जैसी बीमारियों से किसी की मौत न हो और गंभीर रोगियों को तुरंत मौके पर ही बेहतर इलाज मिल सके इसके लिए हाईरिस्क ब्लॉकों में एनएमएमयू की तैनाती की गई है। एनएमएमयू का उपयोग गांवों में हेल्थ कैंप के रूप में भी किया जा रहा है। इसके उपयोग से लोगों को समय से इलाज मिल रहा है।
- डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
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जिले में चार एनएमएमयू हैं। चलते फिरते इस आधुनिक अस्पताल में डॉक्टर, नर्स, टेक्नीशियन की भी तैनाती है। गंभीर रोगियों के लिए वेंटीलेटर की सुविधा के साथ ऑक्सीजन, खून की जांच की भी सुविधा है। पिछले वर्ष जिले में मलेरिया, डेंगू का व्यापक प्रकोप रहा था। इस बार भी मलेरिया का सीजन शुरू होने के बाद जिले में लगातार मलेरिया और जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं। चार ब्लॉकों में हालात ज्यादा खराब हैं। संक्रामक या मच्छरजनित रोगों से किसी की मौत न हो और गंभीर बीमारों को समय से इलाज मिल सके, इसके लिए इन दिनों चार ब्लॉकों में एक-एक एनएमएमयू की तैनाती की गई है। हालांकि, जरूरत के हिसाब से एनएमएमयू को जिला मुख्यालय भी बुलाया जा रहा है।
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इस चलते-फिरते आधुनिक अस्पताल का ग्रामीणों का लाभ भी मिल रहा है। कई बार एनएमएमयू का हेल्थ कैंप के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। एक गांव में रोगियों की जांच और दवाओं के वितरण के बाद यूनिट को दूसरे प्रभावित गांव में भेज दिया जाता है। एक दिन में एक ही एनएमएमयू कई स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर का काम कर रही है।
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कोरोना की दूसरी लहर में ही साबित कर दी उपयोगिता
एनएमएमयू ने कोरोना की दूसरी लहर में ही अपनी उपयोगिता साबित कर दी थी। गंभीर रोगियों को मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाने। मेडिकल कॉलेज में बेड न मिलने के दौरान रोगियों को एनएमएमयू में ही भर्ती रखकर ऑक्सीजन और वेंटीलेटर की सुविधा तक दी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में उपयोगिता साबित करने के बाद अब इन दिनों संक्रामक रोगों के साथ मलेरिया, फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगियों की जांच और इलाज में भी एनएमएमयू अहम भूमिका निभा रही है।
मलेरिया, फैल्सीपेरम और डेंगू जैसी बीमारियों से किसी की मौत न हो और गंभीर रोगियों को तुरंत मौके पर ही बेहतर इलाज मिल सके इसके लिए हाईरिस्क ब्लॉकों में एनएमएमयू की तैनाती की गई है। एनएमएमयू का उपयोग गांवों में हेल्थ कैंप के रूप में भी किया जा रहा है। इसके उपयोग से लोगों को समय से इलाज मिल रहा है।
- डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ