{"_id":"6133c6648ebc3e88b87e1c60","slug":"health-badaun-news-bly4585543192","type":"story","status":"publish","title_hn":"समरेर के अलावा दातागंज ब्लॉक में भी पहुंचा फैल्सीपेमर मलेरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समरेर के अलावा दातागंज ब्लॉक में भी पहुंचा फैल्सीपेमर मलेरिया
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बदायूं/ दातागंज। वायरल बुखार और मलेरिया भी बेकाबू होता जा रहा है। सालारपुर ब्लॉक के बाद जगत, समरेर और दातागंज ब्लॉकों क्षेत्र के गांवों में फैल्सीपेरम मलेरिया फैल गया है। चार ब्लॉक के 70 से ज्यादा गांवों को मलेरिया चपेट में ले चुका है। जिले में वायरल बुखार पीड़ितों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। सबसे ज्यादा सालारपुर, समरेर और जगत में हालात खराब हो रहे हैं।
दो साल से जिले में मलेरिया का प्रकोप बना हुआ है। शासन स्तर से मॉनीटरिंग होने के बाद भी हालात नहीं संभल रहे। मच्छर जनित बीमारियों का सीजन शुरू होने के साथ ही जिले में मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में सालारपुर ब्लॉक के गांवों में दो दिन के भीतर जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के 24 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसी ब्लॉक में शनिवार को भी फैल्सीपेरम मलेरिया का एक और रोगी मिला है। इधर, दातागंज ब्लॉक के गांव नौनी, दियूरी, भेंडा, मऊ और समरेर ब्लॉक के गांव टिकलापुर, कौल्हाई, कौर, कालाकूढ़ा में भी वायरल फीवर के साथ मलेरिया फैल गया है। यहां भी सैकड़ों लोग बुखार की गिरफ्त में हैं।
शनिवार को मलेरिया विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों पर बुखार पीड़ित 1180 लोगों की जांच की गई। इनमें 19 लोग मलेरिया पीड़ित पाए गए। एक को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। मलेरिया विभाग की ओर से गांवों में लार्वा नष्ट करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही मच्छर नाशक डीडीटी घोल का छिड़काव भी किया जा रहा है।
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मादा एनाफिलीज मच्छर फैला रहा जिले में मलेरिया
बदायूं। जिले के गांवों में मादा एनाफिलीज मच्छर मलेरिया फैला रहा है। चार दिन पहले सालारपुर ब्लॉक के गांव शेरगंज में जांच के लिए जिन मच्छरों को पकड़ा गया था प्रारंभिक जांच में उनमें ज्यादातर मादा एनाफिलीज मच्छर से जनित मामले निकले हैं। इसके साथ ही गांवों में लार्वा नष्ट करने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
सालारपुर ब्लॉक के शेरगंज गांव में हाल ही में लगातार जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के 24 मामले सामने आने के बाद से स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग में हड़कंप मच गया था। इसके बाद गांव में अभियान चलाने के साथ जांच के लिए मच्छरों को भी पकड़ा गया था। जिन मच्छरों को पकड़ा गया था उनकी प्रारंभिक जांच हो गई है। हालांकि, विशेषज्ञों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि गांव में मादा एनाफिलीज मच्छर प्रजाति के मच्छर बहुतायत में हैं। यह मच्छर सूर्यास्त होने के बाद डंक मारता है। मादा एनाफिलीज मच्छर जब मलेरिया रोगी का रक्त चुसती है तब रक्त के साथ मलेरिया परजीवी भी उसके आमाश्य में प्रवेश कर जाते हैं। यही मच्छर जब किसी दूसरे स्वस्थ्य व्यक्ति को डंक मारता है तो मलेरिया परजीवी स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर ताजा है। मलेरिया निरीक्षक अमित तिवारी के अनुसार प्रारंभिक जांच हो चुकी है। गांवों में मादा एनाफिलीज मच्छर बहुतायत में हैं।
वायरल बुखार का सीजन है। दवाओं की कोई कमी नहीं है। मलेरिया के रोगी भी मिल रहे हैं। गांवों में कैंप लगवाए जा रहे हैं। मलेरिया का लगातार जांच कराने के साथ लार्वा नष्ट कराने का काम भी किया जा रहा है। अब तक जिले में मलेरिया से कोई मौत नहीं हुइ्र है।-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
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दो साल से जिले में मलेरिया का प्रकोप बना हुआ है। शासन स्तर से मॉनीटरिंग होने के बाद भी हालात नहीं संभल रहे। मच्छर जनित बीमारियों का सीजन शुरू होने के साथ ही जिले में मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में सालारपुर ब्लॉक के गांवों में दो दिन के भीतर जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के 24 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसी ब्लॉक में शनिवार को भी फैल्सीपेरम मलेरिया का एक और रोगी मिला है। इधर, दातागंज ब्लॉक के गांव नौनी, दियूरी, भेंडा, मऊ और समरेर ब्लॉक के गांव टिकलापुर, कौल्हाई, कौर, कालाकूढ़ा में भी वायरल फीवर के साथ मलेरिया फैल गया है। यहां भी सैकड़ों लोग बुखार की गिरफ्त में हैं।
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शनिवार को मलेरिया विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों पर बुखार पीड़ित 1180 लोगों की जांच की गई। इनमें 19 लोग मलेरिया पीड़ित पाए गए। एक को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। मलेरिया विभाग की ओर से गांवों में लार्वा नष्ट करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही मच्छर नाशक डीडीटी घोल का छिड़काव भी किया जा रहा है।
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मादा एनाफिलीज मच्छर फैला रहा जिले में मलेरिया
बदायूं। जिले के गांवों में मादा एनाफिलीज मच्छर मलेरिया फैला रहा है। चार दिन पहले सालारपुर ब्लॉक के गांव शेरगंज में जांच के लिए जिन मच्छरों को पकड़ा गया था प्रारंभिक जांच में उनमें ज्यादातर मादा एनाफिलीज मच्छर से जनित मामले निकले हैं। इसके साथ ही गांवों में लार्वा नष्ट करने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
सालारपुर ब्लॉक के शेरगंज गांव में हाल ही में लगातार जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के 24 मामले सामने आने के बाद से स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग में हड़कंप मच गया था। इसके बाद गांव में अभियान चलाने के साथ जांच के लिए मच्छरों को भी पकड़ा गया था। जिन मच्छरों को पकड़ा गया था उनकी प्रारंभिक जांच हो गई है। हालांकि, विशेषज्ञों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि गांव में मादा एनाफिलीज मच्छर प्रजाति के मच्छर बहुतायत में हैं। यह मच्छर सूर्यास्त होने के बाद डंक मारता है। मादा एनाफिलीज मच्छर जब मलेरिया रोगी का रक्त चुसती है तब रक्त के साथ मलेरिया परजीवी भी उसके आमाश्य में प्रवेश कर जाते हैं। यही मच्छर जब किसी दूसरे स्वस्थ्य व्यक्ति को डंक मारता है तो मलेरिया परजीवी स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर ताजा है। मलेरिया निरीक्षक अमित तिवारी के अनुसार प्रारंभिक जांच हो चुकी है। गांवों में मादा एनाफिलीज मच्छर बहुतायत में हैं।
वायरल बुखार का सीजन है। दवाओं की कोई कमी नहीं है। मलेरिया के रोगी भी मिल रहे हैं। गांवों में कैंप लगवाए जा रहे हैं। मलेरिया का लगातार जांच कराने के साथ लार्वा नष्ट कराने का काम भी किया जा रहा है। अब तक जिले में मलेरिया से कोई मौत नहीं हुइ्र है।-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ