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नहीं पहुंची एंबुलेंस, प्रसूता ने घर में दम तोड़ा
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बिल्सी। एंबुलेंस 102 और 108 की हड़ताल के कारण बुधवार देर शाम एक प्रसूता की जान चली गई। फोन करने के बाद दो घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इलाज न मिलने की वजह से प्रसूता ने घर में तड़पकर दम तोड़ दिया। हालांकि परिजन ने महिला का पोस्टमार्टम नहीं कराया।
बिल्सी इलाके के गांव गड़रपुरा निवासी दिनेश शाक्य की पत्नी भगवान देवी को बुधवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। परिवार वालों ने भगवानदेवी को बिल्सी सीएचसी ले जाने के लिए आशा वर्कर को सूचना दी। आशा वर्कर ने एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन करने की सलाह दी। इसके बाद परिवार वालों ने एंबुलेंस 102 नंबर पर फोन किया। दूसरी तरफ से बात करने वाले ने कहा कि कुछ ही देर में एंबुलेंस पहुंच रही है। इसके बाद परिजन इंतजार करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान भगवान देवी ने घर में बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के आधे घंटे बाद बाद भगवान देवी की हालत बिगड़ने लगी। परिवार वाले अभी एंबुलेंस का इंतजार कर रहे थे। उनको नहीं पता था कि एंबुलेंस की हड़ताल है। इलाज न मिलने की वजह से कुछ देर के बाद घर में ही भगवान देवी ने दम तोड़ दिया। परिवार वालों का कहना है कि अगर समय से एंबुलेंस आ जाती तो उनकी जान बच जाती।
दो दिन एंबुलेंस चालकों की हड़ताल थी। इस कारण काम प्रभावित हुआ। एंबुलेंस न पहुंचने के कारण किसी महिला की मौत होने संबंधी सूचना नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
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बिल्सी इलाके के गांव गड़रपुरा निवासी दिनेश शाक्य की पत्नी भगवान देवी को बुधवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। परिवार वालों ने भगवानदेवी को बिल्सी सीएचसी ले जाने के लिए आशा वर्कर को सूचना दी। आशा वर्कर ने एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन करने की सलाह दी। इसके बाद परिवार वालों ने एंबुलेंस 102 नंबर पर फोन किया। दूसरी तरफ से बात करने वाले ने कहा कि कुछ ही देर में एंबुलेंस पहुंच रही है। इसके बाद परिजन इंतजार करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान भगवान देवी ने घर में बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के आधे घंटे बाद बाद भगवान देवी की हालत बिगड़ने लगी। परिवार वाले अभी एंबुलेंस का इंतजार कर रहे थे। उनको नहीं पता था कि एंबुलेंस की हड़ताल है। इलाज न मिलने की वजह से कुछ देर के बाद घर में ही भगवान देवी ने दम तोड़ दिया। परिवार वालों का कहना है कि अगर समय से एंबुलेंस आ जाती तो उनकी जान बच जाती।
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दो दिन एंबुलेंस चालकों की हड़ताल थी। इस कारण काम प्रभावित हुआ। एंबुलेंस न पहुंचने के कारण किसी महिला की मौत होने संबंधी सूचना नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
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