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...अधूरा रह गया एक छत के नीचे आयुष सेवाओं का सपना

Fri, 27 Sep 2019 02:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 02:17 AM IST
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Health
बदायूं। चार साल बाद भी एक छत के नीचे आयुष चिकित्सा सेवाएं मिलने का सपना अधूरा है। जिला अस्पताल परिसर में बना आयुष विंग का भवन मुंह चिढ़ा रहा है। चार साल के बाद भी आयुष विंग में सुविधाओं के नाम पर सिर्फ आयुर्वेदिक पद्धति के एक डॉक्टर की तैनाती ही हो सकी है। भवन के ज्यादातर कमरों में ताले लटके रहते हैं।
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शासन ने चिकित्सा सुविधाओं की बेहतरी के लिए जिला अस्पताल परिसर में एक ही छत के नीचे आयुष चिकित्सा सुविधाएं शुरू करने के लिए 2013-2014 में आयुष विंग को मंजूरी दी थी। इसके पीछे मंशा थी कि आयुर्वेद जैसी प्राचीन चिकित्सा पद्धति के साथ लोगों को यूनानी व होम्योपैथिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ भी एक ही छत के नीचे मिल सके। 25 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण कराया गया। निर्माण पूरा होने के बावजूद करीब एक साल तक यहां स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी। चार साल से ज्यादा वक्त बीत चुका है। आयुष विंग का भवन भी देख-रेख के अभाव में जर्जर हो रहा है। अब तक यहां आयुष सेवाओं के नाम पर सिर्फ आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के डॉक्टर की ही तैनाती है। डॉ. मनोज कुमार राठौर ओपीडी में आते हैं, लेकिन मरीजों के नाम पर दो-चार लोग ही पहुंचते हैं। यूनानी और होम्योपैथिक पद्धति के डॉक्टरों की तैनाती भी की गई। कुछ समय आयुष विंग में सेवाएं देने के बाद इन डॉक्टर ने एक साल पहले जोड़-तोड़ कर अपना अटैचमेंट मनमाने ठिकानों पर करा लिया। ऐसे में आयुष विंग में एक ही छत के नीचे आयुष चिकित्सा सेवाओं का सपना अब तक पूरा नहीं हो सका है।
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योग शिक्षक की भी तैनाती
कहने को तो आयुष विंग में योग विशेषज्ञ की भी तैनाती है, लेकिन योग विशेषज्ञ भी यहां नहीं आते। आयुष विंग में बने छह कमरों में से पांच में ताला ही लटकता रहता है। हालांकि, डॉ. मनोज कुमार राठौर का कहना है कि योग विशेषज्ञ कभी-कभार आते हैं। सुबह के वक्त योग कक्षाएं भी होती हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या काफी कम है। दो-चार लोग ही आते हैं। आयुर्वेद दवाओं की कमी पर बताया कि कुछ दवाएं कम हैं, लेकिन उनकी सप्लाई पहुंचने वाली है।
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जिला अस्पताल परिसर में आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक अस्पताल अलग-अलग हैं। आयुष विंग में तीनों पद्धति की चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था है। वहां आयुर्वेदिक पद्धति के डॉक्टर की तैनाती है। आयुष विंग में सभी पद्धति की चिकित्सा सेवाएं मिलें इसके लिए मेरे स्तर से जो भी संभव है कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
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