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मनरेगा में आगे बढ़ रहा जिला
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:36 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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- सूबे में बदायूं पहुंचा 17वीं पायदान पर
- महिलाओं की सहभागिता 18 प्रतिशत पहुंची
मनरेगा के काम निपटाने में जिला लगातार आगे बढ़ रहा है। आंकड़ों की बात करें तो मौजूदा वक्त में बदायूं सूबे में 17वीं पायदान पर है। महिला कामगारों की सहभागिता भी बढ़ रही है। मौजूदा वक्त में महिलाओं की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत हो चुकी है।
यहां बता दें कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जून तक का भौतिक लक्ष्य 3,64,668 मानव दिवस दिया गया था। अब तक इसके सापेक्ष 3,84,552 मानव दिवस सृजित किए गए हैं। प्रति गरीब प्रतिदिन के कार्य और मजदूरी को मानव दिवस की श्रेणी में लाया जाता है। इस प्रकार लक्ष्य का 105 प्रतिशत पूरा किया गया। मनरेगा के उपायुक्त का कहना है कि मनरेगा में जितना चाहे काम करा लिया जाए। उसके लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जा रही है। मनरेगा का कार्य ऑनलाइन हो रहा है। मानव दिवस के आधार पर भुगतान ऑनलाइन कर दिया जाता है। इसलिए इस योजना में धन की उपलब्धता काम के ऊपर है, जितना काम करा लेंगे, उतना धन मिल जाएगा।
6.41 करोड़ हुए हैं खर्च
बदायूं। जून तक का जिले का वित्तीय लक्ष्य 10.57 करोड़ है। इसमें 6.41 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। आगे काम होता रहेगा और धन मिलता रहेगा। लक्ष्य के अलावा भी काम होने पर धन मिलेगा।
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पक्के कार्य का भुगतान रुका
बदायूं। जिले में छह माह पूर्व पक्के काम कराए जाने को जो सामग्री खरीद गई थी। नियम में न आने के कारण उसका भुगतान मनरेगा की लखनऊ ब्रांच ने नहीं किया है। इसके भुगतान के लिए यहां से अभी तक तमाम प्रयास किए गए हैं, लेकिन भुगतान नहीं हो पा रहा है।
मनरेगा में अपेक्षित कार्यों पर प्रगति का परिणाम है कि जिले को बढ़त मिली हुई है। जिला प्रदेश में 17वें स्थान पर है। कार्य में मजदूरों के भुगतान की प्रक्रिया में भी कोई रुकावट नहीं है। आगे प्रगति में और तेजी लाने को कहा गया है।
- आरपी सिंह, उपायुक्त मनरेगा
- महिलाओं की सहभागिता 18 प्रतिशत पहुंची
मनरेगा के काम निपटाने में जिला लगातार आगे बढ़ रहा है। आंकड़ों की बात करें तो मौजूदा वक्त में बदायूं सूबे में 17वीं पायदान पर है। महिला कामगारों की सहभागिता भी बढ़ रही है। मौजूदा वक्त में महिलाओं की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत हो चुकी है।
यहां बता दें कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जून तक का भौतिक लक्ष्य 3,64,668 मानव दिवस दिया गया था। अब तक इसके सापेक्ष 3,84,552 मानव दिवस सृजित किए गए हैं। प्रति गरीब प्रतिदिन के कार्य और मजदूरी को मानव दिवस की श्रेणी में लाया जाता है। इस प्रकार लक्ष्य का 105 प्रतिशत पूरा किया गया। मनरेगा के उपायुक्त का कहना है कि मनरेगा में जितना चाहे काम करा लिया जाए। उसके लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जा रही है। मनरेगा का कार्य ऑनलाइन हो रहा है। मानव दिवस के आधार पर भुगतान ऑनलाइन कर दिया जाता है। इसलिए इस योजना में धन की उपलब्धता काम के ऊपर है, जितना काम करा लेंगे, उतना धन मिल जाएगा।
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6.41 करोड़ हुए हैं खर्च
बदायूं। जून तक का जिले का वित्तीय लक्ष्य 10.57 करोड़ है। इसमें 6.41 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। आगे काम होता रहेगा और धन मिलता रहेगा। लक्ष्य के अलावा भी काम होने पर धन मिलेगा।
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पक्के कार्य का भुगतान रुका
बदायूं। जिले में छह माह पूर्व पक्के काम कराए जाने को जो सामग्री खरीद गई थी। नियम में न आने के कारण उसका भुगतान मनरेगा की लखनऊ ब्रांच ने नहीं किया है। इसके भुगतान के लिए यहां से अभी तक तमाम प्रयास किए गए हैं, लेकिन भुगतान नहीं हो पा रहा है।
मनरेगा में अपेक्षित कार्यों पर प्रगति का परिणाम है कि जिले को बढ़त मिली हुई है। जिला प्रदेश में 17वें स्थान पर है। कार्य में मजदूरों के भुगतान की प्रक्रिया में भी कोई रुकावट नहीं है। आगे प्रगति में और तेजी लाने को कहा गया है।
- आरपी सिंह, उपायुक्त मनरेगा