{"_id":"5f302f3b8ebc3e3cdf0448d4","slug":"gram-panchayat-badaun-news-bly4157086127","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौ साल में पूरा नहीं हुआ पंचायत भवन का निर्माण, भुगतान हो गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौ साल में पूरा नहीं हुआ पंचायत भवन का निर्माण, भुगतान हो गया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दातागंज। तहसील के गांव असमया रफतपुर में पंचायत भवन का निर्माण नौ साल में भी पूरा नहीं हो सका है। इस बीच ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया गया। इसी गांव में बने सामुदायिक भवन के खिड़की-दरवाजे भी चोरी हो गए हैं। मामला एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने जांच कराकर पंचायत भवन का निर्माण कराने वाले ठेकेदार से रिकवरी के निर्देश दिए हैं।
असमया रफतपुर गांव में वर्ष 2011-12 में पंचायत भवन निर्माण को स्वीकृति मिली थी। करीब 10.12 लाख रुपये से पंचायत भवन का निर्माण होना था। स्वीकृति के बाद बजट भी जारी हो गया। गौर करने वाली बात यह है कि इसके बाद समय-समय पर ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन पंचायत भवन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। समय के साथ-साथ खिड़की दरवाजे भी चोरी हो गए और लोगों ने इसमें भूसा आदि भरना भी शुरू कर दिया। गंगा का तटवर्ती गांव होने की वजह से अफसरों का भी यहां आना कम होता है। इसका फायदा कार्यदायी संस्था और ठेकेदार ने उठाया।
पिछले दिनों गांव में कटान का जायजा लेने एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम दातागंज कुंवर बहादुर सिंह गांव पहुंचे तो लोगों ने पंचायत और सामुदायिक भवन के बारे में शिकायत की। निर्माण पूरा होने से पहले ठेकेदार को भुगतान किए जाने पर एडीएम ने भी हैरत जताई। एडीएम ने मौके पर ही पंचायत भवन के संबंध में जानकारी जुटानी चाही, लेकिन कुछ पता नहीं लग सका। गांव के लोगों ने सामुदायिक भवन के खिड़की-दरवाजे चोरी होने और दोनों स्थानों पर भूसा, उपले भरे होने की शिकायत भी की। एडीएम ने बताया कि पंचायत भवन मामले में जांच कराकर संबंधित ठेकेदार से रिकवरी के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
असमया रफतपुर गांव में वर्ष 2011-12 में पंचायत भवन निर्माण को स्वीकृति मिली थी। करीब 10.12 लाख रुपये से पंचायत भवन का निर्माण होना था। स्वीकृति के बाद बजट भी जारी हो गया। गौर करने वाली बात यह है कि इसके बाद समय-समय पर ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन पंचायत भवन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। समय के साथ-साथ खिड़की दरवाजे भी चोरी हो गए और लोगों ने इसमें भूसा आदि भरना भी शुरू कर दिया। गंगा का तटवर्ती गांव होने की वजह से अफसरों का भी यहां आना कम होता है। इसका फायदा कार्यदायी संस्था और ठेकेदार ने उठाया।
विज्ञापन
पिछले दिनों गांव में कटान का जायजा लेने एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम दातागंज कुंवर बहादुर सिंह गांव पहुंचे तो लोगों ने पंचायत और सामुदायिक भवन के बारे में शिकायत की। निर्माण पूरा होने से पहले ठेकेदार को भुगतान किए जाने पर एडीएम ने भी हैरत जताई। एडीएम ने मौके पर ही पंचायत भवन के संबंध में जानकारी जुटानी चाही, लेकिन कुछ पता नहीं लग सका। गांव के लोगों ने सामुदायिक भवन के खिड़की-दरवाजे चोरी होने और दोनों स्थानों पर भूसा, उपले भरे होने की शिकायत भी की। एडीएम ने बताया कि पंचायत भवन मामले में जांच कराकर संबंधित ठेकेदार से रिकवरी के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन