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बंद मिला अक्टामई का प्राथमिक स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Tue, 07 Mar 2017 11:24 PM IST
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स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा का सच: निरीक्षण में कई विद्यालयों में उपस्थित मिले एक चौथाई बच्चे
बीएसए ने मंगलवार को अपने ही विभाग के स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई की सच्चाई जानी। सुबह साढ़े नौ बजे उनको कादरचौक ब्लाक का प्राथमिक विद्यालय अक्टामई बंद मिला। उन्होंने सारे शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
कादरचौक ब्लाक के ही जूनियर हाईस्कूल मल्लामई में पंजीकृत 87 बच्चों में से सिर्फ सात ही मौजूद मिले। एक शिक्षक गैरहाजिर मिले। बाकी प्रशिक्षण में बताए गए। मल्लामई के प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 148 बच्चों में से 25 ही उपस्थिति थे। विद्यालय में गंदगी और बच्चों के बैठने वाली चटाइयां गंदी मिलीं। प्राथमिक विद्यालय खिरिया वाकरपुर में 162 में से 50 बच्चे मौजूद मिले। जूनियर हाईस्कूल खिरिया वाकरपुर में 102 में से 20 बच्चे ही उपस्थित मिले। प्राथमिक विद्यालय पतौरा में 90 में से 14 बच्चे ही उपस्थित थे तो प्राथमिक विद्यालय बुर्रा फरीदपुर में 137 में से 53। प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर में 158 में से 60 बच्चे उपस्थित थे। एक शिक्षिका को गैरहाजिर पाया। इसी तरह उझानी नगर क्षेत्र के सरोजनी नायडू जूनियर हाईस्कूल में 106 में से 32 बच्चे ही उपस्थित मिले। सरोजनी नायडू प्राथमिक विद्यालय में 218 में से 53 बच्चे उपस्थित मिले।
बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने बताया कि उझानी के मदरशील मैमोरियल ऐकेडमी के निरीक्षण में बीएसए ने सीबीएसई के नाम पर पुस्तक, यूनिफार्म और अन्य माध्यमों से भारी फीस वसूली कर बच्चों का प्रवेश लेना पाया। शैक्षणिक स्तर काफी नीचा मिला। बीएसए ने विद्यालय प्रबंधक और प्रधानाचार्य से जवाब मांगा है। लिटिल एंजिल पब्लिक स्कूल, उझानी, एस्सल पब्लिक स्कूल, उझानी, आरबीआरएम स्कूल में भी सीबीएसई के नाम पर फीस वसूली की बात सामने आई। स्वामी मिथलेश कुमारी, जूनियर हाईस्कूल उझानी में हाईस्कूल, उझानी, सीआर मैमोरियल पब्लिक स्कूल में बीएसए को कक्षा पांच की मान्यता के बावजूद आठवीं तक शिक्षण पाया। इस मामले में भी स्पष्टीकरण तलब किया है।
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बीएसए ने मंगलवार को अपने ही विभाग के स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई की सच्चाई जानी। सुबह साढ़े नौ बजे उनको कादरचौक ब्लाक का प्राथमिक विद्यालय अक्टामई बंद मिला। उन्होंने सारे शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
कादरचौक ब्लाक के ही जूनियर हाईस्कूल मल्लामई में पंजीकृत 87 बच्चों में से सिर्फ सात ही मौजूद मिले। एक शिक्षक गैरहाजिर मिले। बाकी प्रशिक्षण में बताए गए। मल्लामई के प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 148 बच्चों में से 25 ही उपस्थिति थे। विद्यालय में गंदगी और बच्चों के बैठने वाली चटाइयां गंदी मिलीं। प्राथमिक विद्यालय खिरिया वाकरपुर में 162 में से 50 बच्चे मौजूद मिले। जूनियर हाईस्कूल खिरिया वाकरपुर में 102 में से 20 बच्चे ही उपस्थित मिले। प्राथमिक विद्यालय पतौरा में 90 में से 14 बच्चे ही उपस्थित थे तो प्राथमिक विद्यालय बुर्रा फरीदपुर में 137 में से 53। प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर में 158 में से 60 बच्चे उपस्थित थे। एक शिक्षिका को गैरहाजिर पाया। इसी तरह उझानी नगर क्षेत्र के सरोजनी नायडू जूनियर हाईस्कूल में 106 में से 32 बच्चे ही उपस्थित मिले। सरोजनी नायडू प्राथमिक विद्यालय में 218 में से 53 बच्चे उपस्थित मिले।
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बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने बताया कि उझानी के मदरशील मैमोरियल ऐकेडमी के निरीक्षण में बीएसए ने सीबीएसई के नाम पर पुस्तक, यूनिफार्म और अन्य माध्यमों से भारी फीस वसूली कर बच्चों का प्रवेश लेना पाया। शैक्षणिक स्तर काफी नीचा मिला। बीएसए ने विद्यालय प्रबंधक और प्रधानाचार्य से जवाब मांगा है। लिटिल एंजिल पब्लिक स्कूल, उझानी, एस्सल पब्लिक स्कूल, उझानी, आरबीआरएम स्कूल में भी सीबीएसई के नाम पर फीस वसूली की बात सामने आई। स्वामी मिथलेश कुमारी, जूनियर हाईस्कूल उझानी में हाईस्कूल, उझानी, सीआर मैमोरियल पब्लिक स्कूल में बीएसए को कक्षा पांच की मान्यता के बावजूद आठवीं तक शिक्षण पाया। इस मामले में भी स्पष्टीकरण तलब किया है।
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