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Budaun News: फर्जी नियुक्तिपत्र थमाकर नौ माह नौकरी कराई, वेतन न मिला तो ठगी का पता चला
Thu, 28 Sep 2023 01:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 28 Sep 2023 01:19 AM IST
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बदायूं। जिला अस्पताल में नौकरी दिलवाने के नाम पर चार लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने फर्जी नियुक्तिपत्र देकर करीब नौ माह तक काम भी कराया, लेकिन जब वेतन नहीं मिला तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इंटरमीडिएट की छात्रा ने अपनी बहन की देवरानी समेत दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
उसहैत थाना क्षेत्र के गांव टिकरा बछेली निवासी खुशबू पुत्री वीरेंद्र इंटरमीडिएट की छात्रा है। उसका कहना है कि उसकी बड़ी बहन राजमाला की शादी उघैती में हुई है। इससे उसका अपनी बहन के घर आना जाना था। इसी दौरान उसकी बहन की देवरानी सीमा पत्नी नौवतराम से मुलाकात हुई। सीमा ने उसके परिवार वालों को बताया कि वह खुशबू और उसके भाई योगेंद्र की जिला अस्पताल में नौकरी लगवा देगी।
इसके लिए केवल चार लाख रुपये खर्च होंगे। वह उन्हें जिला अस्पताल लेकर आई, जहां उसने एक सुदीप नाम के व्यक्ति से मिलवाया। उनसे कहा कि वह फटाफट रुपये दे दें, जिससे दोनों भाई-बहन को नौकरी पर लगवा सके। इससे उन्होंने धीरे-धीरे करके करीब चार लाख रुपये ठग लिए। बाद में सुदीप ने उसे वार्ड आया के पद का नियुक्ति पत्र दिया।
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वह उसके कहने पर जिला अस्पताल में करीब नौ माह तक नौकरी करती रही लेकिन जब उसे वेतन नहीं मिला तो उसने अधिकारियों से शिकायत की। तो पता चला कि वह अस्पताल की कर्मचारी ही नहीं है। तब उसे अहसास हुआ कि आरोपियों ने उससे ठगी कर ली है। इस पर खुशबू ने कोतवाली आकर दोनों आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, जिससे पुलिस ने सीमा और सुदीप दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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उसहैत थाना क्षेत्र के गांव टिकरा बछेली निवासी खुशबू पुत्री वीरेंद्र इंटरमीडिएट की छात्रा है। उसका कहना है कि उसकी बड़ी बहन राजमाला की शादी उघैती में हुई है। इससे उसका अपनी बहन के घर आना जाना था। इसी दौरान उसकी बहन की देवरानी सीमा पत्नी नौवतराम से मुलाकात हुई। सीमा ने उसके परिवार वालों को बताया कि वह खुशबू और उसके भाई योगेंद्र की जिला अस्पताल में नौकरी लगवा देगी।
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इसके लिए केवल चार लाख रुपये खर्च होंगे। वह उन्हें जिला अस्पताल लेकर आई, जहां उसने एक सुदीप नाम के व्यक्ति से मिलवाया। उनसे कहा कि वह फटाफट रुपये दे दें, जिससे दोनों भाई-बहन को नौकरी पर लगवा सके। इससे उन्होंने धीरे-धीरे करके करीब चार लाख रुपये ठग लिए। बाद में सुदीप ने उसे वार्ड आया के पद का नियुक्ति पत्र दिया।
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वह उसके कहने पर जिला अस्पताल में करीब नौ माह तक नौकरी करती रही लेकिन जब उसे वेतन नहीं मिला तो उसने अधिकारियों से शिकायत की। तो पता चला कि वह अस्पताल की कर्मचारी ही नहीं है। तब उसे अहसास हुआ कि आरोपियों ने उससे ठगी कर ली है। इस पर खुशबू ने कोतवाली आकर दोनों आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, जिससे पुलिस ने सीमा और सुदीप दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।