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Budaun News: गंगाघाट हरिद्वार की तरह दिखने के लिए 19.45 करोड़ रुपये का इंतजार

Sun, 06 Apr 2025 11:43 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 06 Apr 2025 11:43 PM IST
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Gangaghat awaits Rs 19.45 crore to look like Haridwar
कछला के इसी गंगाघाट का होना है कायाकल्प। संवाद - फोटो : बिधूना के हरदू फायर स्टेशन में खड़ा दमकल का वाहन।
उझानी। गंगा का कछला घाट हरिद्वार की भांति दिखने के लिए यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन की डीपीआर को जल शक्ति मंत्रालय से स्वीकृत कराने के साथ 19.45 करोड़ रुपये अवमुक्त कराने की पहल शुरू हो गई है। फाइल करीब दो साल पहले लखनऊ से दिल्ली भेजी गई थी। कछला घाट के कायाकल्प के लिए कोशिश करीब एक दशक से चल रही है। राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर से जब कवायद ने जोर पकड़ा, किसी न किसी स्तर पर पेच फंसता रहा।
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लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को घाट की हकीकत से जुड़ा पत्र सौंपा तो दोनों मंत्रियों की पहल पर प्रदेश के जल शक्ति मंत्रालय यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी थी। अप्रैल- 23 में डीपीआर तैयार कर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय में भेज दी गई। इसे लेकर कछला नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह दो- तीन बार केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से जुड़े राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अफसरों से मिल चुके हैं। पिछले दिनों नगर पंचायत अध्यक्ष ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल से भेंट की।
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महानिदेशक से गंगाघाट के कायाकल्प को 19.45 करोड़ रुपये अवमुक्त कराने की मांग की। बताते हैं कि गंगाघाट पर एक और पुल के निर्माण पर जो पेंच फंसा था, वह करीब- करीब निकल गया है। इसे लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से रिपोर्ट मांगी थी। बताते हैं कि धनराशि अवमुक्त होने के बाद ही गंगाघाट का कायाकल्प शुरू होगा।
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निर्माण के बाद नहीं रहेगा जान का खतरा
कछला गंगाघाट के कायाकल्प का काम 19.45 करोड़ रुपये से होना है। इसके तहत गंगा किनारे दोनों ओर पक्के घाट, गंगा में जलस्तर तक पक्की सीढि़यों पर श्रद्धालुओं की सुविधा को जंजीरें, घाट के पास पार्क, विश्रामगृह, पथ प्रकाश और अत्याधुनिक शौचालय का काम होना है। कायाकल्प को फायदा बाढ़ नियंत्रण में भी मिलेगा। खासकर गंगा में बाढ़ के दिनों में श्रद्धालुओं की जान पर जोखिम नहीं रहेगा।


मध्यप्रदेश और राजस्थान से भी आते हैं श्रद्धालु
गंगा स्नान के लिए कछला घाट पर बदायूं, बरेली, पीलीभीत, कासगंज, एटा, आगरा, मथुरा आदि के श्रद्धालु तो आते हैं, लेकिन विशेष स्नान पर्व सोमवती और गुरु पूर्णिमा पर राजस्थान और मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी नजर आती है। इसके अलावा सावन में पूरे महीना में कछला घाट शिवभक्तों से सराबोर रहता है। कांवड़ यात्रा भी कछला से शुरू होती है।


यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन ने गंगाघाट के कायाकल्प को 19.45 करोड़ रुपये का जो प्रस्ताव भेजा था, वह अंतिम चरण की कार्रवाई की ओर है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक ने उन्हें जल्द ही आगे की पूरी कार्रवाई कर देने का आश्वासन दिया है।- जगदीश सिंह, अध्यक्ष, नगर पंचायत कछला
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