Budaun: पठानकोट से लौट रहे फल विक्रेता की ट्रेन से गिरकर मौत, हादसे ने छीनी परिवार की खुशियां
ग्राम बिजौरी निवासी कृष्ण मुरारी पंजाब के पठानकोट में फल विक्रेता थे। वह त्योहार पर ही घर आते थे। इस बार दिवाली के चलते घर आ रहे थे, लेकिन हादसे में उनकी जान चली गई।
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बदायूं के बिसौली कोतवाली क्षेत्र में पुरुआ खेड़ा रेलवे हॉल्ट पर ट्रेन की चपेट में आने से 52 वर्षीय फल विक्रेता कृष्णमुरारी की मौत हो गई। कृष्ण मुरारी पठानकोट में रहकर फल बेचने का काम करते थे। वह दिवाली के त्योहार पर घर आ रहे थे। इसी दौरान पुरुआ खेड़ा रेलवे हॉल्ट पर ट्रेन से उतरते समय अचानक पैर फिसलने से नीचे आ गए।
ग्राम बिजौरी निवासी कृष्ण मुरारी का परिवार गांव में ही रहता है। उनके तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी नेहा की शादी हो चुकी है। परिवार वालों का कहना है कि कृष्ण मुरारी त्योहार पर ही घर आते थे। बाकी समय पठानकोट में रहकर काम करते थे। इस दिवाली के त्योहार पर भी घर आ रहे थे।
शाम को घरवालों से हुई थी बात
शुक्रवार शाम परिवार वालों की उनसे आखिरी बार मोबाइल पर बात हुई थी। तब उन्होंने बताया था कि वह ट्रेन में सवार हो गए हैं। वह सुबह के समय मुरादाबाद पहुंचे थे। वहां से चंदौसी-आसफपुर होते हुए बरेली जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। सुबह करीब छह बजे ट्रेन बिसौली कोतवाली क्षेत्र के पुरुआ खेड़ा रेलवे हॉल्ट पर पहुंची थी।
जैसे ही ट्रेन धीमी हुई कि वह नीचे उतरने लगे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह ट्रेन के नीचे आ गए, जिससे ट्रेन से कटकर उनकी मौत हो गई। घटना के बाद तमाम लोग मौके पर जुट गए। उन्होंने कृष्ण मुरारी के शव को ट्रेन के नीचे से निकाला और उनके परिवार वालों को सूचना दी, जिससे परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। बाद में पहुंची कोतवाली पुलिस ने दोपहर के समय उनके शव का पोस्टमार्टम करा दिया।
एक साल में परिवार में तीसरी मौत
परिवार वालों का कहना है कि इस साल में उनके परिवार में तीसरी मौत हुई है। फरवरी माह में कृष्ण मुरारी की मां शांति देवी चल बसी थीं। दो सितंबर को उनके छोटे भाई विपिन कुमार की मौत हो गई थी। अब कृष्ण मुरारी की जान चली गई। इस घटना ने उनके परिवार की खुशियां छीन लीं।