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Budaun News: जालसाजों ने कोर्ट का फर्जी आदेश बनाकर अवमुक्त कराए दस वाहन, रिपोर्ट दर्ज

Sun, 07 Jul 2024 11:38 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2024 11:38 PM IST
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Fraudsters released ten vehicles by making fake court order, report filed
बदायूं। न्यायालय से वाहनों को अवमुक्त कराने के संबंध में एक बड़ा फर्जीबाड़ा सामने आया है। न्यायालय के नाम से फर्जी आदेश बनवाकर पुलिस से 10 वाहनों को अवमुक्त करा लिया। जब एक व्यक्ति फर्जी आदेश लेकर न्यायालय पहुंचा और बोला कि इस पर गोल मुहर नहीं लगी है। पुलिस इसलिए वाहन को अवमुक्त नहीं कर रही है। तब न्यायालय ने आदेश का सत्यापन कराया। पता चला कि वह आदेश न्यायालय से जारी ही नहीं हुआ था। ऐसे करीब 10 आदेश बनवाकर वाहनों को अवमुक्त करा लिया गया। यह आदेश किसने बनाए थे और कहां बनाए गए, अभी इसका पता नहीं चला है। न्यायालय के अहलमद और यातायात प्रभारी ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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न्यायालय सीजेएम के अहलमद मनोज यादव द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, यह मामला पांच जुलाई का है। शाम के चार बज रहे थे। उस दौरान कार्यालय में कार्य चल रहा था। तभी एक व्यक्ति सरकार बनाम रंजीत धारा 207 एमवी एक्ट के मुकदमे में वाहन संख्या यूपी 24 टी 6003 का अवमुक्त आदेश लेकर पहुंचा।
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उसने बताया कि इस आदेश पर गोल मुहर नहीं लगी है। इसलिए गाड़ी नहीं छूट रही। इस पर गोल मुहर लगा दो। यह सुनकर उससे आदेश लेकर मामले की छानबीन की गई। कार्यालय की फाइल से उसका मिलान किया गया तो पता चला कि ऐसा कोई आदेश कार्यालय से जारी नहीं हुआ है। न ही कोई प्रतिलिपि कार्यालय से जारी की गई थी। ऐसा लगता है कि यह किसी ने फर्जी आदेश बनाया है।
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उधर, जब इसकी जानकारी प्रभारी यातायात निरीक्षक रामसेवक राठौर को हुई तो उन्होंने अपने यहां भी अवमुक्त वाहनों का सत्यापन कराया। पता चला कि एक-दो नहीं बल्कि 10 फर्जी आदेश आए थे, जिनके जरिए वाहनों को अवमुक्त कर दिया गया है। इसमें कहीं न कहीं यातायात पुलिस की भी लापरवाही रही कि उन्होंने ठीक से आदेश को नहीं देखा या फिर वाहन अवमुक्त करने वाले पुलिस कर्मियों को आदेश के प्रारूप की जानकारी नहीं थी। केवल न्यायालय का नाम देखकर वाहन को अवमुक्त कर दिया गया। इससे यातायात पुलिस में खलबली मची हुई है। इस संबंध में प्रभारी यातायात निरीक्षक ने भी अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है, जिसकी सिविल लाइंस थाना पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।

ये वाहन किए गए अवमुक्त
न्यायालय के नाम से बनाए गए फर्जी आदेश पर यूपी 25 ईए 0773 वाहन स्वामी श्यामपाल, यूपी 25 ईटी 4464 वाहन स्वामी लोकमान हुसैन, यूपी 25 एफटी 3211 वाहन मालिक नरेश, यूपी 25 एटी 1380 वाहन मालिक मोरपाल, यूपी 24 एटी 1566 वाहन मालिक आफाक, यूपी 25 डीटी 8754 वाहन मालिक वेदप्रकाश आर्य, यूपी 25 एटी 0069 वाहन मालिक बेबी, यूपी 25 एटी 1052 बदन सिंह, यूपी 25 एटी 0839 वाहन मालिक आकाश और यूपी 25 ईटी 1428 वाहन मालिक अनीस अहमद आदि वाहनों को अवमुक्त करा लिया गया है।


मामले की छानबीन के लिए सिविल लाइंस थाना पुलिस और एसओजी को लगाया गया है। जिन वाहन मालिकों ने अपने वाहनों को अवमुक्त कराया है। उन्हीं से पता चलेगा कि उनके वाहन का अवमुक्त आदेश कहां से मिला और किसने दिलाया। इसमें अपराधियों के चेहरे सामने आने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
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