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Budaun News: सीएमओ कार्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे चार हजार कर्मचारी
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सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देते एनएचएम के पदाधिकारी। संवाद
बदायूं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। चार हजार कर्मचारियों के एक साथ कार्य बहिष्कार करने से 15 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। हालांकि कर्मचारियों ने आकस्मिक सेवाएं बहाल रखने की बात कही है।
एनएचएम के जिला अध्यक्ष केवी चतुर्वेदी ने बताया कि एनएचएम के तहत जिले में विभिन्न इकाइयों और कार्यक्रमों में तैनात कार्मिक हड़ताल में शामिल हैं। इनमें जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा मेन स्ट्रीम, गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) व प्रसव एवं मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े कार्मिकों ने भी कार्य बहिष्कार में हिस्सा लिया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम और कुष्ठ निवारण कार्यक्रम के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हैं। कम्युनिटी प्रोसेस, नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाई (एनबीएसयू), विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) और शहरी क्षेत्र में संचालित एनएचएम के विभिन्न कार्यक्रमों के कार्मिक भी हड़ताल में शामिल हैं।
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एनयूएचएम के जिलाध्यक्ष नीरज यादव ने कहा कि कर्मचारी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देकर विरोध जताया। इस मौके पर एनएचएम जिला उपाध्यक्ष हरि निवास यादव, जिला महासचिव डॉ. प्रभाकर मिश्रा, जिला महामंत्री अशोक माथुर आदि मौजूद रहे।
इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी बहाल
एनएचएम के जिलाध्यक्ष केवी चतुर्वेदी ने कहा कि हड़ताल के दौरान आकस्मिक सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में उपचार दिया जाएगा। हालांकि, नियमित ओपीडी, फील्ड कार्य और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ी गतिविधियों पर हड़ताल का असर पड़ने की बात कही जा रही है।
डॉक्टरों की हड़ताल से जिला अस्पताल में मरीज बेहाल
- डॉक्टर कक्ष से दवा काउंटर तक पसरा सन्नाटा, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज व तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में भी दिखाई दिया। एनएचएम के डॉक्टर और कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर रहे। इससे डॉक्टर कक्ष से लेकर दवा काउंटर तक सन्नाटा पसरा रहा। इलाज की उम्मीद में अस्पताल पहुंचे मरीजों और तीमारदारों को कई सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल में एनएचएम के तहत तैनात डॉक्टर और कर्मचारी विभिन्न सेवाओं में अपनी जिम्मेदारी संभालते हैं। बृहस्पतिवार को इनके हड़ताल पर जाने के कारण ओपीडी की नियमित व्यवस्था प्रभावित हुई। कई मरीजों को संबंधित डॉक्टर के बारे में जानकारी लेने के लिए कर्मचारियों से पूछताछ करनी पड़ी। दवा काउंटर पर भी सामान्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा दिखाई दिया।
वहीं, बिसौली से मरीज संदीप को लेकर आए तीमारदार रमेश ने बताया कि वह सुबह ही अस्पताल पहुंच गए थे। मरीज को दिखाने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उन्हें हड़ताल की जानकारी पहले से नहीं थी। अस्पताल आने के बाद पता चला कि कुछ डॉक्टर और कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
शहर के जवाहरपुरी निवासी सुमित सिंह ने बताया कि वह अपने भाई को डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल लाए थे। यहां पहुंचने पर डॉक्टर नहीं होने की जानकारी मिली। ऐसे में जिन डॉक्टर से पहले दवाएं चल रही थी और फायदा मिला था, उनके न मिलने से दिक्कत हुई। मजबूरी में दूसरे डॉक्टर को दिखाना पड़ा।
डाॅक्टर और कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल में मरीजों को कुछ दिक्कतें हुई हैं। इनकी मांगें जिला स्तरीय नहीं हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता है। - डॉ. सतीश चंद्र नागर, सीएमएस जिला अस्पताल, बदायूं
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एनएचएम के जिला अध्यक्ष केवी चतुर्वेदी ने बताया कि एनएचएम के तहत जिले में विभिन्न इकाइयों और कार्यक्रमों में तैनात कार्मिक हड़ताल में शामिल हैं। इनमें जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा मेन स्ट्रीम, गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) व प्रसव एवं मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े कार्मिकों ने भी कार्य बहिष्कार में हिस्सा लिया है।
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम और कुष्ठ निवारण कार्यक्रम के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हैं। कम्युनिटी प्रोसेस, नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाई (एनबीएसयू), विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) और शहरी क्षेत्र में संचालित एनएचएम के विभिन्न कार्यक्रमों के कार्मिक भी हड़ताल में शामिल हैं।
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एनयूएचएम के जिलाध्यक्ष नीरज यादव ने कहा कि कर्मचारी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देकर विरोध जताया। इस मौके पर एनएचएम जिला उपाध्यक्ष हरि निवास यादव, जिला महासचिव डॉ. प्रभाकर मिश्रा, जिला महामंत्री अशोक माथुर आदि मौजूद रहे।
इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी बहाल
एनएचएम के जिलाध्यक्ष केवी चतुर्वेदी ने कहा कि हड़ताल के दौरान आकस्मिक सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में उपचार दिया जाएगा। हालांकि, नियमित ओपीडी, फील्ड कार्य और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ी गतिविधियों पर हड़ताल का असर पड़ने की बात कही जा रही है।
डॉक्टरों की हड़ताल से जिला अस्पताल में मरीज बेहाल
- डॉक्टर कक्ष से दवा काउंटर तक पसरा सन्नाटा, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज व तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में भी दिखाई दिया। एनएचएम के डॉक्टर और कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर रहे। इससे डॉक्टर कक्ष से लेकर दवा काउंटर तक सन्नाटा पसरा रहा। इलाज की उम्मीद में अस्पताल पहुंचे मरीजों और तीमारदारों को कई सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल में एनएचएम के तहत तैनात डॉक्टर और कर्मचारी विभिन्न सेवाओं में अपनी जिम्मेदारी संभालते हैं। बृहस्पतिवार को इनके हड़ताल पर जाने के कारण ओपीडी की नियमित व्यवस्था प्रभावित हुई। कई मरीजों को संबंधित डॉक्टर के बारे में जानकारी लेने के लिए कर्मचारियों से पूछताछ करनी पड़ी। दवा काउंटर पर भी सामान्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा दिखाई दिया।
वहीं, बिसौली से मरीज संदीप को लेकर आए तीमारदार रमेश ने बताया कि वह सुबह ही अस्पताल पहुंच गए थे। मरीज को दिखाने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उन्हें हड़ताल की जानकारी पहले से नहीं थी। अस्पताल आने के बाद पता चला कि कुछ डॉक्टर और कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
शहर के जवाहरपुरी निवासी सुमित सिंह ने बताया कि वह अपने भाई को डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल लाए थे। यहां पहुंचने पर डॉक्टर नहीं होने की जानकारी मिली। ऐसे में जिन डॉक्टर से पहले दवाएं चल रही थी और फायदा मिला था, उनके न मिलने से दिक्कत हुई। मजबूरी में दूसरे डॉक्टर को दिखाना पड़ा।
डाॅक्टर और कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल में मरीजों को कुछ दिक्कतें हुई हैं। इनकी मांगें जिला स्तरीय नहीं हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता है। - डॉ. सतीश चंद्र नागर, सीएमएस जिला अस्पताल, बदायूं

सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देते एनएचएम के पदाधिकारी। संवाद

सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देते एनएचएम के पदाधिकारी। संवाद