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कागजों में ही सिमट गई  महिला शक्तिपरी योजना

Sat, 10 Dec 2016 11:27 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sat, 10 Dec 2016 11:27 PM IST
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महिला उत्पीड़न, छेड़छाड़ रोकने को होना था इस पर काम
हाईस्कूल से ऊपर की छात्राओं को मिलना था शक्तिपरी का दर्जा

 छात्राओं और महिलाओं की मदद कर उन्हें सुरक्षा का अहसास कराने के लिए बेटियों को शक्तिपरी बनाने की योजना कागजों में सिमट कर रह गई है। विद्यालय इसमें रुचि नहीं ले रहे और विभाग ध्यान नहीं दे रहा। शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का छात्राओं को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। पुलिस विभाग ने कॉलेजों के लिए फार्म कई महीने पहले ही भेज दिए थे। इसके बावजूद अब तक यह फार्म वापस पुलिस विभाग को नहीं भेजे गए हैं। ऐसे में यह योजना अधर में लटकी हुई है।
महिला उत्पीड़न की वारदातों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार कई कार्यक्रम चला रही है। महिलाओं व युवतियों को शक्ति प्रदान करने के लिए कक्षा 10 से ऊपर पढ़ने वाली छात्राओं को शक्तिपरी बनाए जाने की योजना है। शक्तिपरियों को एक तहत से पुलिस अधिकारी का दर्जा दिया जाना है। मंशा यह है कि यह शक्ति परियां महिलाओं व अन्य जरूरतमंदों को 1090 की कार्य प्रणाली की जानकारी देंगी। साथ ही अपने आस पास महिलाओं पर होने वाले गलत व्यवहार की 1090 को गोपनीय सूचना देकर महिलाओं उत्पीड़न की वारदातों पर अंकुश में पुलिस का सहयोग करेंगे। ताकि दबी-कुचली महिलाओं का भी मनोबल बढ़ सके। मंशा तो बहुत अच्छी थी और गृह विभाग की पहल पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को विद्यालयों में शक्ति परी बनवाने का आदेश भी दिया था।
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इस संबंध में डीआईञओएस ने जिले के विद्यालयों को आदेश जारी कर लिया था। लेकिन, आदेश को एक माह गुजर जाने के बाद भी शक्ति परियों का गठन नहीं हो सका है। विभागीय जानकारों के अनुसार विद्यालय इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। उच्च और माध्यमिक शिक्षा विभाग की लापरवाही की वजह से शक्तिपरी योजना फाइलों में ही दब कर रह गई है। 
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विद्यालयों ने पुलिस विभाग को वापस नहीं किए फार्म
बदायूं। महिला शक्तिपरी योजना के तकत इंटर और डिग्री कॉलेजों को पुलिस विभाग ने फार्म उपलब्ध करा दिए थे। इन फार्म को हाई स्कूल से ऊपर की छात्राओं से भरवा कर पुलिस विभाग को भेजा जाना था। किसी भी कॉलेज ने अब तक पुलिस विभाग को यह फार्म वापस भेजे ही नहीं हैं। उच्च और माध्यमिक शिक्षा विभाग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में आला दर्जे की लापरवाही सामने आई है। 

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शक्तिपरी योजना के तहत विद्यालयों को फार्म पहले ही भेजे जा चुके हैं। छात्राओं से भरवाने के बाद यह फार्म वापस पुलिस विभाग को नहीं भेजे गए हैं। विद्यालयों को रिमाइंडर भेजकर जल्द फार्म देने को कहा जाएगा।
-अनिल कुमार यादव, प्रभारी एसएसपी
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