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खेत से लौट रहे किसान की बाढ़ के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत
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जगदीश (फाइल फोटो)
- फोटो : BADAUN
सहसवान (बदायूं)। खेत पर फसल देखने गए तटवर्ती गांव सुकर्रा के किसान जगदीश की बाढ़ के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। शाम करीब छह बजे उसका शव मिला। सूचना पर पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है।
सहसवान तहसील का गांव सुकर्रा गंगा का तटवर्ती गांव है। हर वर्ष बाढ़ के सीजन में गांव तक पानी आ जाता है। काफी किसानों की कृषि भूमि भी जलमग्न हो जाती है। गत पांच-छह दिन से गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। ऐसे में कई तटवर्ती गांवों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। सुगर्रा गांव के 50 वर्षीय जगदीश का खेत गांव से कुछ ही दूरी पर है। बुधवार दोपहर वह खेत पर फसल देखने के लिए घर से निकला था। बातते हैं कि दोपहर करीब दो बजे खेत से घर लौट रहा था। पूरे रास्ते में एक से दो फुट तक बाढ़ का पानी भरा हुआ था। घर और खेत के रास्ते में एक काफी गहरा और बढ़ा गड्ढा है। गांव के लोग इसे कुंडा भी बोलते हैं।
जगदीश जब खेत से घर लौट रहा था तभी रास्ते में उसका पैर फिसल गया और वह कुंडा में गिरकर डूब गया। शाम करीब छह बजे गांव के लोगों ने कुंडा में शव उतराते हुए देखा। इसके बाद गांव के लोगों ने शव को बाहर निकाला। जगदीश के परिवार में पत्नी समेत चार बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों और दो बेटों की वह शादी कर चुका है।
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इस संबंध में अभी जानकारी जुटाई जा रही है। संबंधितों को निर्देशित किया है। किसान की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हुई है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मृतक आश्रितों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
-विजय कुमार मिश्रा, एसडीएम सहसवान
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गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर
बदायूं। गंगा के जलस्तर में मंगलवार के मुकाबले बुधवार को कुछ कमी आई, लेकिन जलस्तर अब भी खतरे के निशान से करीब 62 सेमी ऊपर है। मंगलवार को मीटर गेज पर जलस्तर 162.75 मीटर दर्ज किया गया था। खतरे का निशान 162 मीटर पर है। बुधवार को जलस्तर मीटर गेज पर 162.62 मीटर रहा।
गंगा में बुधवार को भी नरौरा बैराज से 72172, बिजनौर से 41862 और हरिद्वार से 66324 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा में उफान के कारण दातागंज और सहसवान तहसील के 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न होने के कारण सड़क संपर्क भी कट गया है। दातागंज के गांव अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर, कमलैयापुर, जटा में हालात गंभीर बने हुए हैं। सहसवान के गांव वीर सहाय नगला, परशुराम नगला, तौफी नगला में हालात गंभीर हैं। तटबंधों पर लगातार दबाव के कारण बाढ़ खंड की टीमें बालू भरी बोरियां लगाने में जुटी हुई हैं। कई स्थानों पर गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि जलस्तर अब भी खतरे के निशान से करीब 62 सेमी ऊपर है। तटबंधों के साथ तटवर्ती गांवों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। संवाद
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सहसवान तहसील का गांव सुकर्रा गंगा का तटवर्ती गांव है। हर वर्ष बाढ़ के सीजन में गांव तक पानी आ जाता है। काफी किसानों की कृषि भूमि भी जलमग्न हो जाती है। गत पांच-छह दिन से गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। ऐसे में कई तटवर्ती गांवों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। सुगर्रा गांव के 50 वर्षीय जगदीश का खेत गांव से कुछ ही दूरी पर है। बुधवार दोपहर वह खेत पर फसल देखने के लिए घर से निकला था। बातते हैं कि दोपहर करीब दो बजे खेत से घर लौट रहा था। पूरे रास्ते में एक से दो फुट तक बाढ़ का पानी भरा हुआ था। घर और खेत के रास्ते में एक काफी गहरा और बढ़ा गड्ढा है। गांव के लोग इसे कुंडा भी बोलते हैं।
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जगदीश जब खेत से घर लौट रहा था तभी रास्ते में उसका पैर फिसल गया और वह कुंडा में गिरकर डूब गया। शाम करीब छह बजे गांव के लोगों ने कुंडा में शव उतराते हुए देखा। इसके बाद गांव के लोगों ने शव को बाहर निकाला। जगदीश के परिवार में पत्नी समेत चार बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों और दो बेटों की वह शादी कर चुका है।
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इस संबंध में अभी जानकारी जुटाई जा रही है। संबंधितों को निर्देशित किया है। किसान की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हुई है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मृतक आश्रितों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
-विजय कुमार मिश्रा, एसडीएम सहसवान
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गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर
बदायूं। गंगा के जलस्तर में मंगलवार के मुकाबले बुधवार को कुछ कमी आई, लेकिन जलस्तर अब भी खतरे के निशान से करीब 62 सेमी ऊपर है। मंगलवार को मीटर गेज पर जलस्तर 162.75 मीटर दर्ज किया गया था। खतरे का निशान 162 मीटर पर है। बुधवार को जलस्तर मीटर गेज पर 162.62 मीटर रहा।
गंगा में बुधवार को भी नरौरा बैराज से 72172, बिजनौर से 41862 और हरिद्वार से 66324 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा में उफान के कारण दातागंज और सहसवान तहसील के 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न होने के कारण सड़क संपर्क भी कट गया है। दातागंज के गांव अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर, कमलैयापुर, जटा में हालात गंभीर बने हुए हैं। सहसवान के गांव वीर सहाय नगला, परशुराम नगला, तौफी नगला में हालात गंभीर हैं। तटबंधों पर लगातार दबाव के कारण बाढ़ खंड की टीमें बालू भरी बोरियां लगाने में जुटी हुई हैं। कई स्थानों पर गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि जलस्तर अब भी खतरे के निशान से करीब 62 सेमी ऊपर है। तटबंधों के साथ तटवर्ती गांवों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। संवाद