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कटान के साथ गंगा ने लिया फैलाव, तटबंधों को खतरा
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जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा ने उसहैत में लिया फैलाव। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। कटान कर रही गंगा जलस्तर बढ़ने के साथ फैलाव भी ले रही है। सोमवार को खतरे के निशान पर गंगा का जलस्तर बढ़कर 161.24 मीटर हो गया। सोमवार को गंगा में इस सीजन का सबसे ज्यादा 33518 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अब तक जलस्तर में उतार चढ़ाव हो रहा था, लेकिन अब जलस्तर बढ़ने से खतरा पैदा हो रहा है।
सोमवार को गंगा में हरिद्वार से 43997 और बिजनौर से 49706 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही सोमवार को कछला में मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर बढ़कर 161.24 हो गया। मीटरगेज पर खतरे का निशान 165.20 है। गंगा ने अभी खतरे का निशान नहीं छुआ है, लेकिन खतरे के निशान की ओर बढ़ रही गंगा ने बाढ़ खंड और प्रशासन को मुश्किल में डाल दिया है। रविवार तक गंगा कटान ही कर रही थी, लेकिन सोमवार से उफान के साथ अपने निकटतम तटवर्ती 50 से ज्यादा गांवों के लोगों की धड़कने भी बढ़ा दी हैं।
उफान की ओर बढ़ रही गंगा ने दातागंज के साथ सदर और सहसवान तहसील के तटवर्ती गांवों के लिए भी खतरा पैदा कर दिया है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच गंगा के सात तटबंधों में तीन तटबंध पहले ही संवेदनशील श्रेणी में आ चुके हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ अब सामान्य श्रेणी के ईसमपुर, चंदनपुर-हुुसैनपुर, नगला अजमेरी और जोरी नगला तटबंधों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
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गंगा में छोड़ा गया पानी-
शुक्रवार- हरिद्वार से 29724, बिजनौर से 35781 और नरौरा बैराज से 13355 क्यूसेक
शनिवार- हरिद्वार से 30818, बिजनौर से 24812 और नरौरा बैराज से 14345 क्यूसेक
रविवार- हरिद्वार से 51843, बिजनौर से 52685 और नरौरा बैराज से 18758 क्यूसेक
सोमवार- हरिद्वार से 43997, बिजनौर से 49706 और नरौरा बैराज से 33518 क्यूसेक
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सोमवार को नरौरा बैराज से गंगा में 33518 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा वाटर डिस्चार्ज है। गंगा कटान करने के साथ अब फैलाव ले रही है, लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है। कटान वाले स्थानों पर प्रबंध किए जा रहे हैं।
- नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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सोमवार को गंगा में हरिद्वार से 43997 और बिजनौर से 49706 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही सोमवार को कछला में मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर बढ़कर 161.24 हो गया। मीटरगेज पर खतरे का निशान 165.20 है। गंगा ने अभी खतरे का निशान नहीं छुआ है, लेकिन खतरे के निशान की ओर बढ़ रही गंगा ने बाढ़ खंड और प्रशासन को मुश्किल में डाल दिया है। रविवार तक गंगा कटान ही कर रही थी, लेकिन सोमवार से उफान के साथ अपने निकटतम तटवर्ती 50 से ज्यादा गांवों के लोगों की धड़कने भी बढ़ा दी हैं।
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उफान की ओर बढ़ रही गंगा ने दातागंज के साथ सदर और सहसवान तहसील के तटवर्ती गांवों के लिए भी खतरा पैदा कर दिया है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच गंगा के सात तटबंधों में तीन तटबंध पहले ही संवेदनशील श्रेणी में आ चुके हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ अब सामान्य श्रेणी के ईसमपुर, चंदनपुर-हुुसैनपुर, नगला अजमेरी और जोरी नगला तटबंधों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
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गंगा में छोड़ा गया पानी-
शुक्रवार- हरिद्वार से 29724, बिजनौर से 35781 और नरौरा बैराज से 13355 क्यूसेक
शनिवार- हरिद्वार से 30818, बिजनौर से 24812 और नरौरा बैराज से 14345 क्यूसेक
रविवार- हरिद्वार से 51843, बिजनौर से 52685 और नरौरा बैराज से 18758 क्यूसेक
सोमवार- हरिद्वार से 43997, बिजनौर से 49706 और नरौरा बैराज से 33518 क्यूसेक
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सोमवार को नरौरा बैराज से गंगा में 33518 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा वाटर डिस्चार्ज है। गंगा कटान करने के साथ अब फैलाव ले रही है, लेकिन खतरे जैसी कोई बात नहीं है। कटान वाले स्थानों पर प्रबंध किए जा रहे हैं।
- नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड