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रामगंगा का जलस्तर कम हुआ, गंगा अब भी खतरे के निशान के ऊपर

Tue, 26 Oct 2021 01:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 01:40 AM IST
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गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर हैं। कई स्थानों पर कटान हो रहा है। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में सोमवार को दूसरे दिन भी गिरावट जारी रही। रामगंगा तो खतरे के निशान से नीचे पहुंच गई हैं, लेकिन जलस्तर में गिरावट के बाद भी गंगा खतरे के निशान के ऊपर हैं। गंगा के तटवर्ती सहसवान और दातागंज के गांवों में लगातार कटान हो रहा है। सोमवार को भी नरौरा बैराज से गंगा में 90 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। मीटरगेज पर सोमवार को गंगा का जलस्तर 162.340 और रामगंगा का 161.120 मीटर दर्ज किया गया। दोनों नदियों का मीटरगेज पर खतरे का निशान 162 है।
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पिछले दिनों बारिश के बाद से गंगा में उफान था। इस दौरान खतरे के निशान पर बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 162.950 तक पहुंच गया था। इससे उसहैत, कछला, सहसान के करीब 50 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। दरअसल इन दिनों गंगा में लगातार तीन दिन तक दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। रविवार से कुछ सुधार हुआ। रविवार को 1.24 लाख क्सूसेक से ज्यादा और सोमवार को गंगा में नरौरा बैराज से 96 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। इसके बाद गंगा का जलस्तर कुछ कम हुआ है। इधर, कालागढ़ बैराज से रामगंगा में अब कम पानी आ रहा है। शुक्रवार से रामगंगा में भी उफान था। रविवार से रामगंगा का जलस्तर कम होने लगा। सोमवार को मीटरगेज पर जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गया है।
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जलस्तर कम होने के बाद दोनों नदियों के तटवर्ती गांवों में तेजी से कटान हो रहा है। उसहैत, जोरी नगला, गंगा-महावा, चंदनपुर-हुसैनपुर और भुंडी बांधों पर हालात अब भी संवेदनशील हैं। बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के प्रबंध किए जा रहे हैं। इधर, गांवों में अब भी बाढ़ का पानी भरा होने के कारण दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
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रामगंगा का जलस्तर कम हुआ है। गंगा का जलस्तर भी कम हुआ है, लेकिन गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर हैं। सोमवार को भी नरौरा बैराज से गंगा में 96 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। कटान वाले स्थानों पर बालू भरी बोरियां लगाने के साथ अन्य प्रबंध किए जा रहे हैं। अब खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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