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कासगंज के गांवों की सरपरस्ती को बदायूं तैयार
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Sat, 25 Jul 2015 12:38 AM IST
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कासगंज प्रशासन की मांग पर बाढ़ खंड बदायूं ने यहां 13 किमी नए बांध के
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निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया था, जो पास हो चुका है, लेकिन धन
उपलब्ध न होने से इसके ऊपर से बाढ़ का खतरा नहीं टला है। धन उपलब्ध कराने
को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के विचाराधीन है।
कादरचौक क्षेत्र की गंगा को बाढ़ के चढ़ाव से रोकने को कई बार प्रशासनिक
स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं।
मुनता नगला से सरैली के बीच नहीं कोई बांध
बदायूं। बाढ़ खंड विभाग सचेत करता रहा है कि गंाव मुनता नगला से सरैली के बीच बांध न होने के कारण गंगा का पानी कासगंज जिले के गांवों को अपनी चपेट में ले लेता है। वैसे तो जिले के बांधों में अब तक छह लाख क्यूसेक पानी झेलने की क्षमता का आभास करा दिया है, लेकिन तीन क्यूसेक से ऊपर गंगा का पानी बढ़ा तो कासगंज के इन गांवों में पानी भर जाना लाजिमी है। दरअसल, दो बांधों के बीच में इस इलाके में गंगा की बाढ़ रोक को कोई रुकावट नहीं है।
गंगा के फैलाव को बना है रास्ता
बदायूं। जिले मेें 78 किमी लंबे विभिन्न बांधों से गंगा के प्रवाह को बांधा गया है। कादरचौक क्षेत्र में एक ओर पथरामई बांध है तो दूसरी ओर जमीदाराना बांध है। दोनों बांधों के बीच में मुनता नगला से सरेली तक खुली जगह है। गंगा जब भी बाढ़ पर होती है, तो इधर से ही प्रवेश कर लेती है और विशेष कर कासगंज जिला के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों को प्रभावित कर डालती है। कासगंज प्रशासन के आग्रह पर बदायूं बाढ़ खंड ने इसके बीच 13 किमी बांध के निर्माण का प्रस्ताव भेजा, जिसे मंजूर कर लिया गया है। नाबार्ड इसे धनराशि प्रदान करेगा। स्वीकृति के बाद अभी भी धनराशि न मिल पाने के कारण इस सीजन में बांध का काम शुरू हो पाना मुश्किल होगा।
यहां से हो गया है बांध स्वीकृत
0 सिंचाई विभाग
0 गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना
वित्त प्राप्ति को विचाराधीन
0 नाबार्ड में
22 करोड़ की है परियोजना
बदायूं। मुनता नगला-सरैली 13 किमी बांध का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इसके लिए नाबार्ड की ओर से 22 करोड़ की परियोजना है। नाबार्ड अभी स्वीकृत धनराशि नहीं मिल सकी है और अब समय भी नहीं है। इसलिए इस सीजन में बाढ़ सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहेगी।
कासगंज के ये गांव होते हैं बाढ़ से प्रभावित
1. मुनता नगला, 2. सरैली, 3. ओम नगरिया, 4. तिलक नगला, 5. खुड़ा भाट, 6. हाफिज गंज, 7. डंबर नगला, 8. बकरी नगला, 9. वन सोती, 10. जिजौल, 11. बहेड़ा, 12. टिकाई, 13. फतेह नगला आदि।
मुनता नगला और सरैली के बीच 13 किमी का बांध स्वीकृत है। धन प्राप्ति के लिए नाबार्ड से संपर्क रखा जाएगा। इस सीजन में नहीं तो अगले सीजन से पहले यह काम हो जाए तो अच्छा रहेगा।
इंत्याजुर्रहमान, एक्सईएन, बाढ़ खंड
मुनता नगला से सरैली के बीच नहीं कोई बांध
बदायूं। बाढ़ खंड विभाग सचेत करता रहा है कि गंाव मुनता नगला से सरैली के बीच बांध न होने के कारण गंगा का पानी कासगंज जिले के गांवों को अपनी चपेट में ले लेता है। वैसे तो जिले के बांधों में अब तक छह लाख क्यूसेक पानी झेलने की क्षमता का आभास करा दिया है, लेकिन तीन क्यूसेक से ऊपर गंगा का पानी बढ़ा तो कासगंज के इन गांवों में पानी भर जाना लाजिमी है। दरअसल, दो बांधों के बीच में इस इलाके में गंगा की बाढ़ रोक को कोई रुकावट नहीं है।
गंगा के फैलाव को बना है रास्ता
बदायूं। जिले मेें 78 किमी लंबे विभिन्न बांधों से गंगा के प्रवाह को बांधा गया है। कादरचौक क्षेत्र में एक ओर पथरामई बांध है तो दूसरी ओर जमीदाराना बांध है। दोनों बांधों के बीच में मुनता नगला से सरेली तक खुली जगह है। गंगा जब भी बाढ़ पर होती है, तो इधर से ही प्रवेश कर लेती है और विशेष कर कासगंज जिला के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों को प्रभावित कर डालती है। कासगंज प्रशासन के आग्रह पर बदायूं बाढ़ खंड ने इसके बीच 13 किमी बांध के निर्माण का प्रस्ताव भेजा, जिसे मंजूर कर लिया गया है। नाबार्ड इसे धनराशि प्रदान करेगा। स्वीकृति के बाद अभी भी धनराशि न मिल पाने के कारण इस सीजन में बांध का काम शुरू हो पाना मुश्किल होगा।
यहां से हो गया है बांध स्वीकृत
0 सिंचाई विभाग
0 गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना
वित्त प्राप्ति को विचाराधीन
0 नाबार्ड में
22 करोड़ की है परियोजना
बदायूं। मुनता नगला-सरैली 13 किमी बांध का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इसके लिए नाबार्ड की ओर से 22 करोड़ की परियोजना है। नाबार्ड अभी स्वीकृत धनराशि नहीं मिल सकी है और अब समय भी नहीं है। इसलिए इस सीजन में बाढ़ सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहेगी।
कासगंज के ये गांव होते हैं बाढ़ से प्रभावित
1. मुनता नगला, 2. सरैली, 3. ओम नगरिया, 4. तिलक नगला, 5. खुड़ा भाट, 6. हाफिज गंज, 7. डंबर नगला, 8. बकरी नगला, 9. वन सोती, 10. जिजौल, 11. बहेड़ा, 12. टिकाई, 13. फतेह नगला आदि।
मुनता नगला और सरैली के बीच 13 किमी का बांध स्वीकृत है। धन प्राप्ति के लिए नाबार्ड से संपर्क रखा जाएगा। इस सीजन में नहीं तो अगले सीजन से पहले यह काम हो जाए तो अच्छा रहेगा।
इंत्याजुर्रहमान, एक्सईएन, बाढ़ खंड