{"_id":"5f3ac8008ebc3e6d003d4e7a","slug":"flood-badaun-news-bly416548690","type":"story","status":"publish","title_hn":"असमया रफतपुर में कटा वीरपाल का मकान, कटान जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असमया रफतपुर में कटा वीरपाल का मकान, कटान जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उसहैत। गंगा नदी के जल में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। हालात ये है कि गंगा के पास बसे जटा गांव में रविवार दिन में संपर्क मार्ग पर पानी भर गया। वहीं, रात में घरों के अंदर बाढ़ का पानी घुस गया। हालांकि सोमवार को गंगा के जलस्तर में मामूली कमी आयी है। हालांकि सोमवार को असमया रफतपुर में एक और मकान गंगा में समा गया।
पहाड़ों पर होने वाली बारिश की वजह से बैराजों पर दबाव बढ़ने लगा हैं जिसकी वजह से लगातार बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। इससे गंगा नदी के पास के गांव मेें लगातार पानी घुसने लगा है। कई गांव के रास्ते तो जलमग्न हो गए हैं। वहीं, उसहैत क्षेत्र के जटा गांव को बाढ़ ने पूरी तरह से अपनी जद में ले लिया है। हालात ये है कि रविवार रात जटा गांव के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। इसकी वजह से लोग रात में ही पास में ऊंची सड़क पर अपनी गृहस्थी का सामान लेकर पहुंच गए। हालांकि सोमवार को तहसीलदार वीरेंद्र कुमार राजस्व विभाग की टीम के साथ वहां पहुंचे और इन ग्रामीणों से बात की। उन्हें अपने साथ चलने के लिए कहा। तहसीलदार के अनुसार ग्रामीणों ने अभी आने से मनाकर दिया। कहा कि मंगलवार की स्थिति को देखने के बाद फैसला लेंगे। वहीं, दूसरी तरफ असमया रफतपुर में गंगा नदी का कटान अभी जारी है। सोमवार को गांव के वीरपाल का मकान भी गंगा में समा गया। वहीं, ठाकुरी नगला गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग सोमवा को कट गया। इससे गांव का आवागमन बाधित हो गया है।
विधायक साथ पहुंचे अधिकारी
दातागंज विधायक राजीव सिंह, एडीएम एफआर नरेंद्र बहादुर, एसडीएम दातागंज केवी सिंह के साथ जटा गांव पहुंचे। वहां ग्रामीणों से बात की। कहा कि जिन किसानों की फसलें गंगा में समा गई है, उनको भी मुआवजा दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने किया बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण
बदायूं। सोमवार को डीएम कुमार प्रशांत ने ब्लॉक सहसवान के धापड़ गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव के पास बने बांध की ठोकर पर हो रहे कटान को देखा। डीएम ने बाढ़ खंड एक्सईएन को कड़े निर्देश दिए कि कटान रोकने के लिए तेजी से कार्य करें। कहा कि अधिक से अधिक मजदूर लगाकर कटान रोकने का कार्य तेज गति से करें। कहा कि साफ-सफाई तथा स्वच्छ पेयजल पर विशेष ध्यान दिया जाए। गांव के गंदे नाले-नालियों को साफ रखा जाए ताकि बीमारियां न पनप पाएं। कहा कि बचाव के लिए नाव, मल्लाह, गोताखोरों आदि की उचित व्यवस्था रहनी चाहिए।
विज्ञापन
पहाड़ों पर होने वाली बारिश की वजह से बैराजों पर दबाव बढ़ने लगा हैं जिसकी वजह से लगातार बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। इससे गंगा नदी के पास के गांव मेें लगातार पानी घुसने लगा है। कई गांव के रास्ते तो जलमग्न हो गए हैं। वहीं, उसहैत क्षेत्र के जटा गांव को बाढ़ ने पूरी तरह से अपनी जद में ले लिया है। हालात ये है कि रविवार रात जटा गांव के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। इसकी वजह से लोग रात में ही पास में ऊंची सड़क पर अपनी गृहस्थी का सामान लेकर पहुंच गए। हालांकि सोमवार को तहसीलदार वीरेंद्र कुमार राजस्व विभाग की टीम के साथ वहां पहुंचे और इन ग्रामीणों से बात की। उन्हें अपने साथ चलने के लिए कहा। तहसीलदार के अनुसार ग्रामीणों ने अभी आने से मनाकर दिया। कहा कि मंगलवार की स्थिति को देखने के बाद फैसला लेंगे। वहीं, दूसरी तरफ असमया रफतपुर में गंगा नदी का कटान अभी जारी है। सोमवार को गांव के वीरपाल का मकान भी गंगा में समा गया। वहीं, ठाकुरी नगला गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग सोमवा को कट गया। इससे गांव का आवागमन बाधित हो गया है।
विज्ञापन
विधायक साथ पहुंचे अधिकारी
दातागंज विधायक राजीव सिंह, एडीएम एफआर नरेंद्र बहादुर, एसडीएम दातागंज केवी सिंह के साथ जटा गांव पहुंचे। वहां ग्रामीणों से बात की। कहा कि जिन किसानों की फसलें गंगा में समा गई है, उनको भी मुआवजा दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने किया बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण
बदायूं। सोमवार को डीएम कुमार प्रशांत ने ब्लॉक सहसवान के धापड़ गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव के पास बने बांध की ठोकर पर हो रहे कटान को देखा। डीएम ने बाढ़ खंड एक्सईएन को कड़े निर्देश दिए कि कटान रोकने के लिए तेजी से कार्य करें। कहा कि अधिक से अधिक मजदूर लगाकर कटान रोकने का कार्य तेज गति से करें। कहा कि साफ-सफाई तथा स्वच्छ पेयजल पर विशेष ध्यान दिया जाए। गांव के गंदे नाले-नालियों को साफ रखा जाए ताकि बीमारियां न पनप पाएं। कहा कि बचाव के लिए नाव, मल्लाह, गोताखोरों आदि की उचित व्यवस्था रहनी चाहिए।