{"_id":"699a01749389bef8ac026add","slug":"five-people-were-booked-for-making-fake-wills-to-grab-property-badaun-news-c-123-1-sbly1018-157796-2026-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: संपत्ति हड़पने के लिए बनाई फर्जी वसीयत, पांच पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: संपत्ति हड़पने के लिए बनाई फर्जी वसीयत, पांच पर केस
विज्ञापन
बिल्सी। संपत्ति विवाद को लेकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। थाना बिल्सी क्षेत्र के मोहल्ला नंबर पांच की रहने वाली महिला ने अपनी ही बहन और उसके सहयोगियों पर मृत पिता की करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए फर्जी वसीयत तैयार करने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव चिचैटा व हाल निवासी बिल्सी के मोहल्ला नंबर पांच की रहने वाली रूबी तोमर बताया कि उनकी बहन गार्गी तोमर ने अपने पति ब्रजेश कुमार सिंह और अन्य साथियों के साथ मिलकर 15 जनवरी 2003 को एक फर्जी अपंजीकृत वसीयत तैयार करा ली। जांच में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि जिस स्टांप पेपर पर यह वसीयत लिखी गई थी, वह जिला कोषागार से 13 जून 2023 को जारी हुआ था और स्टांप विक्रेता को उसका लाइसेंस भी वर्ष 2018 में मिला था। यानी जो स्टांप 2023 में अस्तित्व में आया, उस पर 20 साल पुरानी वसीयत लिख दी गई।
न्यायालय को भी की गुमराह करने की कोशिश
आरोप है कि इस फर्जी वसीयत के आधार पर आरोपियों ने तहसील बिल्सी के न्यायालय नायब तहसीलदार को भी गुमराह करने का प्रयास किया और झूठे साक्ष्य प्रस्तुत किए। हालांकि, न्यायालय ने वसीयतनामा को संदेहास्पद मानते हुए नामांतरण की प्रार्थना को पहले ही निरस्त कर दिया था। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने गार्गी तोमर, ब्रजेश कुमार सिंह (अध्यापक), राजसिंह, कुबेर दत्त शर्मा और राम प्रकाश गुप्ता के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव चिचैटा व हाल निवासी बिल्सी के मोहल्ला नंबर पांच की रहने वाली रूबी तोमर बताया कि उनकी बहन गार्गी तोमर ने अपने पति ब्रजेश कुमार सिंह और अन्य साथियों के साथ मिलकर 15 जनवरी 2003 को एक फर्जी अपंजीकृत वसीयत तैयार करा ली। जांच में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि जिस स्टांप पेपर पर यह वसीयत लिखी गई थी, वह जिला कोषागार से 13 जून 2023 को जारी हुआ था और स्टांप विक्रेता को उसका लाइसेंस भी वर्ष 2018 में मिला था। यानी जो स्टांप 2023 में अस्तित्व में आया, उस पर 20 साल पुरानी वसीयत लिख दी गई।
विज्ञापन
न्यायालय को भी की गुमराह करने की कोशिश
आरोप है कि इस फर्जी वसीयत के आधार पर आरोपियों ने तहसील बिल्सी के न्यायालय नायब तहसीलदार को भी गुमराह करने का प्रयास किया और झूठे साक्ष्य प्रस्तुत किए। हालांकि, न्यायालय ने वसीयतनामा को संदेहास्पद मानते हुए नामांतरण की प्रार्थना को पहले ही निरस्त कर दिया था। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने गार्गी तोमर, ब्रजेश कुमार सिंह (अध्यापक), राजसिंह, कुबेर दत्त शर्मा और राम प्रकाश गुप्ता के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन