{"_id":"67b8c248c1c4d8c0bf02b37b","slug":"first-rain-then-hailstorm-affected-wheat-mustard-and-peas-badaun-news-c-123-1-sbly1035-134633-2025-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: पहले बारिश, फिर ओलों की बौछार से गेहूं, सरसों और मटर प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: पहले बारिश, फिर ओलों की बौछार से गेहूं, सरसों और मटर प्रभावित
विज्ञापन
ओलावृष्टि और बारिश की चपेट में आई गेहूं की फसल। संवाद
उझानी। बारिश और तेज हवा के दौरान ओलावृष्टि ने फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। अधिकांश रकबा में गेहूं और सरसों खेतों में ही गिर गई। दोनों फसलों को करीब 30 फीसदी तक नुकसान का अनुमान है। दलहन की फसलों में मटर को भी क्षति पहुंची है।
जिले के अधिकतर इलाकों में तेज बारिश की शुरूआत बृहस्पतिवार आधी रात के करीब हुई। उसी दौरान हवा भी चल पड़ी। फिर ओलावृष्टि शुरू हुई तो फसलें चपेट में आ गईं। गेहूं और सरसों को सबसे ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। उझानी के अलावा कादरचौक, कछला, उसहैत, बिल्सी, इस्लामनगर, बिसौली और ओरछी क्षेत्र के किसान शुक्रवार सुबह खेतों पर पहुंचे तो उन्हें गेहूं जमीन पर गिरा नजर आया।
गेहूं की पिछेती फसल को हालांकि नुकसान कम हुआ है, लेकिन अगेती फसल का करीब 30 फीसदी रकबा प्रभावित हुआ है। पककर तैयार सरसों की फसल भी तेज बारिश और ओलावृष्टि की बौछार नहीं झेल पाई। कई जगह ओलों से फली क्षतिग्रस्त होने से सरसों के दाने भी निकल पड़े हैं।
विज्ञापन
दलहन की फसलों में मटर पर भी ओले आफत बनकर गिरे हैं। चना और मसूर को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है। इसके बाद भी शुक्रवार पूरे दिन मौसम का मिजाज बदला-बदला दिखा। घने बादल छाए रहने से किसानों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। किसानों ने बताया कि फिर से तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई तो फसलों को नुकसान काफी होगा। खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल देख किसानों का हलक सूखने लगा है। उन्हें गहाई करने का मौका भी नहीं मिल पा रहा है।
खेतों में पानी भर जाने से खोदाई रुकी
कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने से सब्जियों के राजा आलू को भी नुकसान होने का अंदेशा बढ़ गया है। हालांकि करीब 70 फीसदी रकबा में आलू पक चुका है। उसकी खोदाई का काम भी शुरू हो चुका है। शुक्रवार तड़के जब फिर से बारिश हुई तो खेतों में पानी भर जाने से पूरे दिन आलू की खोदाई नहीं हो पाई। आलू उत्पादकों में गद्दीटोला मोहल्ले के गंगा सिंह ने बताया कि उनके खेत में भी बारिश का पानी भर गया है। फिलहाल तो नहीं, लेकिन दो- तीन दिनों तक पानी के निकास की व्यवस्था नहीं हुई तो आलू सड़ सकता है।
रात में तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। अधिकतर खेतों में फसल गिर गई है। इसका सीधा प्रभाव पैदावार पर पड़ेगा। गिरे गेहूं की बालियों में दाना ठीक से पक नहीं पाता। वह बढ़वार भी नहीं पकड़ेगा। - गिरीश कुमार, कछला
बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया कर दिया है। नुकसान अभी तो कम हुआ है, लेकिन हाल ऐसा ही रहने पर गेहूं और सरसों को काफी नुकसान होगा। सरसों की फसल को तो एक दिन पहले भी नुकसान हो गया था।- चंद्रपाल, बुर्राफरीदपुर
विज्ञापन
जिले के अधिकतर इलाकों में तेज बारिश की शुरूआत बृहस्पतिवार आधी रात के करीब हुई। उसी दौरान हवा भी चल पड़ी। फिर ओलावृष्टि शुरू हुई तो फसलें चपेट में आ गईं। गेहूं और सरसों को सबसे ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। उझानी के अलावा कादरचौक, कछला, उसहैत, बिल्सी, इस्लामनगर, बिसौली और ओरछी क्षेत्र के किसान शुक्रवार सुबह खेतों पर पहुंचे तो उन्हें गेहूं जमीन पर गिरा नजर आया।
विज्ञापन
गेहूं की पिछेती फसल को हालांकि नुकसान कम हुआ है, लेकिन अगेती फसल का करीब 30 फीसदी रकबा प्रभावित हुआ है। पककर तैयार सरसों की फसल भी तेज बारिश और ओलावृष्टि की बौछार नहीं झेल पाई। कई जगह ओलों से फली क्षतिग्रस्त होने से सरसों के दाने भी निकल पड़े हैं।
विज्ञापन
दलहन की फसलों में मटर पर भी ओले आफत बनकर गिरे हैं। चना और मसूर को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है। इसके बाद भी शुक्रवार पूरे दिन मौसम का मिजाज बदला-बदला दिखा। घने बादल छाए रहने से किसानों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। किसानों ने बताया कि फिर से तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई तो फसलों को नुकसान काफी होगा। खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल देख किसानों का हलक सूखने लगा है। उन्हें गहाई करने का मौका भी नहीं मिल पा रहा है।
खेतों में पानी भर जाने से खोदाई रुकी
कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने से सब्जियों के राजा आलू को भी नुकसान होने का अंदेशा बढ़ गया है। हालांकि करीब 70 फीसदी रकबा में आलू पक चुका है। उसकी खोदाई का काम भी शुरू हो चुका है। शुक्रवार तड़के जब फिर से बारिश हुई तो खेतों में पानी भर जाने से पूरे दिन आलू की खोदाई नहीं हो पाई। आलू उत्पादकों में गद्दीटोला मोहल्ले के गंगा सिंह ने बताया कि उनके खेत में भी बारिश का पानी भर गया है। फिलहाल तो नहीं, लेकिन दो- तीन दिनों तक पानी के निकास की व्यवस्था नहीं हुई तो आलू सड़ सकता है।
रात में तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। अधिकतर खेतों में फसल गिर गई है। इसका सीधा प्रभाव पैदावार पर पड़ेगा। गिरे गेहूं की बालियों में दाना ठीक से पक नहीं पाता। वह बढ़वार भी नहीं पकड़ेगा। - गिरीश कुमार, कछला
बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया कर दिया है। नुकसान अभी तो कम हुआ है, लेकिन हाल ऐसा ही रहने पर गेहूं और सरसों को काफी नुकसान होगा। सरसों की फसल को तो एक दिन पहले भी नुकसान हो गया था।- चंद्रपाल, बुर्राफरीदपुर

ओलावृष्टि और बारिश की चपेट में आई गेहूं की फसल। संवाद

ओलावृष्टि और बारिश की चपेट में आई गेहूं की फसल। संवाद