{"_id":"6591a9ee574ca36c010188c8","slug":"first-delivery-at-the-gate-of-womens-hospital-now-death-of-newborn-badaun-news-c-123-1-bdn1005-10804-2023-12-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: पहले महिला अस्पताल के गेट पर प्रसव, अब नवजात की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: पहले महिला अस्पताल के गेट पर प्रसव, अब नवजात की मौत
विज्ञापन
पिता की महिला अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
कहा-पत्नी की हालत भी गंभीर, सिटी मजिस्ट्रेट भी कर रहे हैं मामले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। महिला अस्पताल में सुविधा शुल्क न मिलने पर शुक्रवार को गर्भवती को भर्ती नहीं किया गया। परिजन उसे दूसरे अस्पताल में लेकर जा ही रहे थे कि अस्पताल के गेट पर उसका प्रसव हो गया था। बाद में परिवार वालों ने महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां शनिवार रात नवजात की मौत हो गई। रविवार को महिला के पति ने एसएसपी डॉ. ओपी सिंह को शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें दोषी महिला डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
कबूलपुरा निवासी रवि का आरोप है कि अस्पताल गेट पर प्रसव हो जाने पर वह पत्नी और नवजात को मेडिकल कॉलेज ले गए थे। इस दौरान दोनों की ठंड में हालत बिगड़ गई। बाद में शनिवार रात को नवजात की मौत हो गई। उनका कहना है कि अगर पत्नी को महिला अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता तो यह स्थिति पैदा नहीं होती और नवजात की जान भी नहीं जाती।
उनका कहना है कि उनकी पत्नी की हालत अब भी गंभीर है। रवि ने अब महिला अस्पताल की डॉक्टर और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है। यहां बता दे कि अस्पताल गेट पर महिला का प्रसव होने के मामले की डीएम मनोज कुमार के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट जांच भी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा-पत्नी की हालत भी गंभीर, सिटी मजिस्ट्रेट भी कर रहे हैं मामले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। महिला अस्पताल में सुविधा शुल्क न मिलने पर शुक्रवार को गर्भवती को भर्ती नहीं किया गया। परिजन उसे दूसरे अस्पताल में लेकर जा ही रहे थे कि अस्पताल के गेट पर उसका प्रसव हो गया था। बाद में परिवार वालों ने महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां शनिवार रात नवजात की मौत हो गई। रविवार को महिला के पति ने एसएसपी डॉ. ओपी सिंह को शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें दोषी महिला डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
कबूलपुरा निवासी रवि का आरोप है कि अस्पताल गेट पर प्रसव हो जाने पर वह पत्नी और नवजात को मेडिकल कॉलेज ले गए थे। इस दौरान दोनों की ठंड में हालत बिगड़ गई। बाद में शनिवार रात को नवजात की मौत हो गई। उनका कहना है कि अगर पत्नी को महिला अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता तो यह स्थिति पैदा नहीं होती और नवजात की जान भी नहीं जाती।
विज्ञापन
उनका कहना है कि उनकी पत्नी की हालत अब भी गंभीर है। रवि ने अब महिला अस्पताल की डॉक्टर और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है। यहां बता दे कि अस्पताल गेट पर महिला का प्रसव होने के मामले की डीएम मनोज कुमार के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट जांच भी कर रहे हैं।
विज्ञापन