{"_id":"64540b08c1734cbee60367d2","slug":"first-choice-of-students-but-seats-are-less-badaun-news-c-4-1-145308-2023-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: विद्यार्थियों की पहली पसंद, पर सीटें हैं कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: विद्यार्थियों की पहली पसंद, पर सीटें हैं कम
Fri, 05 May 2023 01:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Fri, 05 May 2023 01:14 AM IST
विज्ञापन
04बीडीएन01-दमयंती राज आनंद राजकीय डिग्री कॉलेज,बिसौली। संवाद
बदायूं/बिसौली। दमयंती राज आनंद राजकीय महाविद्यालय नगर समेत आसपास के छात्र-छात्राओं की पहली पंसद है, लेकिन यहां सीटें सीमित होने की वजह से सभी छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिल पाता। ऐसे में छात्र-छात्राओं को दूसरे जिले तक की दौड़ लगानी पड़ती है। इधर, जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने की वजह से काफी छात्राओं के परिजन स्नातक की पढ़ाई करने के लिए ही नहीं भेजते, जिससे कुछ छात्राएं आगेे की पढ़ाई से भी वंचित रह जाती हैं।
बिसौली तहसील क्षेत्र के छात्र-छात्राएं अगर सरकारी डिग्री कॉलेज में प्रवेश चाहते हैं और उनका प्रवेश दमयंती राज आनंद राजकीय महाविद्यालय में नहीं होता है, तो उनको बदायूं या फिर चंदौसी की दौड़ लगानी पड़ती है। अगर वे जिला मुख्यालय एडमिशन करने के लिए जाते हैं तो उन्हें करीब 40 किमी की दूरी एक तरफ से तय करनी होती है, वहीं संभल जिले के चंदौसी में एडमिशन के लिए जाते हैं तो उनको 25 किमी दूर जाना होता है।
आसपास के किसी प्राइवेट कॉलेज में छात्र-छात्राएं एडमिशन लेते हैं तो उन्हें काफी ज्यादा फीस देनी होती है। फीस कम होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश अभिभावक इसी कॉलेज में छात्र-छात्राओं का एडमिशन कराना पसंद करते हैं। ऐसे में तहसील क्षेत्र के दमयंती राज आनंद राजकीय महाविद्यालय में अगर एडमिशन नहीं होता है तो कुछ छात्राओं की पढ़ाई आगे होनी मुश्किल हो जाती है। श्यामपुर निवासी शिवकुमार कहते हैं कि जब तक कॉलेज पास था, तब तक बच्चों को स्कूल भेजने में कोई दिक्कत नहीं थी। अब बेटियों को ज्यादा दूर अकेले नहीं भेज सकते हैं, क्योंकि माहौल अच्छा नहीं है। घर से बदायूं तक तीन बार सवारी भी बदलनी पड़ती है।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय जाने को तीन बार बदलने पड़ते वाहन
सबसे ज्यादा दिक्कत तहसील क्षेत्र के गांव श्यामपुर, पहाड़पुर, कौरोरे, सिकरीत्र्, मानूनगर गांव के छात्र-छात्राओं को होती है। उनको पहले गांव से चार से पांच किलोमीटर दूरी आसफपुर ब्लॉक जाना पड़ता है। वहां से 10 किमी दूर तहसील मुख्यालय बिसौली जाना पड़ता है। अगर उन्हें जिला मुख्यालय जाना पड़ता है तो वहां से 40 किमी की दूरी और एक तरफ से तय करनी होती है। गांव एपुरा, दशरतपुर,चनी, निभेरा गांव की भी यही स्थिति है। यहां के लोगों को पहले तीन से पांच किमी दूर करनपुर जाना पड़ता है। वहां से तहसील मुख्यालय 14 किलोमीटर दूरी है।
ये हैं सीटों की स्थिति
कक्षा सीट
बीए 400
बीएससी बायो 80
बीएससी मैथ 80
बीकॉम 160
विश्वविद्यालय की तरफ से अभी तक एडमिशन को लेकर कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है। जैसे ही एडमिशन प्रक्रिया शुरू होगी, इसके बारे में छात्र-छात्राओं को अवगत करा दिया जाएगा। नोटिस बोर्ड पर भी तिथि को चस्पा करा दिया जाएगा। -सपना भारती, प्राचार्य
विज्ञापन
बिसौली तहसील क्षेत्र के छात्र-छात्राएं अगर सरकारी डिग्री कॉलेज में प्रवेश चाहते हैं और उनका प्रवेश दमयंती राज आनंद राजकीय महाविद्यालय में नहीं होता है, तो उनको बदायूं या फिर चंदौसी की दौड़ लगानी पड़ती है। अगर वे जिला मुख्यालय एडमिशन करने के लिए जाते हैं तो उन्हें करीब 40 किमी की दूरी एक तरफ से तय करनी होती है, वहीं संभल जिले के चंदौसी में एडमिशन के लिए जाते हैं तो उनको 25 किमी दूर जाना होता है।
विज्ञापन
आसपास के किसी प्राइवेट कॉलेज में छात्र-छात्राएं एडमिशन लेते हैं तो उन्हें काफी ज्यादा फीस देनी होती है। फीस कम होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश अभिभावक इसी कॉलेज में छात्र-छात्राओं का एडमिशन कराना पसंद करते हैं। ऐसे में तहसील क्षेत्र के दमयंती राज आनंद राजकीय महाविद्यालय में अगर एडमिशन नहीं होता है तो कुछ छात्राओं की पढ़ाई आगे होनी मुश्किल हो जाती है। श्यामपुर निवासी शिवकुमार कहते हैं कि जब तक कॉलेज पास था, तब तक बच्चों को स्कूल भेजने में कोई दिक्कत नहीं थी। अब बेटियों को ज्यादा दूर अकेले नहीं भेज सकते हैं, क्योंकि माहौल अच्छा नहीं है। घर से बदायूं तक तीन बार सवारी भी बदलनी पड़ती है।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय जाने को तीन बार बदलने पड़ते वाहन
सबसे ज्यादा दिक्कत तहसील क्षेत्र के गांव श्यामपुर, पहाड़पुर, कौरोरे, सिकरीत्र्, मानूनगर गांव के छात्र-छात्राओं को होती है। उनको पहले गांव से चार से पांच किलोमीटर दूरी आसफपुर ब्लॉक जाना पड़ता है। वहां से 10 किमी दूर तहसील मुख्यालय बिसौली जाना पड़ता है। अगर उन्हें जिला मुख्यालय जाना पड़ता है तो वहां से 40 किमी की दूरी और एक तरफ से तय करनी होती है। गांव एपुरा, दशरतपुर,चनी, निभेरा गांव की भी यही स्थिति है। यहां के लोगों को पहले तीन से पांच किमी दूर करनपुर जाना पड़ता है। वहां से तहसील मुख्यालय 14 किलोमीटर दूरी है।
ये हैं सीटों की स्थिति
कक्षा सीट
बीए 400
बीएससी बायो 80
बीएससी मैथ 80
बीकॉम 160
विश्वविद्यालय की तरफ से अभी तक एडमिशन को लेकर कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है। जैसे ही एडमिशन प्रक्रिया शुरू होगी, इसके बारे में छात्र-छात्राओं को अवगत करा दिया जाएगा। नोटिस बोर्ड पर भी तिथि को चस्पा करा दिया जाएगा। -सपना भारती, प्राचार्य