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Budaun News: पहले टीम बनाकर की गलत कार्रवाई, अब जांच में रोड़ा बन रहे प्राचार्य

Tue, 12 Nov 2024 12:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2024 12:50 AM IST
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First a team was formed and wrong action was taken, now the principal is becoming a hindrance in the investigation
राजकीय मेडिकल कॉलेज। संवाद
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज के अभाव में एक बीमार बच्ची की मौत के बाद पहली जांच छह घंटे में पूरी कर ओपीडी के डॉक्टरों पर कार्रवाई कर दी गई थी। जब जांच और कार्रवाई पर पीड़ित ने सवाल उठाए और मामला शासन तक पहुंचा तो जांच के लिए दूसरी कमेटी बना दी गई। अब 12 दिन बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है।
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बताया जा रहा है कि इमरजेंसी में ड्यूटी पर रहे डॉक्टर जांच कमेटी के सामने ही नहीं आ रहे हैं, जिससे जांच लटकी हुई है। जांच कमेटी का जिम्मा संभाल रहीं सीएमएस ने प्राचार्य पर जांच में बाधा उत्पन्न करने की बात कही है। यही वजह है कि 12 दिन बाद भी न तो जांच पूरी हो सकी और न ही मासूम की मौत का न्याय पीड़ित परिवार को मिल सका।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में 23 अक्तूबर को मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई थी। गले में इंफेक्शन व डेंगू बुखार से पीड़ित दस साल की बच्ची की इलाज न मिलने से मौत हो गई थी। परिजन बच्ची को लेकर तीन घंटे तक मेडिकल कॉलेज में इधर-उधर दौड़ते रहे। सब जगह यही बताया गया कि डॉक्टर खेल प्रतियोगिता में व्यस्त हैं।
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बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया था। सूचना पर पुलिस व कॉलेज प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाकर परिजनों को घर भेज दिया। मामला जब शासन में पहुंचा तो तुरंत जांच कमेटी बनाई गई और छह घंटे में ओपीडी में तैनात चार डॉक्टरों पर कार्रवाई कर दी गई, जो गलत थी।
अब दूसरी जांच को 12 दिन हो गए हैं, लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी है। आरोप है कि जांच कमेटी के सामने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर सामने ही नहीं आ रहे हैं। पहली जांच उनकी पत्नी द्वारा की गई, जिसमें उनको बचाने का काम किया गया था। अब दूसरी जांच में कार्रवाई के डर से डॉक्टर को बचाने में प्राचार्य लगे हुए हैं।

उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि कॉलेज की सीएमएस डॉ. अर्सिया मसूद सिद्दीकी को ही इस पूरी जांच कमेटी का मुखिया बनाया गया है। वही इस मामले की जानकारी दे सकतीं हैं। इस जांच के विषय में कोई जानकारी मुझे नहीं हैं।



प्रधानाचार्य जांच को प्रभावित कर रहे हैं। किसी भी तरह जांच को रुकवाने में लगे हैं। यही वजह है कि जांच में देरी हो रही है। हमारा प्रयास है कि सही जांच होकर दोषियों पर कार्रवाई कराई जाएगी। -डॉ. अर्सिया मसूद सिद्दीकी, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
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