{"_id":"69b5ac4184029a562a009884","slug":"fire-erupts-in-dahemu-forest-thousands-of-trees-and-plants-reduced-to-ash-badaun-news-c-123-1-sbly1035-159285-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: दहेमू के जंगल में लगी आग, हजारों पेड़-पौधे हुए राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: दहेमू के जंगल में लगी आग, हजारों पेड़-पौधे हुए राख
विज्ञापन
दहेमू के जंगल में आग लगने से उठ रहे धुंए के गुबार। संवाद
उझानी। वन विभाग के अधिकार क्षेत्र दहेमू के जंगल में सड़क किनारे से उठी आग की चिंगारी ने करीब दो सौ बीघा रकबा के पेड़-पौधों समेत झाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों ने फोन करके वन कर्मियों को अवगत कराया। अग्निशमन विभाग की टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। इससे जंगल से सटे गांव दहेमू समेत आसपास इलाके में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
दहेमू के जंगल में आग की लपटें शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सबसे पहले हाईवे किनारे झाड़ी से उठीं। कुछेक राहगीरों ने खुद ही आग बुझाने की कोशिश की। नाकाम होने पर राहगीरों ने शोर मचाया तो दो-तीन वाहन भी रुक गए। गांव दहेमू से भी ग्रामीण आ गए। उन्होंने वन कर्मियों को फोन कर दिया। कछला चौकी से भी पुलिस कर्मी बुला लिए गए। पुलिस ने अग्निशमन विभाग से दो दमकल बुलवा लीं। दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार करके शाम करीब तीन बजे आग पर काबू पा लिया।
आग पर काबू पाए जाने से पहले ही बबूल समेत कई झाड़ियां राख राख हो गईं। करीब डेढ़-दो सौ बीघा रकबा में पेड़, पौधे और झाड़ियों के जलने की आशंका है। बता दें कि दहेमू के जंगल में बबूल के अलावा अन्य प्रजातियों के पेड़ों की संख्या नाममात्र है। आग पर काबू पाए जाने के बाद भी दमकल कर्मी जंगल के दूसरे छोर पर डटे रहे। उन्होंने जंगल के अंदर भी हालात पर गौर किया। आग में सैकड़ों जीव-जंतुओं के जलने की भी आशंका है।
विज्ञापन
जंगल में पहले भी लग चुकी है आग, किसान परेशान
कटरी से जुड़े दहेमू के जंगल में करीब दो साल पहले भी आग लग गई थी। आग का करीब दो घंटे तक विकराल रूप रहा था। सैकड़ों की संख्या में पेड़-पौधे खाक हो गए थे। उस वक्त वन विभाग की टीम ने आग लगने के कारणों की जांच की तो पता चला था कि कोई राहगीर जलती बीड़ी या सिगरेट झाड़ियों में फेंक गया था, जिससे आग भड़क गई थी। तब ग्रामीणों ने निजी प्रयासों से खेतों में लगीं अपनी फसलों को बचा लिया था।
विज्ञापन
दहेमू के जंगल में आग की लपटें शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सबसे पहले हाईवे किनारे झाड़ी से उठीं। कुछेक राहगीरों ने खुद ही आग बुझाने की कोशिश की। नाकाम होने पर राहगीरों ने शोर मचाया तो दो-तीन वाहन भी रुक गए। गांव दहेमू से भी ग्रामीण आ गए। उन्होंने वन कर्मियों को फोन कर दिया। कछला चौकी से भी पुलिस कर्मी बुला लिए गए। पुलिस ने अग्निशमन विभाग से दो दमकल बुलवा लीं। दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार करके शाम करीब तीन बजे आग पर काबू पा लिया।
विज्ञापन
आग पर काबू पाए जाने से पहले ही बबूल समेत कई झाड़ियां राख राख हो गईं। करीब डेढ़-दो सौ बीघा रकबा में पेड़, पौधे और झाड़ियों के जलने की आशंका है। बता दें कि दहेमू के जंगल में बबूल के अलावा अन्य प्रजातियों के पेड़ों की संख्या नाममात्र है। आग पर काबू पाए जाने के बाद भी दमकल कर्मी जंगल के दूसरे छोर पर डटे रहे। उन्होंने जंगल के अंदर भी हालात पर गौर किया। आग में सैकड़ों जीव-जंतुओं के जलने की भी आशंका है।
विज्ञापन
जंगल में पहले भी लग चुकी है आग, किसान परेशान
कटरी से जुड़े दहेमू के जंगल में करीब दो साल पहले भी आग लग गई थी। आग का करीब दो घंटे तक विकराल रूप रहा था। सैकड़ों की संख्या में पेड़-पौधे खाक हो गए थे। उस वक्त वन विभाग की टीम ने आग लगने के कारणों की जांच की तो पता चला था कि कोई राहगीर जलती बीड़ी या सिगरेट झाड़ियों में फेंक गया था, जिससे आग भड़क गई थी। तब ग्रामीणों ने निजी प्रयासों से खेतों में लगीं अपनी फसलों को बचा लिया था।

दहेमू के जंगल में आग लगने से उठ रहे धुंए के गुबार। संवाद