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कोर्ट का आदेशः एसडीएम, तहसीलदार समेत छह लोगों पर एफआईआर, तहसील लॉकअप में बकाएदार की मौत का मामला
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बदायूं। सहसवान तहसील के लॉकअप में हुई बकायेदार की मौत के मामले में आखिरकार पुलिस ने एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। बकायेदार की पत्नी ने मृत्यु के दौरान ही पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन उसकी ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अंत में उसने 156 (3) के तहत न्यायालय में परिवाद दायर किया था।
बकायेदार ब्रजपाल जरीफनगर कस्बे का रहने वाला था। उसके खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिससे उस पर 81947 रुपये का जुर्माना डाला गया था। ब्रजपाल ने जुर्माना राशि जमा नहीं की तो उसकी आरसी काट दी गई थी। ब्रजपाल की पत्नी लक्ष्मी देवी के मुताबिक 22 सितंबर 2019 को तहसीलदार धीरेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राजकुमार सिंह, क्षेत्रीय अमीन आशाराम और दो होमगार्ड उसके दरवाजे पर पहुंचे। फिर उसके पति को पकड़कर ले गए। उन्हें सहसवान तहसील के लॉकअप में बंद कर दिया गया। उसके बाद ब्रजपाल को प्रताड़ित किया गया। उसकी पिटाई लगाई गई। तीन अक्तूबर को अचानक ब्रजपाल की हालत बिगड़ गई, जिससे उसे जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। लक्ष्मी देवी ने तत्कालीन एसडीएम सहसवान संजय सिंह, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अमीन और दोनों होमगार्डों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने उसकी तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं की। इससे लक्ष्मी देवी ने 156 (3) के तहत न्यायालय में परिवाद दायर किया था। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
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बकायेदार ब्रजपाल जरीफनगर कस्बे का रहने वाला था। उसके खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिससे उस पर 81947 रुपये का जुर्माना डाला गया था। ब्रजपाल ने जुर्माना राशि जमा नहीं की तो उसकी आरसी काट दी गई थी। ब्रजपाल की पत्नी लक्ष्मी देवी के मुताबिक 22 सितंबर 2019 को तहसीलदार धीरेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राजकुमार सिंह, क्षेत्रीय अमीन आशाराम और दो होमगार्ड उसके दरवाजे पर पहुंचे। फिर उसके पति को पकड़कर ले गए। उन्हें सहसवान तहसील के लॉकअप में बंद कर दिया गया। उसके बाद ब्रजपाल को प्रताड़ित किया गया। उसकी पिटाई लगाई गई। तीन अक्तूबर को अचानक ब्रजपाल की हालत बिगड़ गई, जिससे उसे जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। लक्ष्मी देवी ने तत्कालीन एसडीएम सहसवान संजय सिंह, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अमीन और दोनों होमगार्डों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने उसकी तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं की। इससे लक्ष्मी देवी ने 156 (3) के तहत न्यायालय में परिवाद दायर किया था। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
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