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कुतरई में बुखार से एक की मौत, 400 बीमार
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Fri, 04 Sep 2015 12:00 AM IST
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पिछले महीने अलापुर के गांव उपरैला में बुखार से सात लोगों की मौत हो गई थी। इससे शासन भी हिल गया था। दर्जनों लोग बीमार थे। स्लाइड जांच में इनको मलेरिया की पुष्टि हुई थी। कुछ दिन के लिए उपरैला में अस्थाई अस्पताल भी खोला गया। इसके बाद भी इलाके में मलेरिया काबू नहीं हो रहा। कुतरई गांव में बुखार से गुरुवार को कल्लू (20) पुत्र राधेश्याम की मौत हो गई। दोपहर बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। 40 लोगों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। बीमार लोगों की स्लाइड बनाई गई है। जगत सिंह, गौरव, रीना, दागश्री, रेशमा, कल्लू, मैराज, ऊषा, अमरश्री, राहुल, सलमान, सत्यपाल, राधेशयाम, काजल, अमरदीप, बीकेश, संजू, सुरेश, नीरेश समेत करीब चार सौ लोग बीमारी की चपेट में हैं।
गंदगी के चलते बच्चे नहीं जा रहे स्कूल
कुतरई स्थित प्राइमरी स्कूल के कैंपन में महीनों से गंदा पानी भरा हुआ है। इससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा है। गांव वालों ने कई बार बीएसए से भी शिकायत की लेकिन कुछ न हुआ। बीमारियों के खौफ के चलते तमाम ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। इसी तरह तमाम गांवों में सफाई कर्मचारियों की मनमानी के चलते गंदगी का साम्राज्य है। बीमार लोगों की स्लाइड जांच में साफ हो चुका है कि ज्यादातर मामले मलेरिया के हैं। इसके बाद भी गांवों में सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जिला पंचायत राज विभाग भी इसे नजरअंदाज कर रहा है। दो दिन पहले ग्रामीणों ने आपस में चंदा करके गांव की सफाई भी कराई थी।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों को लगाया गया है। सभी गांवों में लगातार मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है। विभाग के पास दवाओं की कोई कमी नहीं है।-डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ
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गंदगी के चलते बच्चे नहीं जा रहे स्कूल
कुतरई स्थित प्राइमरी स्कूल के कैंपन में महीनों से गंदा पानी भरा हुआ है। इससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा है। गांव वालों ने कई बार बीएसए से भी शिकायत की लेकिन कुछ न हुआ। बीमारियों के खौफ के चलते तमाम ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। इसी तरह तमाम गांवों में सफाई कर्मचारियों की मनमानी के चलते गंदगी का साम्राज्य है। बीमार लोगों की स्लाइड जांच में साफ हो चुका है कि ज्यादातर मामले मलेरिया के हैं। इसके बाद भी गांवों में सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जिला पंचायत राज विभाग भी इसे नजरअंदाज कर रहा है। दो दिन पहले ग्रामीणों ने आपस में चंदा करके गांव की सफाई भी कराई थी।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमों को लगाया गया है। सभी गांवों में लगातार मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है। विभाग के पास दवाओं की कोई कमी नहीं है।-डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ
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