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सस्ते दामों पर आढ़तियों को गेहूं बेचने को मजबूर किसान
अमर उजाला ब्यूरो सहसवान।
Updated Wed, 19 Apr 2017 12:06 AM IST
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गेहूं से पटी हुई मंडी।
- फोटो : अमर उजाला
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- मंडी समिति में एसएफसी की ओर से खुला क्रय केंद्र गायब
मंडी समिति में एसएफसी का खुला सरकारी गेहूं क्रय केन्द्र संचालित होने से पूर्व ही मंडी समिति से अचानक गायब हो गया। इस कारण से किसान इधर-उधर भटक रहे हैं और मजबूर होकर सस्ते दामों पर अपने गेहूं को आढ़तियों को बेच रहे हैं। जिस कारण से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। जानकारी करने पर पता चला कि केन्द्र प्रभारी बिना किसी सूचना के गेहूं खरीद केन्द्र को एसएफसी के गोदाम पर ले गए। जो मंडी समिति से कई किलोमीटर की दूरी पर है। इस कारण से किसानों का वहां पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने एसएफसी के गेहूं खरीद को मंडी समिति में लाए जाने की मांग करते हुए डीएम को पत्र भेजा है।
मालूम रहे कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से एसएफसी का सरकारी गेहूं खरीद केन्द्र मंडी समिति में खोला गया। मगर क्रय केन्द्र संचालित होने से पूर्व ही केन्द्र प्रभारी उसे मंडी समिति से बिना किसी सूचना के एसएफसी के गोदाम मचौना की मढै़या के पास ले गए। गेहूं क्रय केन्द्र के मंडी समिति से चले जाने के कारण किसानों का गेहूं सरकारी क्रय केन्द्र पर नहीं पड़ सका। जिस कारण से किसान सस्ते दामों पर अपने गेहूं को मंडी समिति के आढ़तियों को बेचने के लिए मजबूर हैं। अचानक गेहूं क्रय केन्द्र के मंडी से गायब हो जाने के कारण गेहूं लेकर आए किसान इधर उधर भटकते रहे। किसानों ने डीएम से एसएफसी के गेहूं क्रय केन्द्र को पुन: मंडी समिति में खोले जाने की मांग करते हुए पत्र भेजा है।
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मंडी समिति में एसएफसी का खुला सरकारी गेहूं क्रय केन्द्र संचालित होने से पूर्व ही मंडी समिति से अचानक गायब हो गया। इस कारण से किसान इधर-उधर भटक रहे हैं और मजबूर होकर सस्ते दामों पर अपने गेहूं को आढ़तियों को बेच रहे हैं। जिस कारण से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। जानकारी करने पर पता चला कि केन्द्र प्रभारी बिना किसी सूचना के गेहूं खरीद केन्द्र को एसएफसी के गोदाम पर ले गए। जो मंडी समिति से कई किलोमीटर की दूरी पर है। इस कारण से किसानों का वहां पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने एसएफसी के गेहूं खरीद को मंडी समिति में लाए जाने की मांग करते हुए डीएम को पत्र भेजा है।
मालूम रहे कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से एसएफसी का सरकारी गेहूं खरीद केन्द्र मंडी समिति में खोला गया। मगर क्रय केन्द्र संचालित होने से पूर्व ही केन्द्र प्रभारी उसे मंडी समिति से बिना किसी सूचना के एसएफसी के गोदाम मचौना की मढै़या के पास ले गए। गेहूं क्रय केन्द्र के मंडी समिति से चले जाने के कारण किसानों का गेहूं सरकारी क्रय केन्द्र पर नहीं पड़ सका। जिस कारण से किसान सस्ते दामों पर अपने गेहूं को मंडी समिति के आढ़तियों को बेचने के लिए मजबूर हैं। अचानक गेहूं क्रय केन्द्र के मंडी से गायब हो जाने के कारण गेहूं लेकर आए किसान इधर उधर भटकते रहे। किसानों ने डीएम से एसएफसी के गेहूं क्रय केन्द्र को पुन: मंडी समिति में खोले जाने की मांग करते हुए पत्र भेजा है।
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