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Budaun News: यूरिया-डीएपी लेने को जुटे किसान... महिलाएं भी परेशान
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उझानी में डीएपी और यूरिया खाद लेने को लाइन में खड़े किसान। संवाद
उझानी। यूरिया और डीएपी की किल्लत के बीच बृहस्पतिवार तड़के इफको के वितरण केंद्र पर किसानों की भीड़ जुट गई। पुरुष और महिला किसानों की लंबी लाइन देख कर्मचारियों के हाथ- पैर फूल गए। कतार में लगी महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कृषि उत्पादन मंडी समिति स्थित इफको के केंद्र से खाद का वितरण सुबह करीब 11 बजे शुरू हो गया। डीएपी और यूरिया के लिए जुटी महिलाओं समेत किसानों को पर्चियां दी गईं। फिर पंजीकरण कर प्रति आधार कार्ड पर यूरिया और डीएपी की एक- एक बोरी दी गई। इससे अधिक खाद की मांग करने वाले किसानों को किसान बही दिखानी पड़ी।
लाइन में लगे किसान अहीरवारा निवासी सर्वेश ने बताया कि वह घर से सुबह पांच बजे निकले। इसके बाद मंडी आकर लाइन में लग गए। महिला किसान तेहरा की चंद्रकली को भी लाइन में परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि खाद की किल्लत हैं। वह डीएपी के दो बोरे लेने को आई हैं। सहकारी समितियों को डीएपी आंवटित नहीं की गई। करीब 15 दिनों से समितियों के चक्कर काट रहे किसान भी दोपहर में इफको के केंद्र पर पहुंच गए। बिल्सी और सहसवान क्षेत्र के लोग भी लाइन लगे रहे। बिल्सी के गांव सिमर्रा के चंद्रपाल ने बताया कि सरसों की बोआई शुरू होने से पहले ही वह डीएपी का इंतजाम कर लेना चाहते हैं।
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दो घंटे खराब रही पॉश मशीन
- खाद वितरण के दौरान दोपहर में करीब एक बजे पॉश मशीन खराब हो गई। इसके चलते करीब दो घंटे तक खाद का वितरण नहीं हो पाया। केंद्र प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि तीन बजे के बाद फिर से वितरण शुरू कर दिया गया है। चार बजे तक 165 ग्रामीणों और 65 महिलाओं को डीएपी और यूरिया का वितरण किया गया है। वितरण शाम तक चलता रहा। शुक्रवार को भी खाद का वितरण होगा।
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कृषि उत्पादन मंडी समिति स्थित इफको के केंद्र से खाद का वितरण सुबह करीब 11 बजे शुरू हो गया। डीएपी और यूरिया के लिए जुटी महिलाओं समेत किसानों को पर्चियां दी गईं। फिर पंजीकरण कर प्रति आधार कार्ड पर यूरिया और डीएपी की एक- एक बोरी दी गई। इससे अधिक खाद की मांग करने वाले किसानों को किसान बही दिखानी पड़ी।
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लाइन में लगे किसान अहीरवारा निवासी सर्वेश ने बताया कि वह घर से सुबह पांच बजे निकले। इसके बाद मंडी आकर लाइन में लग गए। महिला किसान तेहरा की चंद्रकली को भी लाइन में परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि खाद की किल्लत हैं। वह डीएपी के दो बोरे लेने को आई हैं। सहकारी समितियों को डीएपी आंवटित नहीं की गई। करीब 15 दिनों से समितियों के चक्कर काट रहे किसान भी दोपहर में इफको के केंद्र पर पहुंच गए। बिल्सी और सहसवान क्षेत्र के लोग भी लाइन लगे रहे। बिल्सी के गांव सिमर्रा के चंद्रपाल ने बताया कि सरसों की बोआई शुरू होने से पहले ही वह डीएपी का इंतजाम कर लेना चाहते हैं।
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दो घंटे खराब रही पॉश मशीन
- खाद वितरण के दौरान दोपहर में करीब एक बजे पॉश मशीन खराब हो गई। इसके चलते करीब दो घंटे तक खाद का वितरण नहीं हो पाया। केंद्र प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि तीन बजे के बाद फिर से वितरण शुरू कर दिया गया है। चार बजे तक 165 ग्रामीणों और 65 महिलाओं को डीएपी और यूरिया का वितरण किया गया है। वितरण शाम तक चलता रहा। शुक्रवार को भी खाद का वितरण होगा।