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Budaun News: फांसी की सजा पर बोले परिजन, जघन्य अपराध की उसे मिली सजा

Sat, 11 Jul 2026 01:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:47 AM IST
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Family members speak on the death sentence: He has been punished for a heinous crime.
अ​भियुक्त विराज उर्फ जितेंद्र पाठक का सिविल लाइन क्षेत्र ​के शेखूपुर ​स्थित मकान। संवाद
बदायूं। डेढ़ साल के आरव की पटककर हत्या करने वाले अभियुक्त विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को शुक्रवार को फिरोजाबाद के जिला जज की कोर्ट से फांसी की सजा हुई है। जब यह सूचना अभियुक्त के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शेखपुर स्थित घर में रहने वाले भाइयों को मिली तो सन्नाटा छा गया। मां गुमसुम हो गईं। कुछ लोग घर पहुंचे, लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। विराज के बड़े भाई ने कहा, उसने जो जघन्य अपराध किया, उसे उसकी सजा मिली है। हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं।
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अभियुक्त विराज उर्फ जितेंद्र पाठक के पिता विशेंद्र पाठक का पहले ही निधन हो चुका है। वह मंदिर के पुजारी थे। सभी भाई पिता के पैतृक कार्य पूजा-पाठ और शादी-विवाह करने का काम करते हैं। अभियुक्त चार भाइयों में सबसे छोटा है। विराज को फांसी की सजा होने के बाद उसके बड़े भाई मुनीश पाठक ने बताया कि उसने जो जघन्य अपराध किया, उसे उसकी सजा मिली।
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मुनीश ने बताया कि विराज का दिमागी संतुलन सही नहीं था, जिसका इलाज चल रहा था। वह नशे का भी आदी हो गया था। वर्ष 2018 में दो मंजिल से गिरने के बाद उसका दिमागी संतुलन और बिगड़ गया था। वह छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करने लगा था। उसका 15-15 दिन में स्वभाव बदल जाता था। इसी स्वभाव के कारण एक बार मुझे भी चोट पहुंचाने की कोशिश की थी। बात-बात कर गुस्सा करने की वजह से उसकी शादी नहीं कराई, जबकि रिश्ते कई आए थे। बरेली से काफी लंबा इलाज चला, लेकिन उसके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
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फांसी होने की बात भाइयों ने मां को नहीं बताई, कहा- 14 साल की सजा हुई
बड़े भाई मुनीश ने बताया कि फैसले के बारे में बीमार मां को पूरी जानकारी नहीं दी है। अभी ये जानकारी देंगे तो उनकी तबीयत और बिगड़ सकती है। मां से मिलने की बात पर तीनों भाइयों ने साफतौर पर इन्कार कर दिया। बातचीत के दौरान मां घर से निकलकर गेट तक आईं। इस बीच मुनीश ने मां से कहा कि क्यों परेशान होती हो, केवल 14 साल की सजा हुई है। इस पर मां रोने लगी। इसी बीच बड़े भाई राजीव मां को लेकर घर के अंदर चले गए।





पड़ोसी भी रहे खामोश
अभियुक्त विराज को फांसी की सजा होने की सूचना पर पड़ोसियों से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने भी कुछ बोलने से मना कर दिया। हालांकि उन्हें यह पता था कि विराज को फांसी की सजा क्यों हुई है।

अभियुक्त विराज उर्फ जितेंद्र पाठक का सिविल लाइन क्षेत्र के शेखूपुर स्थित मकान। संवाद

अभियुक्त विराज उर्फ जितेंद्र पाठक का सिविल लाइन क्षेत्र के शेखूपुर स्थित मकान। संवाद

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