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महत्वपूर्ण योजनाओं में कटौती पर चिंता जताई
बदायूं
Updated Thu, 19 Mar 2015 12:42 AM IST
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सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने संसद सत्र में कई सवाल उठाकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने चाणक्य नीति के वाक्य को उद्धृत कर सरकार की योजनाओं को धरातल पर लाने का आग्रह किया।
स्थानीय मीडिया को प्रेषित अपने वक्तव्य में क्षेत्रीय सांसद धर्मेंद्र यादव ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं में की गई कटौती पर चिंता जताई है। मसलन, सर्व शिक्षा अभियान, एकीकृत बाल विकास योजना, मिड-डे मील, अनुसूचित जाति उप योजना, जन जातीय उप योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी संवेदनशील योजना के बजट में कटौती करने को नाजायज ठहराया है। किसान, गरीब और मजदूर वर्ग के लिए केंद्र सरकार ने कोई महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं धरातल पर उतरेंगी इसमें भी संशय है। जैसे, महिला सुरक्षा के लिए निर्भया फंड में 1000 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन इससे पूर्व सरकार ने इसका गठन किया था, तब उस पैसे को कहां और कैसे खर्च किया? ये कहीं नजर नहीं आता।
सांसद ने चाणक्य नीति के हवाले से कहा कि ‘गुणहीन व्यक्ति की सुंदरता व्यर्थ है, दुष्ट स्वाभाव वाले व्यक्ति का अच्छे कुल का होना व्यर्थ है, यदि लक्ष्य की प्राप्ति न हो तो शिक्षा व्यर्थ है, जिस धन का सदुपयोग न हो वह धन व्यर्थ है।’
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स्थानीय मीडिया को प्रेषित अपने वक्तव्य में क्षेत्रीय सांसद धर्मेंद्र यादव ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं में की गई कटौती पर चिंता जताई है। मसलन, सर्व शिक्षा अभियान, एकीकृत बाल विकास योजना, मिड-डे मील, अनुसूचित जाति उप योजना, जन जातीय उप योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी संवेदनशील योजना के बजट में कटौती करने को नाजायज ठहराया है। किसान, गरीब और मजदूर वर्ग के लिए केंद्र सरकार ने कोई महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं धरातल पर उतरेंगी इसमें भी संशय है। जैसे, महिला सुरक्षा के लिए निर्भया फंड में 1000 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन इससे पूर्व सरकार ने इसका गठन किया था, तब उस पैसे को कहां और कैसे खर्च किया? ये कहीं नजर नहीं आता।
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सांसद ने चाणक्य नीति के हवाले से कहा कि ‘गुणहीन व्यक्ति की सुंदरता व्यर्थ है, दुष्ट स्वाभाव वाले व्यक्ति का अच्छे कुल का होना व्यर्थ है, यदि लक्ष्य की प्राप्ति न हो तो शिक्षा व्यर्थ है, जिस धन का सदुपयोग न हो वह धन व्यर्थ है।’
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