{"_id":"68a0d5c847c85140cd0e90ad","slug":"even-after-two-years-nagar-panchayat-did-not-get-land-for-gaushala-badaun-news-c-123-1-sbly1018-145183-2025-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: दो साल बाद भी नगर पंचायत को नहीं मिली गोशाला के लिए भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: दो साल बाद भी नगर पंचायत को नहीं मिली गोशाला के लिए भूमि
विज्ञापन
कुंवरगांव। दो साल बाद भी कुंवरगांव नगर पंचायत को गोशाला बनाने के लिए जमीन नहीं मिल सकी है। वर्ष 2023 में शासन ने कान्हा गोशाला के निर्माण को मंजूरी देते हुए 34 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की थी। जमीन को लेकर नगर पंचायत ने जिला पंचायत को भी लिखा, लेकिन जमीन नहीं मिल सकी है।
सड़कों से लेकर खेतों तक छुट्टा गोवंश घूम रहे हैं, जो किसानों से लेकर आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। समस्या से निजात मिल सके, इसके लिए नगर पंचायत प्रशासन ने 2022 में प्रस्ताव बनाकर भेजा था। जनवरी 2023 में शासन से कान्हा गोशाला बनाने के लिए 1.66 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी।
नगर पंचायत प्रशासन के खाते में 34 लाख रुपये की धनराशि भी आवंटित कर दी गई थी। इसके बाद पंचायत प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू की। उम्मीद थी कि जल्द ही यहां गोशाला का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी नगर पंचायत को जमीन नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन
मार्च तक जमीन नहीं मिली तो लौट सकती है आई धनराशि
नगर पंचायत क्षेत्र में करीब आठ बीघा जमीन जिला पंचायत की है। नगर पंचायत प्रशासन ने जिला पंचायत प्रशासन को पत्र भेजकर जमीन पर गोशाला निर्माण की मंजूरी मांगी थी, जो जिला पंचायत ने नहीं दी। डीएम को मांग पत्र भी दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। अब नगर पंचायत प्रशासन ने शासन को पत्र भेजकर जिला पंचायत की खाली जमीन पर गोशाला निर्माण की मांग की है। जमीन मिलने के बाद ही गोशाला का निर्माण हो सकेगा। मार्च तक अगर जमीन नहीं मिली तो आवंटित धनराशि शासन को लौटानी होगी।
नगर पंचायत ने जो जमीन तलाश की है वह जिला पंचायत की है। जमीन में गोशाला निर्माण कराने के लिए जिला पंचायत से अनुमति मांगी, जो नहीं मिली। फाइल कार्यालय में ही अटक गई। इसके लिए जिला प्रशासन व शासन को भी पत्र भेजकर जिला पंचायत की जमीन पर गोशाला का निर्माण कराने की मांग की गई है। जमीन मिलने के बाद ही गोशाला का निर्माण हो सकेगा। - ज्योतिरानी, चेयरपर्सन, नगर पालिका
विज्ञापन
सड़कों से लेकर खेतों तक छुट्टा गोवंश घूम रहे हैं, जो किसानों से लेकर आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। समस्या से निजात मिल सके, इसके लिए नगर पंचायत प्रशासन ने 2022 में प्रस्ताव बनाकर भेजा था। जनवरी 2023 में शासन से कान्हा गोशाला बनाने के लिए 1.66 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी।
विज्ञापन
नगर पंचायत प्रशासन के खाते में 34 लाख रुपये की धनराशि भी आवंटित कर दी गई थी। इसके बाद पंचायत प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू की। उम्मीद थी कि जल्द ही यहां गोशाला का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी नगर पंचायत को जमीन नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन
मार्च तक जमीन नहीं मिली तो लौट सकती है आई धनराशि
नगर पंचायत क्षेत्र में करीब आठ बीघा जमीन जिला पंचायत की है। नगर पंचायत प्रशासन ने जिला पंचायत प्रशासन को पत्र भेजकर जमीन पर गोशाला निर्माण की मंजूरी मांगी थी, जो जिला पंचायत ने नहीं दी। डीएम को मांग पत्र भी दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। अब नगर पंचायत प्रशासन ने शासन को पत्र भेजकर जिला पंचायत की खाली जमीन पर गोशाला निर्माण की मांग की है। जमीन मिलने के बाद ही गोशाला का निर्माण हो सकेगा। मार्च तक अगर जमीन नहीं मिली तो आवंटित धनराशि शासन को लौटानी होगी।
नगर पंचायत ने जो जमीन तलाश की है वह जिला पंचायत की है। जमीन में गोशाला निर्माण कराने के लिए जिला पंचायत से अनुमति मांगी, जो नहीं मिली। फाइल कार्यालय में ही अटक गई। इसके लिए जिला प्रशासन व शासन को भी पत्र भेजकर जिला पंचायत की जमीन पर गोशाला का निर्माण कराने की मांग की गई है। जमीन मिलने के बाद ही गोशाला का निर्माण हो सकेगा। - ज्योतिरानी, चेयरपर्सन, नगर पालिका