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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Even a month and a half after the death of 14 cattle, the 'Danveer' and 'BNK' organizations have not been blacklisted.

Budaun News: 14 गोवंशों की मौत के डेढ़ माह बाद भी दानवीर और बीएनके संस्था को नहीं किया ब्लैकलिस्ट

Tue, 29 Sep 2026 01:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 01:41 AM IST
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Even a month and a half after the death of 14 cattle, the 'Danveer' and 'BNK' organizations have not been blacklisted.
बदायूं। 10 अगस्त को ग्राम पंचायत बादल और पेपल में संचालित गोशालाओं मेंं 14 गोवंशों की मौत हुई थी। इन घटनाओं से प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। गोशाला संचालित कर रहे एनजीओ बीएनके ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज खेड़ा नवादा और दानवीर जनकल्याण समिति से गोशालाओं के संचालन हटाकर अपनी पीठ थपथपाई, लेकिन जिले में इन्हें ब्लैकलिस्ट नहीं किया।
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गोशालाओं में एनजीओ की लापरवाही की वजह से 14 गोवंशों की मौत हो गई थी। ग्रामीणों के हंगामा करने के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन ने एनजीओ से संचालन हटाकर पीठ थपथपा ली। इसके बाद आंख मूंद ली। अभिगांव के ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन उस समय सख्त कार्रवाई करता तो बारिश में इतने गोवंशों की मौत नहीं होती।
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उस समय हुई घटना के बाद एनजीओ को ब्लैकलिस्ट करने का सीवीओ की ओर से दावा किया जा रहा था, लेकिन डेढ़ माह से अधिक समय के बाद भी उन एनजीओ को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई। साफ है कि अगर विभाग की ओर से उस समय तत्परता दिखाई गई होती तो 103 गायों की मौत नहीं होती। वहीं अभिगांव, ब्यौर और मनिकापुर में पशुपालन विभाग अपनी गर्दन बचाने के लिए आंकड़े छिपाने में लगा हुआ है। सीवीओ प्रेम सिंह कोहली ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।
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बादल गोशाला में हुए कांड के बाद एक गोशाला का चार्ज दानवीर से छीन लिया था
दानवीर जनकल्याण समिति की ओर से नौ गोशालाओं का संचालन किया जा रहा है। अगस्त में बादल गोशाला में गोवंश मरने के बाद उससे गोशाला का संचालन छीन लिया गया था। इसके बाद भी समिति पर विभाग की मेहरबानी रही। अब दानवीर यादव का एनजीओ आठ गोशालाओं का संचालन कर रहा है। वहीं अभिगांव वाली गोशाला को प्रियंक कौशिक के नाम पर लेकर दानवीर यादव ही केयरटेकर बनकर संचालन कर रहा है। जिले में एक ही व्यक्ति को इतनी गोशालाओं के संचालन का जिम्मा मिलना बिना विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं।


शारदा सेवा समिति, दानवीर जनकल्याण समिति और जनकल्याण एवं विकास समिति को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जा रही हैं। वहीं अभिगांव और ब्यौर गांव की गोशाला का संचालन प्रशासक और सचिव करेंगे। - प्रेम सिंह कोहली, सीवीओ
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