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Budaun News: भूमि संकट से जूझ रहे उद्यमी अब अपना इंडस्ट्रियल एरिया करेंगे विकसित
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(02 बीडीएन-03)कार्यालय जिला उद्योग केंद्र।संवाद
- सरकार की नई पहल से प्रस्तावित उद्योगों के जल्द स्थापित होने की उम्मीद बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शासन ने औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने में बाधक बन रही जमीन की अड़चन को दूर करने के लिए नई पहल की है। इसके लिए शासन ने अब जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से प्राइवेट इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने की योजना लागू की है। इसके तहत 10 से 50 एकड़ जमीन पर उद्यमी अकेले या समूह में अपना इंडस्ट्रियल एरिया विकसित कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए इन्वेस्टर्स समिट कराके उद्यमियों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बदायूं में भी 3343 करोड़ के उद्योग स्थापित करने का उद्यमियों ने करार किया है, लेकिन इसमें जमीन की अनुपलब्धता बाधक बन रही है। हालांकि सरकार के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि उद्यमियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने दें, लेकिन प्रशासन जमीन उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर चुका है।
इन प्रोजेक्ट को जमीन पर लाने के लिए जमीन का बंदोबस्त न हो पाने से उद्यमी भी परेशान हैं। उद्योग केंद्र के पास भी कोई भूमि बैंक नहीं है। ऐसे में उद्यामियों को खुद ही जमीन तलाशनी पड़ रही है। विभाग के अनुसार, उद्यमियों की इस दिक्कत का संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार ने 10 से 50 एकड़ जमीन पर प्राइवेट इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने की योजना शुरू की है। उद्यमी इस जमीन को अपनी शर्तों पर अन्य उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए बेच भी सकते हैं।
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एक प्रतिशत ब्याज पर 90 फीसदी धनराशि सरकार देगी
जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से उद्यमी को इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार की योजना शुरू की है इसके तहत इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने में जो धनराशि खर्च होगी। उस धनराशि का 90 प्रतिशत पैसा सरकार उद्यमी को एक प्रतिशत ब्याज पर देगी। हालांकि शेष 10 फीसदी रकम उद्यमी को अपने पास से लगानी होगी।
एक्सप्रेस-वे पूरा होने पर होगा उद्यमियों को फायदा
जिले से होकर निकल रहा गंगा एक्सप्रेस-वे जब पूरी तरह से तैयार हो जाएगा तो उद्यमियों को अपना सामान बाहर भेजने और मंगाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उद्यमी भी उद्योग लगाने के लिए पहली प्राथमिकता गंगा एक्सप्रेस-वे के नजदीकी इलाके को ही दे रहे हैं। उनकी दूसरी पसंद बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे है। ऐसे में जिले में व्यापार बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अगर कोई व्यापारी एक्सप्रेस-वे के आसपास या कहीं अन्य जगह पर इंडस्ट्रियल एरिया बनाते हैं तो आने वाले समय में बदायूं का विकास होगा।
प्रदेश सरकार उद्योगों को विकसित करने के लिए यह योजना लाई है। इसके तहत कोई भी उद्यमी 10 से 50 एकड़ में इंडस्ट्रियल एरिया विकसितकर सकता है। इसमें उसका सहयोग सरकार भी करेगी। जो भी धनराशि इसके विकास पर खर्च होगी उसमें 90 प्रतिशत धनराशि सरकार एक प्रतिशत ब्याज पर दे रही है। -दुर्गेश कुमार, उद्योग उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यान प्रोत्साहन केंद्र बदायूं
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शासन ने औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने में बाधक बन रही जमीन की अड़चन को दूर करने के लिए नई पहल की है। इसके लिए शासन ने अब जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से प्राइवेट इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने की योजना लागू की है। इसके तहत 10 से 50 एकड़ जमीन पर उद्यमी अकेले या समूह में अपना इंडस्ट्रियल एरिया विकसित कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए इन्वेस्टर्स समिट कराके उद्यमियों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बदायूं में भी 3343 करोड़ के उद्योग स्थापित करने का उद्यमियों ने करार किया है, लेकिन इसमें जमीन की अनुपलब्धता बाधक बन रही है। हालांकि सरकार के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि उद्यमियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने दें, लेकिन प्रशासन जमीन उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर चुका है।
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इन प्रोजेक्ट को जमीन पर लाने के लिए जमीन का बंदोबस्त न हो पाने से उद्यमी भी परेशान हैं। उद्योग केंद्र के पास भी कोई भूमि बैंक नहीं है। ऐसे में उद्यामियों को खुद ही जमीन तलाशनी पड़ रही है। विभाग के अनुसार, उद्यमियों की इस दिक्कत का संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार ने 10 से 50 एकड़ जमीन पर प्राइवेट इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने की योजना शुरू की है। उद्यमी इस जमीन को अपनी शर्तों पर अन्य उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए बेच भी सकते हैं।
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एक प्रतिशत ब्याज पर 90 फीसदी धनराशि सरकार देगी
जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से उद्यमी को इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार की योजना शुरू की है इसके तहत इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने में जो धनराशि खर्च होगी। उस धनराशि का 90 प्रतिशत पैसा सरकार उद्यमी को एक प्रतिशत ब्याज पर देगी। हालांकि शेष 10 फीसदी रकम उद्यमी को अपने पास से लगानी होगी।
एक्सप्रेस-वे पूरा होने पर होगा उद्यमियों को फायदा
जिले से होकर निकल रहा गंगा एक्सप्रेस-वे जब पूरी तरह से तैयार हो जाएगा तो उद्यमियों को अपना सामान बाहर भेजने और मंगाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उद्यमी भी उद्योग लगाने के लिए पहली प्राथमिकता गंगा एक्सप्रेस-वे के नजदीकी इलाके को ही दे रहे हैं। उनकी दूसरी पसंद बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे है। ऐसे में जिले में व्यापार बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अगर कोई व्यापारी एक्सप्रेस-वे के आसपास या कहीं अन्य जगह पर इंडस्ट्रियल एरिया बनाते हैं तो आने वाले समय में बदायूं का विकास होगा।
प्रदेश सरकार उद्योगों को विकसित करने के लिए यह योजना लाई है। इसके तहत कोई भी उद्यमी 10 से 50 एकड़ में इंडस्ट्रियल एरिया विकसितकर सकता है। इसमें उसका सहयोग सरकार भी करेगी। जो भी धनराशि इसके विकास पर खर्च होगी उसमें 90 प्रतिशत धनराशि सरकार एक प्रतिशत ब्याज पर दे रही है। -दुर्गेश कुमार, उद्योग उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यान प्रोत्साहन केंद्र बदायूं