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Budaun News: अटैचमेंट के खेल में ईएनटी की फिर जीत, शाहजहांपुर में हुई ज्वाइनिंग
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उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अभिलेखों में करीब चार साल से तैनात ईएनटी प्रेमचंद्र मौर्य महज 14 दिन ड्यूटी करके खुद को फिर से शाहजहांपुर जिला अस्पताल में अटैच कराने में सफल हो गए। सीएमओ रामेश्वर मिश्रा ने दो सप्ताह पहले ही उनका अटैचमेंट रद्द किया था, जो उन्हें रास नहीं आया। वह पहले की तरह ड्यूटी शाहजहांपुर में करेंगे और वेतन उझानी से मिलेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अभिलेखों में प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) की सुविधा प्राप्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की पूर्ति के लिए सीएमओ रामेश्वर मिश्रा ने दो सप्ताह पहले की कदम उठाए थे। उन्होंने ईएनटी प्रेमचंद्र मौर्य का शाहजहांपुर अटैचमेंट रद्द कर उन्हें फिर से मूल तैनाती स्थल उझानी में ड्यूटी करने का आदेश दिया था।
इसके बाद ईएनटी ने 16 जनवरी को शाहजहांपुर जिला अस्पताल से आकर ज्वाइनिंग ले ली। बीच में वह अवकाश पर भी रहे, लेकिन डेढ़ सप्ताह में ही खुद को फिर से शाहजहांपुर में अटैच कराने में सफल हो गए।
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अटैचमेंट के खेल में ईएएनटी की जीत के पीछे विभागीय सूत्रों की मानें तो वह अपने मूल तैनाती स्थल पर ड्यूटी नहीं करना चाहते थे। अटैचमेंट के पहले चरण में वह करीब चार साल तक शाहजहांपुर में ड्यूटी कर चुके हैं। तब भी उनका वेतन उझानी से निकलता था। वेतन आगे भी इसी तरह से निकलता रहेगा।
बता दें कि एफआरयू की वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बाल रोग, हड्डी, महिला रोग विशेषज्ञ के अलावा रेडियोलॉजिस्ट और सर्जन की तैनाती होनी चाहिए। इसके बाद भी जनरल फिजीशियन डॉक्टरों के जरिये ही मरीजों को इलाज करना पड़ता है। जनरल फिजीशियन के सामने गंभीर मरीजों को रेफर करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होता।
विशेषज्ञ डॉक्टरों को उझानी नहीं आ रहा है रास
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ डॉक्टरों को ड्यूटी क्यों रास नहीं आई, यह तो वह या फिर विभाग के अफसर ही जाने, लेकिन पिछले छह- सात साल में बाल रोड, हड्डी रोग विशेषज्ञ और सर्जन यहां से तबादला कराके चले गए। इनके स्थानों पर विभागीय स्तर से किसी और को तैनात भी नहीं किया गया। इसके बाद के हालात पर गौर करें तो दो- तीन साल से मरीजों से जुड़ीं व्यवस्थाएं भी चरमराई हैं। प्रसव के दौरान आपरेशन के नाम पर वसूली के आरोप भी लगे। जांच हुई तो आरोपियों को क्लीनचिट दे गई।
ईएनटी प्रेमचंद्र मौर्य को फिर से शाहजहांपुर अटैच कर दिया गया है। शुक्रवार को वह ड्यूटी पर आए और खुद को रिलीव कराके चले गए हैं। उनकी मूल तैनाती यहीं पर है। वेतन भी यहीं से दिया जाएगा।- डॉ. राजकुमार गंगवार, चिकित्साधीक्षक
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स्वास्थ्य विभाग के अभिलेखों में प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) की सुविधा प्राप्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की पूर्ति के लिए सीएमओ रामेश्वर मिश्रा ने दो सप्ताह पहले की कदम उठाए थे। उन्होंने ईएनटी प्रेमचंद्र मौर्य का शाहजहांपुर अटैचमेंट रद्द कर उन्हें फिर से मूल तैनाती स्थल उझानी में ड्यूटी करने का आदेश दिया था।
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इसके बाद ईएनटी ने 16 जनवरी को शाहजहांपुर जिला अस्पताल से आकर ज्वाइनिंग ले ली। बीच में वह अवकाश पर भी रहे, लेकिन डेढ़ सप्ताह में ही खुद को फिर से शाहजहांपुर में अटैच कराने में सफल हो गए।
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अटैचमेंट के खेल में ईएएनटी की जीत के पीछे विभागीय सूत्रों की मानें तो वह अपने मूल तैनाती स्थल पर ड्यूटी नहीं करना चाहते थे। अटैचमेंट के पहले चरण में वह करीब चार साल तक शाहजहांपुर में ड्यूटी कर चुके हैं। तब भी उनका वेतन उझानी से निकलता था। वेतन आगे भी इसी तरह से निकलता रहेगा।
बता दें कि एफआरयू की वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बाल रोग, हड्डी, महिला रोग विशेषज्ञ के अलावा रेडियोलॉजिस्ट और सर्जन की तैनाती होनी चाहिए। इसके बाद भी जनरल फिजीशियन डॉक्टरों के जरिये ही मरीजों को इलाज करना पड़ता है। जनरल फिजीशियन के सामने गंभीर मरीजों को रेफर करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होता।
विशेषज्ञ डॉक्टरों को उझानी नहीं आ रहा है रास
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेषज्ञ डॉक्टरों को ड्यूटी क्यों रास नहीं आई, यह तो वह या फिर विभाग के अफसर ही जाने, लेकिन पिछले छह- सात साल में बाल रोड, हड्डी रोग विशेषज्ञ और सर्जन यहां से तबादला कराके चले गए। इनके स्थानों पर विभागीय स्तर से किसी और को तैनात भी नहीं किया गया। इसके बाद के हालात पर गौर करें तो दो- तीन साल से मरीजों से जुड़ीं व्यवस्थाएं भी चरमराई हैं। प्रसव के दौरान आपरेशन के नाम पर वसूली के आरोप भी लगे। जांच हुई तो आरोपियों को क्लीनचिट दे गई।
ईएनटी प्रेमचंद्र मौर्य को फिर से शाहजहांपुर अटैच कर दिया गया है। शुक्रवार को वह ड्यूटी पर आए और खुद को रिलीव कराके चले गए हैं। उनकी मूल तैनाती यहीं पर है। वेतन भी यहीं से दिया जाएगा।- डॉ. राजकुमार गंगवार, चिकित्साधीक्षक