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Budaun News: अंग्रेजी ने दिया झटका, हिंदी, गणित, सामाजिक विज्ञान ने दिलाई बढ़त
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सैफुद्दीन।
बदायूं। अबकी बार अंग्रेजी ने झटका दिया, लेकिन हिंदी, कंप्यूटर साइंस, गणित और सामाजिक विज्ञान ने अंकों में बढ़त दिलाई। जिन बच्चों के अंग्रेजी में अंक कम आए हैं, उनका कहना है कि अंक देने में कंजूसी हुई है। वह स्क्रूटनी कराएंगे।
ब्लूमिंगडेल स्कूल के कृष्णांश चौधरी ने 10वीं कक्षा में 93 प्रतिशत अंक पाए। कृष्णांश का कहना है कि ऐसा लगता है कि अंग्रेजी में मार्किंग सही नहीं हुई और सबके अंक कम आए है। उन्हें जहां हिंदी व गणित में 98- 98 अंक मिले वहीं वहीं सामाजिक विज्ञान में 99 अंक मिले हैं। अंग्रेजी में 75 अंक मिले हैं। उम्मीद थी 90 अंकों की थी। कंजूसी से अंक दिए गए।
रिजल्ट आने के बाद दोस्तों से बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि उनके भी अंग्रेजी में कम अंक आए। कृष्णांश चौधरी का कहना है कि अंग्रेजी की उत्तर पुस्तिका की स्क्रूटनी कराएंगे। ब्लूमिंग डेल स्कूल की रिद्धि पाठक ने 98.04 अंक पाए। ऋद्धि पाठक का कहना है कि अबकी बार प्रश्न पत्र का पैटर्न बदला था। ग्रामर के सवाल कठिन थे और विस्तृत सवालों के जवाब भी देने थे। इसमें कई विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके।
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एक्सपर्ट कमेंट
फोटो-23
ब्लूमिंग डेल स्कूल में अंग्रेजी के वरिष्ठ शिक्षक सैफुद्दीन का कहना है कि अधिकतर बच्चों के अंक अंग्रेजी विषय में इस बार कम आए ऐसा लगता है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सख्ती से किया गया है। कुछ प्रश्न पत्र भी कठिन होने की बात सामने आ रही है। ग्रामर में भी कई बच्चे अटके।
मदर एथीना स्कूल में अंग्रेजी की वरिष्ठ शिक्षिका कोमल पाठक ने बताया कि अंग्रेजी में इस बार अंक गत वर्ष की अपेक्षा ओवरऑल कम आए हैं। ऐसा नहीं है कि छात्र-छात्राओं ने मेहनत नहीं की, छात्र-छात्राओं के मुताबिक इस बार अंक देने में बोर्ड ने इस बार सख्ती दिखाई है। इसकी वजह से ऐसा देखने को मिला है।
इंटरमीडिएट में केमिस्ट्री स्कोर कराया
मदर एथीना स्कूल के शिक्षक विशाल गुप्ता ने बताया कि इस बार 12वीं में केमिस्ट्री ने छात्र-छात्राओं ने अच्छे अंक हासिल किए हैं। छात्र-छात्राओं ने 100 में से 100 अंक तक हासिल किए हैं। छात्र-छात्राओं की तरफ से जो तैयारी की गई थी। प्रश्न पत्र उसके अनुरूप आया। इसकी वजह से उन्होंने आसानी से हल कर दिया, जबकि फिजिक्स का प्रश्न पत्र कठिन आया था। ऐसे में इसमें अंक कम मिले।
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ब्लूमिंगडेल स्कूल के कृष्णांश चौधरी ने 10वीं कक्षा में 93 प्रतिशत अंक पाए। कृष्णांश का कहना है कि ऐसा लगता है कि अंग्रेजी में मार्किंग सही नहीं हुई और सबके अंक कम आए है। उन्हें जहां हिंदी व गणित में 98- 98 अंक मिले वहीं वहीं सामाजिक विज्ञान में 99 अंक मिले हैं। अंग्रेजी में 75 अंक मिले हैं। उम्मीद थी 90 अंकों की थी। कंजूसी से अंक दिए गए।
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रिजल्ट आने के बाद दोस्तों से बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि उनके भी अंग्रेजी में कम अंक आए। कृष्णांश चौधरी का कहना है कि अंग्रेजी की उत्तर पुस्तिका की स्क्रूटनी कराएंगे। ब्लूमिंग डेल स्कूल की रिद्धि पाठक ने 98.04 अंक पाए। ऋद्धि पाठक का कहना है कि अबकी बार प्रश्न पत्र का पैटर्न बदला था। ग्रामर के सवाल कठिन थे और विस्तृत सवालों के जवाब भी देने थे। इसमें कई विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके।
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फोटो-23
ब्लूमिंग डेल स्कूल में अंग्रेजी के वरिष्ठ शिक्षक सैफुद्दीन का कहना है कि अधिकतर बच्चों के अंक अंग्रेजी विषय में इस बार कम आए ऐसा लगता है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सख्ती से किया गया है। कुछ प्रश्न पत्र भी कठिन होने की बात सामने आ रही है। ग्रामर में भी कई बच्चे अटके।
मदर एथीना स्कूल में अंग्रेजी की वरिष्ठ शिक्षिका कोमल पाठक ने बताया कि अंग्रेजी में इस बार अंक गत वर्ष की अपेक्षा ओवरऑल कम आए हैं। ऐसा नहीं है कि छात्र-छात्राओं ने मेहनत नहीं की, छात्र-छात्राओं के मुताबिक इस बार अंक देने में बोर्ड ने इस बार सख्ती दिखाई है। इसकी वजह से ऐसा देखने को मिला है।
इंटरमीडिएट में केमिस्ट्री स्कोर कराया
मदर एथीना स्कूल के शिक्षक विशाल गुप्ता ने बताया कि इस बार 12वीं में केमिस्ट्री ने छात्र-छात्राओं ने अच्छे अंक हासिल किए हैं। छात्र-छात्राओं ने 100 में से 100 अंक तक हासिल किए हैं। छात्र-छात्राओं की तरफ से जो तैयारी की गई थी। प्रश्न पत्र उसके अनुरूप आया। इसकी वजह से उन्होंने आसानी से हल कर दिया, जबकि फिजिक्स का प्रश्न पत्र कठिन आया था। ऐसे में इसमें अंक कम मिले।

सैफुद्दीन।

सैफुद्दीन।