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बूंदाबांदी के बीच मौत बनकर उतरा करंट, कई बेजुबानों की जान गई
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बदायूं। मानसून की पहली ही बूंदाबांदी में पावर कॉरपोरेशन की लापरवाही खुलकर सामने आ गई। शहर में चार स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के जाल और अंडग्राउंड केबल बॉक्स में करंट आने के कारण चार बेजुबान गोवंशीय पशुओं की जान चली गई। गनीमत रही कि कोई आम नागरिक करंट की चपेट में नहीं आया।
पिछले वर्ष मानसून के दौरान अंडरग्राउंड लाइन के बॉक्स और जगह-जगह रखे ट्रांसफार्मरों के जाल में करंट से बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हुई थी। मीराजी चौकी इलाके में गणित प्रवक्ता और बाबा कॉलोनी में दरोगा के दिव्यांग बेटे की केबल बॉक्स की चपेट में आने से मौत हुई तब काफी हंगामा हुआ था। मामला लोकसभा तक पहुंचा। उम्मीद थी कि आने वाले समय में सुधार होगा, लेकिन इस बार भी कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
बृहस्पतिवार को बूंदाबांदी के दौरान शहर के मोहल्ला कूंचापांडा और इंदिरा चौक के पास केबल बॉक्स में करंट से दो पशुओं की मौत हो गई। काली सड़क और एसके इंटर कॉलेज के पास ट्रांसफार्मर के लोहे के जाल में आ रहे करंट की चपेट में आकर भी दो बेजुबानों की जान गई।
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गौर करने वाली बात यह है कि पावर कॉरपोरेशन ने मानसून के मद्देनजर शहर में अव्यवस्थित बिजली लाइनों और खुले में रखे ट्रांसफार्मरों से लोगों को बचाने के लिए पहले से कोई कदम ही नहीं उठाए।
एक्सईएन प्रथम खंड प्रवेश कुमार का कहना है कि सभी ट्रांसफार्मर कवर्ड हैं। अगर कहीं पर कमी है तो ठीक कराया जाएगा। बारिश के मौसम में लोगों को लाइनों से दूर रहना चाहिए।
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पिछले वर्ष मानसून के दौरान अंडरग्राउंड लाइन के बॉक्स और जगह-जगह रखे ट्रांसफार्मरों के जाल में करंट से बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हुई थी। मीराजी चौकी इलाके में गणित प्रवक्ता और बाबा कॉलोनी में दरोगा के दिव्यांग बेटे की केबल बॉक्स की चपेट में आने से मौत हुई तब काफी हंगामा हुआ था। मामला लोकसभा तक पहुंचा। उम्मीद थी कि आने वाले समय में सुधार होगा, लेकिन इस बार भी कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
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बृहस्पतिवार को बूंदाबांदी के दौरान शहर के मोहल्ला कूंचापांडा और इंदिरा चौक के पास केबल बॉक्स में करंट से दो पशुओं की मौत हो गई। काली सड़क और एसके इंटर कॉलेज के पास ट्रांसफार्मर के लोहे के जाल में आ रहे करंट की चपेट में आकर भी दो बेजुबानों की जान गई।
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गौर करने वाली बात यह है कि पावर कॉरपोरेशन ने मानसून के मद्देनजर शहर में अव्यवस्थित बिजली लाइनों और खुले में रखे ट्रांसफार्मरों से लोगों को बचाने के लिए पहले से कोई कदम ही नहीं उठाए।
एक्सईएन प्रथम खंड प्रवेश कुमार का कहना है कि सभी ट्रांसफार्मर कवर्ड हैं। अगर कहीं पर कमी है तो ठीक कराया जाएगा। बारिश के मौसम में लोगों को लाइनों से दूर रहना चाहिए।