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बिजली के टूटेपोल से हादसे का इंतजार
Ujani
Updated Thu, 09 Jul 2015 06:26 PM IST
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सुविधा के नाम पर मकानों से सटाकर लगाए गए बिजली के पोल उपभोक्ताओं की मुसीबत बन गए हैं। सर्वाधिक खराब स्थिति साहूकारा और किलाखेड़ा मोहल्ले में देखने को मिली। दीवारों पर झुक कर खुलेआम मौत को न्योता देर रहे पोलों पर बिजली कर्मियों की नजर नहीं पड़ती। बिजली कर्मियों को तो हादसे का इंतजार है।
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सिरे से गल कर किलाखेड़ा मोहल्ले के प्रिंस सक्सेना के घर की दीवार पर झुके बिजली के पोल की करीब दो महीना पर पहले मोहल्ले के लोगों ने अवर अभियंता से शिकायत की थी। बकौल प्रिंस-पोल से गली के आठ-नौ घरों को सप्लाई है। तारों का मकड़जाल दीवार से छू रहा है। एक बार तो परिवार के बच्चे को करंट भी लग गया लेकिन बिजली कर्मियों ने पोल ठीक कराने की जरुरत महसूस नहीं की। साहूकारा में झम्मन बाबा की पुलिया के पास बारबर की दुकान के सामने भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहीं नहीं, सर्वाधिक भीड़भाड़ वाले बिल्सी रोड बाजार में आईएएस अफसर सौरभ बाबू माहेश्वरी की कोठी वाले मोड़ के पास भी पोल झुक गया है।
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बता दें कि पिछले साल विभागीय योजना के तहत आबादी और गैर आबादी क्षेत्र में बिजली के क्षतिग्रस्त पोल को बदलवाने का काम शुरू कराया गया था। पर गली-मोहल्लों के क्षतिग्रस्त पोलों की हालत पर बिजली कर्मियों की नजर नहीं पहुंच पाई है। नझियाई और गंजशहीदा मोहल्ले में पिछले साल क्षतिग्रस्त पोल पर करेंट उतर आने से तीन जानवरों की मौत भी हो गई थी। इधर, साहूकारा निवासी सपा नेता राजेंद्र कुमार वार्ष्णेय उर्फ राजू भूटानी ने बताया कि क्षतिग्रस्त पोल बदलवाने के लिए उन्होंने खुद एसडीओ से संपर्क साधा लेकिन कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर रहा।
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