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Budaun News: कांवड़ यात्रा के लिए प्लास्टिक से कवर किए जाएंगे बिजली के खंभे
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बदायूं। कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू होगी। उसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए विद्युत निगम को निर्देश दिया गया है कि वह रास्ते में पड़ने वाली एचटी व एलटी लाइनों को दुरुस्त करें। साथ ही बिजली खंभों को काली प्लास्टिक के रैपर (शीट) से कवर करें। खंभों से सटे पेड़ों की टहनियों की भी काटा जाएगा। इससे करंट से कोई अप्रिय घटना नहीं होगी। यह कार्य एक जुलाई से कराया जाएगा।
सावन में कई जिलों के भक्ता गंगा जल भरने के लिए कछला घाट पर आते हैं। कांवड़ यात्रा का मुख्य मार्ग बरेली-मुथरा हाईवे रहता है। इस मार्ग पर सर्वाधिक श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। इसके अलावा मुरादाबाद-फर्रूखाबाद व दिल्ली-मेरठ हाईवे से होते हुए श्रद्धालु भी इसी मार्ग से घाट तक पहुंचते है। कांवड़ यात्रा में डीजे भी निकाले जाते है। इसके चलते यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु के साथ कोई करंट लगने जैसी अप्रिय घटना न हो। इसके लिए विद्युत निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है।
इसको लेकर विद्युत निगम ने जर्जर खंभे, क्षतिग्रस्त लाइन, कंडक्टर को बदलने के साथ ही खंभों पर प्लास्टिक शीट लगाने की तैयारी की है। इससे कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो। बिजली के खंभों को सात फीट की ऊंचाई तक प्लास्टिक की शीट से कवर किया जाएगा। जर्जर व ढीले तारों को दुरुस्त किया जाएगा।
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कांवड़ मार्ग पर रखे ट्रांसफार्मरों को जाली से ढका जाएगा। इनके अलावा पेड़ की टहनियों को भी काटा जाएगा। किसी भी बिजली लाइन के नीचे व ट्रांसफॉर्मर के आस पास कांवड़ शिविर नहीं लगाए जाएंगे। इसके लिए अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार ने संबंधित एक्सईएन, एसडीओ व जेई को निर्देश दिया है। सभी को क्षेत्र में दौरा कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि एक जुलाई से बिजली संबंधित कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
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सावन में कई जिलों के भक्ता गंगा जल भरने के लिए कछला घाट पर आते हैं। कांवड़ यात्रा का मुख्य मार्ग बरेली-मुथरा हाईवे रहता है। इस मार्ग पर सर्वाधिक श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। इसके अलावा मुरादाबाद-फर्रूखाबाद व दिल्ली-मेरठ हाईवे से होते हुए श्रद्धालु भी इसी मार्ग से घाट तक पहुंचते है। कांवड़ यात्रा में डीजे भी निकाले जाते है। इसके चलते यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु के साथ कोई करंट लगने जैसी अप्रिय घटना न हो। इसके लिए विद्युत निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है।
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इसको लेकर विद्युत निगम ने जर्जर खंभे, क्षतिग्रस्त लाइन, कंडक्टर को बदलने के साथ ही खंभों पर प्लास्टिक शीट लगाने की तैयारी की है। इससे कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो। बिजली के खंभों को सात फीट की ऊंचाई तक प्लास्टिक की शीट से कवर किया जाएगा। जर्जर व ढीले तारों को दुरुस्त किया जाएगा।
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कांवड़ मार्ग पर रखे ट्रांसफार्मरों को जाली से ढका जाएगा। इनके अलावा पेड़ की टहनियों को भी काटा जाएगा। किसी भी बिजली लाइन के नीचे व ट्रांसफॉर्मर के आस पास कांवड़ शिविर नहीं लगाए जाएंगे। इसके लिए अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार ने संबंधित एक्सईएन, एसडीओ व जेई को निर्देश दिया है। सभी को क्षेत्र में दौरा कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि एक जुलाई से बिजली संबंधित कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।