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कार्रवाई : एक साथ 18 कस्तूरबा स्कूलों पर छापा, गड़बड़ियां मिलीं
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण करते अधिकारी। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। डीएम दीपा रंजन के आदेश पर बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीमों ने जिले के 18 कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों पर एक साथ छापा मारा। इस दौरान तमाम गड़बडियां मिलीं। देर रात तक प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें कार्रवाई में जुटी रहीं।
दातागंज तहसील के समरेर स्थित आश्रम पद्धति आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को विषाक्त भोजन खाने से 30 छात्राओं के बीमार होने और इसके बाद बुधवार को एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष मिथलेश कुमार के समरेर दौरे के बाद आवासीय विद्यालयों में व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की नींद टूटी है। जिले में कुल 18 कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय हैं। इनका संचालन बेसिक शिक्षा विभाग करता है। विद्यालयों में रहने वाली छात्राओं को आवास, भोजन, यूनिफार्म, पुस्तकें आदि सभी सुविधाएं निशुल्क दी जाती हैं। कस्तूरबा विद्यालय भी अक्सर विवादों में रहते हैं। पिछले दिनों उझानी ब्लॉक के छतुइया बा विद्यालय में वार्डन ने छात्राओं से मारपीट कर दी थी। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। बुधवार को डीएम दीपा रंजन ने 36 अधिकारियों की टीमें बनाकर शाम सात बजे एक साथ सभी 18 विद्यालयों पर छापा कार्रवाई कराई। एक विद्यालय में दो अधिकारियों की टीम पहुंची और यहां मौके पर जांच की गई।
शहर से सटे शेखूपुर कस्तूरबा विद्यालय में सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार व डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने छापा मारा। यहां मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं बना था। विद्यालय में प्रधानाध्यापिका भी अनुपस्थित मिलीं। करीब 50 मिनट के बाद प्रधानाध्यापिका पहुंचीं तो वह उपस्थिति रजिस्टर के साथ आगंतुक रजिस्टर भी नहीं दिखा सकीं। पंजीकृत छात्राओं के मुकाबले 28 छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। कादरचौक में स्कूल भवन की छत टपकती मिली और सहसवान के खंदक में शौचालय की दशा खराब मिली।
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जांच में फेल हो गए ज्यादातर कस्तूरबा विद्यालय
रियलिटी टेस्ट में जिले के ज्यादातर कस्तूरबा विद्यालय फेल हो गए हैं। डीएम दीपा रंजन ने औचक निरीक्षण के लिए पहले से बिंदु तय कर दिए थे। इनमें विद्यालय में स्टाफ की उपस्थिति, पहचान पत्रों का मिलान, चौकीदार और सुरक्षा कर्मियों की पहचान, उपस्थिति रजिस्टर, सफाई, शौचालयों की स्थिति, विद्यालय भवन की स्थिति, आगंतुक रजिस्टर की जांच, भोजन की जांच और मेन्यू, पंजीकृत और उपस्थित छात्राओं की स्थिति आदि बिंदुओं को शामिल किया गया था। जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमें जब एक साथ अचानक जांच को पहुंचीं तो ज्यादातर विद्यालय फेल हो गए। टीमें अब अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगी। इसके बाद कार्रवाई तय है।
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दातागंज तहसील के समरेर स्थित आश्रम पद्धति आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को विषाक्त भोजन खाने से 30 छात्राओं के बीमार होने और इसके बाद बुधवार को एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष मिथलेश कुमार के समरेर दौरे के बाद आवासीय विद्यालयों में व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की नींद टूटी है। जिले में कुल 18 कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय हैं। इनका संचालन बेसिक शिक्षा विभाग करता है। विद्यालयों में रहने वाली छात्राओं को आवास, भोजन, यूनिफार्म, पुस्तकें आदि सभी सुविधाएं निशुल्क दी जाती हैं। कस्तूरबा विद्यालय भी अक्सर विवादों में रहते हैं। पिछले दिनों उझानी ब्लॉक के छतुइया बा विद्यालय में वार्डन ने छात्राओं से मारपीट कर दी थी। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। बुधवार को डीएम दीपा रंजन ने 36 अधिकारियों की टीमें बनाकर शाम सात बजे एक साथ सभी 18 विद्यालयों पर छापा कार्रवाई कराई। एक विद्यालय में दो अधिकारियों की टीम पहुंची और यहां मौके पर जांच की गई।
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शहर से सटे शेखूपुर कस्तूरबा विद्यालय में सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार व डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने छापा मारा। यहां मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं बना था। विद्यालय में प्रधानाध्यापिका भी अनुपस्थित मिलीं। करीब 50 मिनट के बाद प्रधानाध्यापिका पहुंचीं तो वह उपस्थिति रजिस्टर के साथ आगंतुक रजिस्टर भी नहीं दिखा सकीं। पंजीकृत छात्राओं के मुकाबले 28 छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। कादरचौक में स्कूल भवन की छत टपकती मिली और सहसवान के खंदक में शौचालय की दशा खराब मिली।
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जांच में फेल हो गए ज्यादातर कस्तूरबा विद्यालय
रियलिटी टेस्ट में जिले के ज्यादातर कस्तूरबा विद्यालय फेल हो गए हैं। डीएम दीपा रंजन ने औचक निरीक्षण के लिए पहले से बिंदु तय कर दिए थे। इनमें विद्यालय में स्टाफ की उपस्थिति, पहचान पत्रों का मिलान, चौकीदार और सुरक्षा कर्मियों की पहचान, उपस्थिति रजिस्टर, सफाई, शौचालयों की स्थिति, विद्यालय भवन की स्थिति, आगंतुक रजिस्टर की जांच, भोजन की जांच और मेन्यू, पंजीकृत और उपस्थित छात्राओं की स्थिति आदि बिंदुओं को शामिल किया गया था। जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमें जब एक साथ अचानक जांच को पहुंचीं तो ज्यादातर विद्यालय फेल हो गए। टीमें अब अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगी। इसके बाद कार्रवाई तय है।