{"_id":"6211039b9fd8da3bae679584","slug":"education-badaun-news-bly475951288","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही : केवल 15 विद्यालयों के शिक्षकों का डाटा हुआ अपलोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही : केवल 15 विद्यालयों के शिक्षकों का डाटा हुआ अपलोड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अब तक 15 विद्यालयों के शिक्षकों का डाटा ही अपलोड हो सका है, जबकि इस कार्य को पूरा करने का सिर्फ एक दिन शेष है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का ऑनलाइन डाटा मांगा था, ताकि इन लोगों की ड्यूटी परीक्षा में लगाई जा सके। इस डाटा को अपलोड करने की अंतिम तिथि परिषद ने 20 फरवरी निर्धारित की थी लेकिन जिले के अधिकतर माध्यमिक स्कूलों की लापरवाही साफ देखने को मिल रही है। इसे लेकर डीआईओएस ने सभी विद्यालयों को पत्र जारी किया है और तुरंत डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार जिले से 59 हजार 420 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसको ध्यान में रखते हुए बोर्ड सचिव ने डीआईओएस को निर्देश दिए कि वह जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध 276 विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का डाटा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कराएं। निर्देश मिलने के बाद में डीआईओएस ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को इसके बारे में निर्देश दिए। साथ ही अंतिम तिथि के बारे में जानकारी दी, लेकिन विद्यालयों के प्रधानाचार्य की लापरवाही यहां साफतौर पर देखने को मिली है। 19 फरवरी की सुबह तक मात्र 15 विद्यालयों की ओर से यह डाटा वेबसाइट पर अपलोड किया गया था। इसको लेकर डीआईओएस ने सभी स्कूलो के प्रबंधकों पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालय 20 फरवरी तक यह डाटा वेबसाइट पर अपलोड करें। अन्यथा की स्थिति में प्रधानाचार्य/ प्रबंधक स्वयं उत्तरदायी होंगे।
विज्ञापन
-
जिले में 276 माध्यमिक स्कूल है। 15 विद्यालय ने परिषद की वेबसाइट पर डाटा अपलोड किया गया है। अंतिम तिथि 20 फरवरी है। ऐसे में जो विद्यालय डाटा अपलोड नहीं कराएंगे, वह परिषद की ओर से की जाने वाली कार्रवाई के उत्तरदायी होंगे।
- डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का ऑनलाइन डाटा मांगा था, ताकि इन लोगों की ड्यूटी परीक्षा में लगाई जा सके। इस डाटा को अपलोड करने की अंतिम तिथि परिषद ने 20 फरवरी निर्धारित की थी लेकिन जिले के अधिकतर माध्यमिक स्कूलों की लापरवाही साफ देखने को मिल रही है। इसे लेकर डीआईओएस ने सभी विद्यालयों को पत्र जारी किया है और तुरंत डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार जिले से 59 हजार 420 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसको ध्यान में रखते हुए बोर्ड सचिव ने डीआईओएस को निर्देश दिए कि वह जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध 276 विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का डाटा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कराएं। निर्देश मिलने के बाद में डीआईओएस ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को इसके बारे में निर्देश दिए। साथ ही अंतिम तिथि के बारे में जानकारी दी, लेकिन विद्यालयों के प्रधानाचार्य की लापरवाही यहां साफतौर पर देखने को मिली है। 19 फरवरी की सुबह तक मात्र 15 विद्यालयों की ओर से यह डाटा वेबसाइट पर अपलोड किया गया था। इसको लेकर डीआईओएस ने सभी स्कूलो के प्रबंधकों पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालय 20 फरवरी तक यह डाटा वेबसाइट पर अपलोड करें। अन्यथा की स्थिति में प्रधानाचार्य/ प्रबंधक स्वयं उत्तरदायी होंगे।
विज्ञापन
-
जिले में 276 माध्यमिक स्कूल है। 15 विद्यालय ने परिषद की वेबसाइट पर डाटा अपलोड किया गया है। अंतिम तिथि 20 फरवरी है। ऐसे में जो विद्यालय डाटा अपलोड नहीं कराएंगे, वह परिषद की ओर से की जाने वाली कार्रवाई के उत्तरदायी होंगे।
- डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस