{"_id":"5db43db28ebc3e01586f1bc8","slug":"education-badaun-news-bly3817169183","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में लगाए जाएं बोर्ड ताकि निरीक्षण के समय न हो दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में लगाए जाएं बोर्ड ताकि निरीक्षण के समय न हो दिक्कत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। जिले के परिषदीय स्कूलों में निरीक्षण के समय पहुंचने वाले अधिकारियों के सामने कई समस्याएं आ रही हैं। उन्हें वहां पर मौजूद विद्यार्थियों, स्टॉफ, मिड डे मील के मेन्यू आदि के बारे में पता नहीं चल रहा है। इसकी वजह से वहां पर अधिकारियों को पहले रजिस्टर देखना पड़ता है उसके बाद में उन्हें स्थिति का पता लग पाता है। ऐसे में बीएसए ने सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों को स्कूल परिसर में बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं, जिस पर विद्यालय संबंधित सभी जानकारी रोजाना अपडेट किए जाने को कहा गया है।
अमूमन देखा गया है कि विद्यालयों में जब कोई अधिकारी चेकिंग के लिए पहुंचता है, तो सबसे पहले रजिस्टर मंगवाता है, ताकि उसे पता चल सके कि विद्यालय में कितना स्टाफ है, उनका क्या पद और क्या नाम हैं। साथ ही विद्यालयों में कितने बच्चे उपस्थित हैं और कितने बच्चों को एमडीएम का लाभ मिला है। उसके बाद में अधिकारी वहां की स्थिति का जायजा लेते हैं। कई मर्तबा ऐसा भी हो चुका है कि प्रधानाध्यापक विद्यालय में नहीं होने की वजह से रजिस्टर तक अधिकारियों को मुहैया नहीं हो पाते। इस दिक्कत को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह राजपूत ने सभी प्रधानाध्यापकों को विद्यालयों में बोर्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि चेकिंग के दौरान पहुंचने वाले अधिकारियों को डाटा के संबंध में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने बताया कि इस बारे में सभी प्रधानाध्यापकों से कहा गया है कि बोर्ड पर स्टाफ का नाम व पदनाम, बच्चों की प्रतिदिन की उपस्थिति और कितने बच्चों को एमडीएम का लाभ मिला है, उसे रोजाना अंकित और अपडेट करें।
विज्ञापन
अमूमन देखा गया है कि विद्यालयों में जब कोई अधिकारी चेकिंग के लिए पहुंचता है, तो सबसे पहले रजिस्टर मंगवाता है, ताकि उसे पता चल सके कि विद्यालय में कितना स्टाफ है, उनका क्या पद और क्या नाम हैं। साथ ही विद्यालयों में कितने बच्चे उपस्थित हैं और कितने बच्चों को एमडीएम का लाभ मिला है। उसके बाद में अधिकारी वहां की स्थिति का जायजा लेते हैं। कई मर्तबा ऐसा भी हो चुका है कि प्रधानाध्यापक विद्यालय में नहीं होने की वजह से रजिस्टर तक अधिकारियों को मुहैया नहीं हो पाते। इस दिक्कत को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह राजपूत ने सभी प्रधानाध्यापकों को विद्यालयों में बोर्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि चेकिंग के दौरान पहुंचने वाले अधिकारियों को डाटा के संबंध में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने बताया कि इस बारे में सभी प्रधानाध्यापकों से कहा गया है कि बोर्ड पर स्टाफ का नाम व पदनाम, बच्चों की प्रतिदिन की उपस्थिति और कितने बच्चों को एमडीएम का लाभ मिला है, उसे रोजाना अंकित और अपडेट करें।
विज्ञापन