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गलत तरीके से विभाग में ली नौकरी, बीएसए ने बैठाई जांच
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बदायूं। बीएसए को शिकायत मिली कि जगत ब्लॉक में एक व्यक्ति पर मृतक अश्रित के तहत विभाग में गलत तरीके से नौकरी लेने का आरोप लगा था। इस पर बीएसए ने तीन सदस्यीय टीम का गठन कर इसके खिलाफ जांच बैठा दी, साथ ही वेतन आहरण पर भी रोक लगा दी। सूत्रों की मानें तो विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों ने सांठगांठ के आधार पर शिक्षक का वेतन जारी कर दिया। बीएसए ने अब इसकी भी जांच के आदेेश दिए हैं।
बीएसए रामपाल सिंह राजपूत को जानकारी हुई कि ब्लॉक जगत के करौलिया स्थित सालिगराम उच्च प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षक आलोक शंखधार के पिता की मृत्यु 1988 में हुई थी। उस दौरान मृतक आश्रित को लाभ दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं था, लेकिन उन्होंने सांठगांठ के आधार पर लिपिक के पद पर अपनी नियुक्ति करा ली। इसके बाद वर्ष 1996 में वह फिर से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गुमराह करते हुए शिक्षक बन गए। ऐसे में बीएसए द्वारा शिक्षक के वेतन पर रोक लगाते हुए उसावां, आसफपुर और सहसवान बीईओ को जांच के लिए पैनल गठित करते हुए जांच के लिए आदेश दिए, लेकिन शिक्षक ने बीएसए के लेखा विभाग में सांठ-गांठ कर वेतन निकलवा लिया। हालांकि इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी ने अनभिज्ञता जताई गई है।
मुझे आज ही चार्ज मिला है, क्योंकि बेसिक शिक्षा के लेखाधिकारी छुट्टी पर गए हैं। इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। कार्य दिवस में लिपिक को बुलाकर इस प्रकरण के बारे में बात करूंगा।
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-उत्तम कुमार भार्गव, प्रभारी लेखाधिकारी।
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बीएसए रामपाल सिंह राजपूत को जानकारी हुई कि ब्लॉक जगत के करौलिया स्थित सालिगराम उच्च प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षक आलोक शंखधार के पिता की मृत्यु 1988 में हुई थी। उस दौरान मृतक आश्रित को लाभ दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं था, लेकिन उन्होंने सांठगांठ के आधार पर लिपिक के पद पर अपनी नियुक्ति करा ली। इसके बाद वर्ष 1996 में वह फिर से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गुमराह करते हुए शिक्षक बन गए। ऐसे में बीएसए द्वारा शिक्षक के वेतन पर रोक लगाते हुए उसावां, आसफपुर और सहसवान बीईओ को जांच के लिए पैनल गठित करते हुए जांच के लिए आदेश दिए, लेकिन शिक्षक ने बीएसए के लेखा विभाग में सांठ-गांठ कर वेतन निकलवा लिया। हालांकि इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी ने अनभिज्ञता जताई गई है।
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मुझे आज ही चार्ज मिला है, क्योंकि बेसिक शिक्षा के लेखाधिकारी छुट्टी पर गए हैं। इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। कार्य दिवस में लिपिक को बुलाकर इस प्रकरण के बारे में बात करूंगा।
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-उत्तम कुमार भार्गव, प्रभारी लेखाधिकारी।