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पढ़ाई में आ रही परेशानियों के निदान को शिक्षकों और अभिभावकों ने किया मंथन
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बदायूं। राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में अभिभावक परिषद एवं पुरातन छात्रा परिषद का सम्मेलन हुआ। शिक्षकों और अभिभावकों नेे छात्राओं को पढ़ाई में आ रही परेशानी पर मंथन किया, साथ ही कहा कि विशेषकर अभिभावकों ओर शिक्षकों का मार्गदर्शन बच्चों के जीवन जीने की शैली को बहुत हद तक प्रभावित करता है। हमें उनकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों के प्रति भी जागरूक करना होगा। ऐसा नहीं करते हैं तो युवा पीढ़ी अपने जीवन और उनके दायित्वों के बारे में जिम्मेदार नहीं हो पाएगी।
प्राचार्य डॉ. स्मिता जैन ने अभिभावकों से महाविद्यालय विकास के लिए मिले सुझावों को सबसे साझा किया। अधिकतर अभिभावकों की मांग थी कि महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कक्षाओं की शुरुआत की जाए, साथ ही जिन विषयों के प्राध्यापक नहीं है उनकी व्यवस्था हो। वहीं पुरातन छात्राओं से भी उनके विचार जाने जाएं।
कार्यक्रम में लगभग 50 पुरातन छात्राएं शामिल हुई। इस मौके पर संयोजक मनीषा भूषण, सह संयोजक डॉ. वंदना, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. अंबाप्रसाद, डॉ. राजधन, डॉ. भगवान सिंह, सलोनी, नाजिमा, शगूफी, अलीना, जैना, गुलनाज, उपासना, दिव्या आदि मौजूद रहे।
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प्राचार्य डॉ. स्मिता जैन ने अभिभावकों से महाविद्यालय विकास के लिए मिले सुझावों को सबसे साझा किया। अधिकतर अभिभावकों की मांग थी कि महाविद्यालय में स्नातकोत्तर कक्षाओं की शुरुआत की जाए, साथ ही जिन विषयों के प्राध्यापक नहीं है उनकी व्यवस्था हो। वहीं पुरातन छात्राओं से भी उनके विचार जाने जाएं।
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कार्यक्रम में लगभग 50 पुरातन छात्राएं शामिल हुई। इस मौके पर संयोजक मनीषा भूषण, सह संयोजक डॉ. वंदना, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. अंबाप्रसाद, डॉ. राजधन, डॉ. भगवान सिंह, सलोनी, नाजिमा, शगूफी, अलीना, जैना, गुलनाज, उपासना, दिव्या आदि मौजूद रहे।
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