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गले में नहीं होगा आईकार्ड तो.......कॉलेज में %नो एंट्री%
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बदायूं। डिग्री कॉलेजों मेें प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और कक्षाएं लगना शुरू होने लगी हैं। इसको ध्यान में रखते हुए सभी डिग्री कॉलेज प्रशासन ने फरमान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी विद्यार्थी अब बिना आई कार्ड के कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकेगा। कॉलेज में एंट्री लेनी है तो आईकार्ड लेकर आना ही होगा।
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में बिना आई कार्ड छात्र-छात्राओं की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसको ध्यान में रखते हुए सभी डिग्री कॉलेजों में भी इसको लागू किया गया है। ऐसे में अब जो भी छात्र-छात्राएं डिग्री कॉलेज में प्रवेश लेंगे, उनके पास में आई कार्ड होना बेहद जरूरी है। अन्यथा उनका प्रवेश कॉलेज में किसी भी हाल में नहीं होगा। कॉलेज प्रशासन की मानें तो इससे कॉलेज में अनुशासन कायम होगा साथ ही माहौल भी सुरक्षित रहेगा। कॉलेज में आने वाले बाहरी तत्वों को पहचानने में आसानी होगी।
मुख्य गेट पर तैनात रहेगा कर्मचारी
- सभी डिग्री कॉलेज के गेट पर कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, ताकि कॉलेज परिसर में कोई छात्र हंगामा करके जाता है, तो गेट पर तैनात कर्मचारी उन पर निगरानी रखेगा, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
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आईकार्ड से छात्र-छात्राओं की पहचान होती है कि वह किस कॉलेज के विद्यार्थी है। अगर कोई बात होती है, तो उनके आईकार्ड के जरिए उनकी पहचान करके उन पर कार्रवाई की जा सकेगी।
-संजीव सक्सेना, प्राचार्य, एनएमएसएन दास डिग्री कॉलेज बदायूं
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महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में बिना आई कार्ड छात्र-छात्राओं की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसको ध्यान में रखते हुए सभी डिग्री कॉलेजों में भी इसको लागू किया गया है। ऐसे में अब जो भी छात्र-छात्राएं डिग्री कॉलेज में प्रवेश लेंगे, उनके पास में आई कार्ड होना बेहद जरूरी है। अन्यथा उनका प्रवेश कॉलेज में किसी भी हाल में नहीं होगा। कॉलेज प्रशासन की मानें तो इससे कॉलेज में अनुशासन कायम होगा साथ ही माहौल भी सुरक्षित रहेगा। कॉलेज में आने वाले बाहरी तत्वों को पहचानने में आसानी होगी।
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मुख्य गेट पर तैनात रहेगा कर्मचारी
- सभी डिग्री कॉलेज के गेट पर कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, ताकि कॉलेज परिसर में कोई छात्र हंगामा करके जाता है, तो गेट पर तैनात कर्मचारी उन पर निगरानी रखेगा, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
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आईकार्ड से छात्र-छात्राओं की पहचान होती है कि वह किस कॉलेज के विद्यार्थी है। अगर कोई बात होती है, तो उनके आईकार्ड के जरिए उनकी पहचान करके उन पर कार्रवाई की जा सकेगी।
-संजीव सक्सेना, प्राचार्य, एनएमएसएन दास डिग्री कॉलेज बदायूं