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Budaun News: अतिरिक्त बस संचालन का चालकों परिचालकों ने किया विरोध, एआरएम से वार्ता टली
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रोडवेज बस स्टैंड पर खड़ी बसें। संवाद
बदायूं। बदायूं से वाया बिल्सी दिल्ली चलने वाली रोडवेज बसों के चालकों परिचालकों को अतिरिक्त रूट पर भी बसों के संचालन को कहा गया। इसका चालकों और परिचालकों ने विरोध करते हुए काम बंद कर दिया है। इस विवाद को सुलझाने के लिए सोमवार को एआरएम और रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बीच वार्ता होनी थी। कोर्ट में आवश्यक कार्य होने के कारण एआरएम के साथ वार्ता नहीं हो सकी है।
बिल्सी रोड पर शनिवार से रोडवेज ही चार बसों के चालक-परिचालकों ने अपनी सेवाएं नहीं दीं। इससे इस मार्ग के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एआरएम ने दूसरे चालक-परिचालकों को अन्य बसें देकर आवागमन सुचारू कराया। चालकों परिचालकों को कहना है कि जब से दिल्ली-बिल्सी रोड पर लगी बसों का संचालन शुरू हुआ है। उनको किसी दूसरे रूट पर नहीं भेजा गया। आरोप है कि अब उन्हें दातागंज आवागमन के लिए 60 किमी और बरेली आवागमन के लिए लगभग 106 किमी का अतिरिक्त संचालन की बाध्यता दे दी गई है। चालकों का कहना है कि दिल्ली तक की सेवा के बाद चालक-परिचालक वैसे ही थकान से पस्त हो जाते हैं। अतिरिक्त संचालन कैसे कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त संचालन के बाद भी उन्हें यात्री इतने नहीं मिल पाते कि डीजल का खर्च निकल सके। इससे होने वाले नुकसान को भी उनके खाते में चढ़ाया जाता है। इसलिए एआरएम की लागू अतिरिक्त संचालन का चालक परिचालक विरोध कर रहे हैं।
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परेशान हुए यात्री
शनिवार को अंतिम बस बिल्सी से भेजी गई थी। वह बस चालक परिचालकों के कहने पर बरेली रोड के बाइपास से करीब आठ किमी फेर से निकाली गई। बिल्सी जाने वासे लोग कचहरी, लालपुल और बहेड़ी मोड़ पर खड़े रहे। इस अंतिम सेवा के समय रात्रि साढ़े आठ बजे है, लेकिन यह डेढ़ घंटा देरी से संचालित हो सकी। यात्री दीपक, मोहित और सीताराम ने कहा कि बिल्सी की बस सेवाएं व्यवस्थित कराई जाय।
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- बिल्सी मार्ग पर रोडवेज की बस सेवाएं दुरुस्त रखने के लिए वह कृतसंकल्प हैं। जो स्टाॅफ विरोध की बात करता है, वह ठीक नहीं। यात्रियों को सुविधाएं निगम की प्राथमिकता है। बिल्सी की बसों का स्टाॅफ उनसे बात कर अपनी समस्या से अवगत करा सकता है। - अजय कुमार, एआरएम
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बिल्सी रोड पर शनिवार से रोडवेज ही चार बसों के चालक-परिचालकों ने अपनी सेवाएं नहीं दीं। इससे इस मार्ग के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एआरएम ने दूसरे चालक-परिचालकों को अन्य बसें देकर आवागमन सुचारू कराया। चालकों परिचालकों को कहना है कि जब से दिल्ली-बिल्सी रोड पर लगी बसों का संचालन शुरू हुआ है। उनको किसी दूसरे रूट पर नहीं भेजा गया। आरोप है कि अब उन्हें दातागंज आवागमन के लिए 60 किमी और बरेली आवागमन के लिए लगभग 106 किमी का अतिरिक्त संचालन की बाध्यता दे दी गई है। चालकों का कहना है कि दिल्ली तक की सेवा के बाद चालक-परिचालक वैसे ही थकान से पस्त हो जाते हैं। अतिरिक्त संचालन कैसे कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त संचालन के बाद भी उन्हें यात्री इतने नहीं मिल पाते कि डीजल का खर्च निकल सके। इससे होने वाले नुकसान को भी उनके खाते में चढ़ाया जाता है। इसलिए एआरएम की लागू अतिरिक्त संचालन का चालक परिचालक विरोध कर रहे हैं।
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परेशान हुए यात्री
शनिवार को अंतिम बस बिल्सी से भेजी गई थी। वह बस चालक परिचालकों के कहने पर बरेली रोड के बाइपास से करीब आठ किमी फेर से निकाली गई। बिल्सी जाने वासे लोग कचहरी, लालपुल और बहेड़ी मोड़ पर खड़े रहे। इस अंतिम सेवा के समय रात्रि साढ़े आठ बजे है, लेकिन यह डेढ़ घंटा देरी से संचालित हो सकी। यात्री दीपक, मोहित और सीताराम ने कहा कि बिल्सी की बस सेवाएं व्यवस्थित कराई जाय।
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- बिल्सी मार्ग पर रोडवेज की बस सेवाएं दुरुस्त रखने के लिए वह कृतसंकल्प हैं। जो स्टाॅफ विरोध की बात करता है, वह ठीक नहीं। यात्रियों को सुविधाएं निगम की प्राथमिकता है। बिल्सी की बसों का स्टाॅफ उनसे बात कर अपनी समस्या से अवगत करा सकता है। - अजय कुमार, एआरएम